आईपीएस शैलेन्द्र श्रीवास्तव की किताब: इंदौर के कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग में दर्जी का हाथ, दो दशक बाद भी है वो फरार, डॉन दाऊद इब्राहिम से था कनेक्शन
Ravi Singh | Aug 19, 2024, 21:23 IST
Don Dawood Ibrahim
इंदौर के एक कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग के मामले में मुख्य आरोपी दो दशक बाद भी फरार है। यह आरोपी एक मामूली सा दर्जी था लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि, इसके तार दाऊद इब्राहिम से जुड़े हैं।
इंदौर के एक कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग के मामले में मुख्य आरोपी दो दशक बाद भी फरार है। यह आरोपी एक मामूली सा दर्जी था लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि, इसके तार दाऊद इब्राहिम से जुड़े हैं। इन सभी बातों का खुलासा सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने अपनी किताब में किए है। इस किताब में ऐसा बहुत कुछ है जिसे पढ़ने के बाद आप चौक जाएंगे..।
दरअसल, 17 अगस्त 2005 को इंदौर के एक कारोबारी के बेटे का अपहरण हुआ था। कारोबारी के बेटे का नाम नितेश था। नितेश के पिता को किडनैपर्स ने कॉल करके 4 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। किडनैपर्स ने कारोबारी को पुलिस के पास जाकर शिकायत न करने की धमकी दी थी। कारोबार ने हिम्मत दिखाई और पुलिस के पास जाकर शिकायत कर दी।
इसके बाद नितेश का अपहरण कर लिया गया। इस मामले में एक दर्जी मुख्य आरोपी था। इसका नाम था इस्माइल। यहां चौकाने वाली बात यह है कि, इस्माइल की मदद ध्रुव और गौरव ने की थी। दोनों ही नितेश के दोस्त थे। पुलिस ने जब नितेश अपहरण मामले की जांच के समय ध्रुव और गौरव से पूछताछ की तो इस्माइल के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस्माइल के बारें में क्या बड़ा खुलासा हुआ यह जानने से पहले नितेश अपहरण मामले को समझना जरुरी है।
इस्माइल को नितेश के अपहरण के लिए करोड़ों रुपए और खाड़ी देश में एक नौकरी ऑफर हुई थी। यह ऑफर आफताब में दिया था। आफताब 1997 में मुंबई से खाड़ी देश में भाग गया था। वहां पहुंचकर उसने क्राइम की दुनिया में कदम रख दिया था। बता दें कि, इस्माइल इस केस में अकेला नहीं था उसके अलावा मनीष, अमजद और इरदीस खान भी साजिशकर्ता थे।
अदालत में यह केस 2010 तक चला। इंदौर की अदालत ने मनीष, अमजद और इरदीस खान को उम्र कैद की साझा सुना दी और ध्रुव और गौरव समेत कुछ अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में अमजद और इरदीस खान 2020 - 21 में जेल से छूट गए लेकिन एक आरोपी कभी पुलिस के हाथ ही नहीं लगा।इसका नाम था इस्माइल।
दरअसल इस्माइल और रंधावा दो आरोपी पुलिस के चंगुल से बाहर रहे। इस्माइल शिवपुरी जिले का एक दर्जी था। दर्जी शायद बाहरी दुनिया के लिए लेकिन असल में उसके तार दाऊद इब्राहिम से जुड़े थे। आफताब जिसने उसे किडनैपिंग के लिए करोड़ों रुपए का ऑफर दिया था वह डॉन दाऊद इब्राहिम की गैंग का सदस्य था। अब यह समझना कोई मुश्किल बात नहीं है कि, इस्माइल किसका करीबी था।
दाऊद इब्राहिम की बेटी माहरूख की शादी साल 2005 में मक्का में हुई थी। उसकी शादी के लिए एक गाउन इस्माइल ने सिला था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि, इस्माइल द्वारा माहरूख के लिए गाउन सिले जाने के एक महीने बाद ही इंदौर के कारोबारी नितेश का अपहरण हुआ था।
ऊपर बताई गई सभी बातों का खुलासा IPS डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा प्रकाशित एक किताब में हुआ है। इस किताब में उन्होंने इस पूरे किस्से का बड़ी बारीकी से वर्णन किया है। 1986 बैच के IPS अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। 1994 में उन्हें एक माओवादी नेता की गिरफ्तारी के लिए पुरस्कार भी मिला है। अपनी किताब में उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
दरअसल, 17 अगस्त 2005 को इंदौर के एक कारोबारी के बेटे का अपहरण हुआ था। कारोबारी के बेटे का नाम नितेश था। नितेश के पिता को किडनैपर्स ने कॉल करके 4 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। किडनैपर्स ने कारोबारी को पुलिस के पास जाकर शिकायत न करने की धमकी दी थी। कारोबार ने हिम्मत दिखाई और पुलिस के पास जाकर शिकायत कर दी।
इसके बाद नितेश का अपहरण कर लिया गया। इस मामले में एक दर्जी मुख्य आरोपी था। इसका नाम था इस्माइल। यहां चौकाने वाली बात यह है कि, इस्माइल की मदद ध्रुव और गौरव ने की थी। दोनों ही नितेश के दोस्त थे। पुलिस ने जब नितेश अपहरण मामले की जांच के समय ध्रुव और गौरव से पूछताछ की तो इस्माइल के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस्माइल के बारें में क्या बड़ा खुलासा हुआ यह जानने से पहले नितेश अपहरण मामले को समझना जरुरी है।
किडनैपिंग क्यों की
इसके बाद क्या हुआ
अब इस्माइल के बारे में जानिए राज की बात
दाऊद इब्राहिम की बेटी के लिए सिला गाउन
इन सब बातों का खुलासा कैसे हुआ ?
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari