हंगर इंडेक्स में इंडिया की रैंकिंग गिरकर पहुंची 111, सरकार ने रैंकिंग को नकारते हुए बताया गलत जानकारी देने का हॉलमार्क
Chandresh Sharma | Oct 14, 2023, 24:00 IST
हंगर इंडेक्स में इंडिया की रैंकिंग गिरकर पहुंची 111, सरकार ने रैंकिंग को नकारते हुए बताया गलत जानकारी देने का हॉलमार्क
शुक्रवार को 125 देशों के हंगर इंडेक्स के आंकड़े जारी हुए। जिसमें भारत की रैंकिंग इस बार 4 पायदान गिरकर 111 आई है। सरकार ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स को नकारते हुए उसके मापन के तरीकों पर ही सवाल खड़े कर रही है।
NEW DELHI. शुक्रवार को 125 देशों के हंगर इंडेक्स के आंकड़े जारी हुए। जिसमें भारत की रैंकिंग इस बार 4 पायदान गिरकर 111 आई है। ताज्जुब इस बात पर भी है कि इंडेक्स में पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे पड़ोसी मुल्कों जहां भयंकर रूप से महंगाई का आलम है, उनकी स्थिति इंडिया से बेहतर बताई जा रही है। इधर सरकार ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स को नकारते हुए उसके मापन के तरीकों पर ही सवाल खड़े कर रही है।
यह रिपोर्ट जर्मनी की एनजीओ वेल्ट हंगर हिल्फ और आयरलैंड के एनजीओ कंसर्न वर्ल्डवाइड मिलकर जारी करते हैं। इन संस्थाओं का मकसद दुनियाभर के देशों में 4 पैमानों पर गरीबी और भुखमरी के बारे में पता लगाने का है। ये संस्थान कुपोषण, बाल मृत्यु दर और उम्र के हिसाब से वजन और लंबाई के आधार पर आबादी के कुल हिस्से में से उस हिस्से को कैलकुलेट करते हैं जिन्हें रोजाना पर्याप्त मात्रा में कैलोरी नहीं मिल रही है।
सरकार ने इसलिए बताया गलत
भारत सरकार ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रैंकिंग को नकार चुकी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से यहां तक कह दिया गया है कि गलत जानकारी देना ग्लोबल हंगर इंडेक्स का हॉलमार्क बन चुका है। सरकार ने डेटा कलेक्ट करने के तरीकों पर भी सवालिया निशान लगाए हैं। सरकार का यह भी तर्क है कि मात्र 3000 हजार लोगों के सैंपल से संस्था हकीकत का पता लगाती है जो विश्वसनीय नहीं है।
यह रिपोर्ट जर्मनी की एनजीओ वेल्ट हंगर हिल्फ और आयरलैंड के एनजीओ कंसर्न वर्ल्डवाइड मिलकर जारी करते हैं। इन संस्थाओं का मकसद दुनियाभर के देशों में 4 पैमानों पर गरीबी और भुखमरी के बारे में पता लगाने का है। ये संस्थान कुपोषण, बाल मृत्यु दर और उम्र के हिसाब से वजन और लंबाई के आधार पर आबादी के कुल हिस्से में से उस हिस्से को कैलकुलेट करते हैं जिन्हें रोजाना पर्याप्त मात्रा में कैलोरी नहीं मिल रही है।
सरकार ने इसलिए बताया गलत
भारत सरकार ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रैंकिंग को नकार चुकी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से यहां तक कह दिया गया है कि गलत जानकारी देना ग्लोबल हंगर इंडेक्स का हॉलमार्क बन चुका है। सरकार ने डेटा कलेक्ट करने के तरीकों पर भी सवालिया निशान लगाए हैं। सरकार का यह भी तर्क है कि मात्र 3000 हजार लोगों के सैंपल से संस्था हकीकत का पता लगाती है जो विश्वसनीय नहीं है।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava