Jio IPO में कैसे लगाएं पैसा? कल से आवेदन शुरू, जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज और शेयर मिलने के नियम
Sumit Kumar | Oct 20, 2026, 22:04 IST
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO कल यानी 21 अक्टूबर से खुलेगा।
Jio IPO 2026: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO कल यानी 21 अक्टूबर से खुलने की जानकारी है। निवेशक 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। एक लॉट के लिए 13,428 रुपए लगाने होंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए अलग कोटा भी बताया गया है। आम निवेशक भी इसमें आवेदन कर सकेंगे।
जानिए आवेदन का तरीका, जरूरी रकम और शेयर मिलने के नियम।
कब खुलेगा जियो का
रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO निवेशकों के बीच चर्चा में है। दिए गए इश्यू विवरण के मुताबिक आवेदन की प्रक्रिया बुधवार 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। निवेशकों को 23 अक्टूबर तक शेयर खरीदने के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा।
इस IPO का कुल आकार 30 हजार 213 करोड़ रुपए बताया गया है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की तैयारी में है। इस रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होने की जानकारी दी गई है।
IPO का पूरा नाम इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial Public Offering) होता है। आसान भाषा में कंपनी पहली बार आम लोगों को अपने शेयर खरीदने का मौका देती है। शेयर खरीदने वाला निवेशक कंपनी में छोटी हिस्सेदारी का मालिक बन जाता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर बताया गया है। प्राइस बैंड का मतलब शेयर की कीमत की तय सीमा है। निवेशक इस सीमा के अंदर शेयर खरीदने के लिए अपनी बोली लगा सकते हैं।
एक लॉट में 12 शेयर रखे जाने की जानकारी दी गई है। ऊपरी कीमत के हिसाब से एक लॉट की कीमत 13,428 रुपए होगी। इसी तरह दो लॉट के लिए 26,856 रुपए लगाने होंगे।
निवेशक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार एक या अधिक लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि आवेदन करने का मतलब यह नहीं कि सभी निवेशकों को शेयर मिल ही जाएंगे।
जियो IPO में आवेदन करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयरधारक होना जरूरी नहीं है। सामान्य निवेशक भी रिटेल कैटेगरी के तहत शेयर खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए सबसे पहले निवेशक के पास डीमैट खाता होना चाहिए। इसके साथ PAN और बैंक खाते की जानकारी भी जरूरी होगी। निवेशक Groww, Zerodha और Angel One जैसे ब्रोकिंग ऐप से आवेदन कर सकते हैं।
सबसे पहले अपने ब्रोकिंग ऐप में लॉगिन करना होगा। इसके बाद IPO सेक्शन में जाकर उपलब्ध इश्यू की सूची देखनी होगी। यहां Jio Platforms IPO उपलब्ध होने पर उसका विकल्प चुनना होगा।
अब निवेशक को लॉट की संख्या और शेयर की कीमत भरनी होगी। इसके बाद UPI या ASBA के जरिए आवेदन पूरा किया जा सकेगा। UPI से आवेदन करने पर बैंक की तरफ से भुगतान की मंजूरी मांगी जाएगी। निर्धारित समय में मंजूरी देने के बाद आवेदन की रकम खाते में ब्लॉक हो जाएगी।
शेयर मिलने पर संबंधित रकम बैंक खाते से काट ली जाएगी। शेयर नहीं मिलने की स्थिति में ब्लॉक की गई रकम वापस उपलब्ध हो जाएगी।
आम निवेशकों के लिए IPO में अलग रिटेल कैटेगरी होती है। इस श्रेणी में सामान्य तौर पर दो लाख रुपए तक आवेदन किया जा सकता है।
जियो के दिए गए लॉट साइज के अनुसार एक लॉट के लिए 13,428 रुपए चाहिए होंगे। इस तरह छोटी रकम से भी पात्र निवेशकों को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
अगर कंपनी के शेयर IPO की कीमत से ऊपर लिस्ट होते हैं तो मुनाफा हो सकता है। दूसरी तरफ शेयर कम कीमत पर लिस्ट होने से नुकसान भी संभव है। इसलिए आम निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी का कारोबार और शेयर की कीमत समझनी चाहिए।
IPO में आवेदन करने वाले सभी निवेशकों को शेयर मिलना जरूरी नहीं होता। कई बार उपलब्ध शेयरों के मुकाबले आवेदन करने वालों की संख्या ज्यादा हो जाती है।
इसे ओवरसब्सक्रिप्शन (Oversubscription) कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो कंपनी के पास बेचने के लिए शेयर कम हैं। लेकिन उन्हें खरीदने वाले निवेशकों की मांग ज्यादा है।
ऐसी स्थिति में रिटेल श्रेणी के शेयर निर्धारित नियमों के अनुसार बांटे जाते हैं। बहुत ज्यादा आवेदन आने पर न्यूनतम लॉट का आवंटन लॉटरी से हो सकता है।
इसलिए ज्यादा रकम लगाने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती। अंतिम आवंटन उपलब्ध शेयरों और पात्र आवेदनों के आधार पर तय किया जाएगा।
जियो IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के मौजूदा शेयरधारकों के लिए अलग कोटा बताया गया है। इसके तहत करीब 2,500 करोड़ रुपए के शेयर आरक्षित रखने की जानकारी दी गई है। इस व्यवस्था का फायदा उन निवेशकों को मिल सकता है जिनके पास तय तारीख पर रिलायंस के शेयर थे।
शेयरधारक कोटे के लिए 14 अक्टूबर 2026 की पात्रता तारीख बताई गई है। इस तारीख पर पात्र रिकॉर्ड में शेयर रखने वाले निवेशक आवेदन कर सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक केवल एक रिलायंस शेयर रखने वाला निवेशक भी पात्र हो सकता है। हालांकि अंतिम पात्रता कंपनी के आधिकारिक ऑफर दस्तावेज की शर्तों से तय होगी।
पात्र रिलायंस शेयरधारकों को इस IPO में आवेदन का अतिरिक्त मौका मिलने की जानकारी है। वे शेयरधारक श्रेणी के अलावा सामान्य रिटेल कैटेगरी में भी आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा तभी लागू होगी जब कंपनी के ऑफर दस्तावेज में दोनों आवेदनों की अनुमति हो।
मान लीजिए किसी निवेशक के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के दस शेयर हैं। वह शेयरधारक कोटे में एक लॉट के लिए आवेदन करता है। इसके अलावा रिटेल कैटेगरी में भी अलग से एक लॉट का आवेदन कर सकता है।
इस तरह निवेशक को दो अलग श्रेणियों में शेयर पाने का मौका मिल सकता है। हालांकि दोनों जगह शेयर मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी।
एक ही PAN से एक श्रेणी में कई आवेदन करने से बचना चाहिए। ऐसे आवेदन डुप्लिकेट मानकर खारिज किए जा सकते हैं।
रिलायंस शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में दो लाख रुपए तक आवेदन की सीमा बताई गई है। ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार एक लॉट में 12 शेयर होंगे।
इस हिसाब से 14 लॉट में कुल 168 शेयर मिलाकर आवेदन किया जा सकता है। इनके लिए 1 लाख 87 हजार 992 रुपए की जरूरत होगी।
शेयरधारक श्रेणी में अनुपात के आधार पर आवंटन की व्यवस्था बताई गई है। इसका मतलब उपलब्ध शेयरों और कुल पात्र मांग के अनुसार आवंटन तय होगा।
हालांकि अधिक शेयरों के लिए आवेदन करने से आवंटन पक्का नहीं होता। अंतिम फैसला मांग और आधिकारिक आवंटन नियमों के आधार पर होगा।
IPO खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के ग्रे मार्केट प्रीमियम की भी चर्चा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 20 अक्टूबर को GMP करीब 245 रुपए बताया गया है।
यहां आपको बता दें कि GMP का मतलब ग्रे मार्केट प्रीमियम होता है। यह शेयर बाजार के बाहर चलने वाली अनौपचारिक मांग का संकेत देता है।
इसे एक आसान उदाहरण से समझिए। जियो IPO की ऊपरी कीमत 1,119 रुपए प्रति शेयर बताई गई है। इसमें 245 रुपए का प्रीमियम जोड़ने पर कीमत 1,364 रुपए बनती है।
यह IPO की ऊपरी कीमत से लगभग 22 फीसदी ज्यादा है। इसी वजह से संभावित लिस्टिंग मुनाफे को लेकर बाजार में चर्चा है।
हालांकि GMP कोई आधिकारिक शेयर कीमत नहीं होती। यह लिस्टिंग से पहले कभी भी बढ़ या घट सकता है। इसलिए इसे पक्के मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता।
दिए गए कार्यक्रम के अनुसार IPO में आवेदन की आखिरी तारीख 23 अक्टूबर होगी। इसके बाद 26 अक्टूबर को शेयरों का आवंटन अंतिम रूप लेने की उम्मीद है।
शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने की जानकारी दी गई है। आवंटन के बाद निवेशक रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर अपना स्टेटस देख सकेंगे।
इसके लिए PAN या आवेदन नंबर जैसी जानकारी इस्तेमाल की जा सकती है। शेयर मिलने पर वे निवेशक के डीमैट खाते में जमा कर दिए जाएंगे।
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से करीब 30,213 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बताई गई है। इसमें लगभग 27,500 करोड़ रुपए कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल होने की जानकारी है।
यह रकम रिलायंस जियो इन्फोकॉम की उधारी कम करने में इस्तेमाल हो सकती है। बाकी रकम कंपनी की सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च किए जाने की योजना है।
कर्ज कम होने से कंपनी के ब्याज खर्च में कमी आ सकती है। हालांकि इसका वास्तविक फायदा कंपनी के वित्तीय हालात पर निर्भर करेगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए भी IPO में अलग कोटा होने की जानकारी है। इस श्रेणी में करीब 500 करोड़ रुपए के शेयर आरक्षित रखने की बात कही गई है।
पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपए की छूट मिलने का भी विवरण दिया गया है। हालांकि इस सुविधा का लाभ निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगा।
Jio IPO को लेकर निवेशकों में काफी उत्सुकता दिखाई दे रही है। लेकिन केवल कंपनी के नाम और GMP के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।निवेशकों को सबसे पहले कंपनी का आधिकारिक ऑफर दस्तावेज पढ़ना चाहिए। इसमें कंपनी की कमाई, कर्ज और कारोबार से जुड़े जोखिम की जानकारी होती है।
इसके अलावा शेयर की कीमत और कंपनी के कुल मूल्यांकन को समझना भी जरूरी है। मूल्यांकन का मतलब बाजार में कंपनी की अनुमानित कुल कीमत से है। जिन निवेशकों के पास रिलायंस के शेयर हैं, उन्हें अपनी पात्रता जांचनी चाहिए। वहीं आम निवेशकों को रिटेल कैटेगरी में आवेदन की शर्तें समझनी चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि IPO में निवेश करने से मुनाफा निश्चित नहीं होता। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ भी सकती है और गिर भी सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसे किसी IPO या शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम वास्तविक लिस्टिंग मुनाफे की गारंटी नहीं देता। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज और SEBI के नियमों की जांच करें। जरूरत पड़ने पर SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें।)
कब खुलेगा जियो का IPO ?
इस IPO का कुल आकार 30 हजार 213 करोड़ रुपए बताया गया है। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की तैयारी में है। इस रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होने की जानकारी दी गई है।
IPO का पूरा नाम इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial Public Offering) होता है। आसान भाषा में कंपनी पहली बार आम लोगों को अपने शेयर खरीदने का मौका देती है। शेयर खरीदने वाला निवेशक कंपनी में छोटी हिस्सेदारी का मालिक बन जाता है।
कितने रुपए का मिलेगा शेयर?
एक लॉट में 12 शेयर रखे जाने की जानकारी दी गई है। ऊपरी कीमत के हिसाब से एक लॉट की कीमत 13,428 रुपए होगी। इसी तरह दो लॉट के लिए 26,856 रुपए लगाने होंगे।
निवेशक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार एक या अधिक लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि आवेदन करने का मतलब यह नहीं कि सभी निवेशकों को शेयर मिल ही जाएंगे।
आम निवेशक कैसे करें आवेदन?
इसके लिए सबसे पहले निवेशक के पास डीमैट खाता होना चाहिए। इसके साथ PAN और बैंक खाते की जानकारी भी जरूरी होगी। निवेशक Groww, Zerodha और Angel One जैसे ब्रोकिंग ऐप से आवेदन कर सकते हैं।
सबसे पहले अपने ब्रोकिंग ऐप में लॉगिन करना होगा। इसके बाद IPO सेक्शन में जाकर उपलब्ध इश्यू की सूची देखनी होगी। यहां Jio Platforms IPO उपलब्ध होने पर उसका विकल्प चुनना होगा।
अब निवेशक को लॉट की संख्या और शेयर की कीमत भरनी होगी। इसके बाद UPI या ASBA के जरिए आवेदन पूरा किया जा सकेगा। UPI से आवेदन करने पर बैंक की तरफ से भुगतान की मंजूरी मांगी जाएगी। निर्धारित समय में मंजूरी देने के बाद आवेदन की रकम खाते में ब्लॉक हो जाएगी।
शेयर मिलने पर संबंधित रकम बैंक खाते से काट ली जाएगी। शेयर नहीं मिलने की स्थिति में ब्लॉक की गई रकम वापस उपलब्ध हो जाएगी।
आम निवेशकों को क्या फायदा?
जियो के दिए गए लॉट साइज के अनुसार एक लॉट के लिए 13,428 रुपए चाहिए होंगे। इस तरह छोटी रकम से भी पात्र निवेशकों को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
अगर कंपनी के शेयर IPO की कीमत से ऊपर लिस्ट होते हैं तो मुनाफा हो सकता है। दूसरी तरफ शेयर कम कीमत पर लिस्ट होने से नुकसान भी संभव है। इसलिए आम निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी का कारोबार और शेयर की कीमत समझनी चाहिए।
आम निवेशकों को शेयर कैसे मिलेंगे?
इसे ओवरसब्सक्रिप्शन (Oversubscription) कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो कंपनी के पास बेचने के लिए शेयर कम हैं। लेकिन उन्हें खरीदने वाले निवेशकों की मांग ज्यादा है।
ऐसी स्थिति में रिटेल श्रेणी के शेयर निर्धारित नियमों के अनुसार बांटे जाते हैं। बहुत ज्यादा आवेदन आने पर न्यूनतम लॉट का आवंटन लॉटरी से हो सकता है।
इसलिए ज्यादा रकम लगाने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती। अंतिम आवंटन उपलब्ध शेयरों और पात्र आवेदनों के आधार पर तय किया जाएगा।
RIL शेयरधारकों को क्या फायदा?
शेयरधारक कोटे के लिए 14 अक्टूबर 2026 की पात्रता तारीख बताई गई है। इस तारीख पर पात्र रिकॉर्ड में शेयर रखने वाले निवेशक आवेदन कर सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक केवल एक रिलायंस शेयर रखने वाला निवेशक भी पात्र हो सकता है। हालांकि अंतिम पात्रता कंपनी के आधिकारिक ऑफर दस्तावेज की शर्तों से तय होगी।
दो कैटेगरी में कैसे करें आवेदन?
मान लीजिए किसी निवेशक के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के दस शेयर हैं। वह शेयरधारक कोटे में एक लॉट के लिए आवेदन करता है। इसके अलावा रिटेल कैटेगरी में भी अलग से एक लॉट का आवेदन कर सकता है।
इस तरह निवेशक को दो अलग श्रेणियों में शेयर पाने का मौका मिल सकता है। हालांकि दोनों जगह शेयर मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी।
एक ही PAN से एक श्रेणी में कई आवेदन करने से बचना चाहिए। ऐसे आवेदन डुप्लिकेट मानकर खारिज किए जा सकते हैं।
शेयरधारक कितना पैसा लगा सकते हैं?
इस हिसाब से 14 लॉट में कुल 168 शेयर मिलाकर आवेदन किया जा सकता है। इनके लिए 1 लाख 87 हजार 992 रुपए की जरूरत होगी।
शेयरधारक श्रेणी में अनुपात के आधार पर आवंटन की व्यवस्था बताई गई है। इसका मतलब उपलब्ध शेयरों और कुल पात्र मांग के अनुसार आवंटन तय होगा।
हालांकि अधिक शेयरों के लिए आवेदन करने से आवंटन पक्का नहीं होता। अंतिम फैसला मांग और आधिकारिक आवंटन नियमों के आधार पर होगा।
GMP से कितने मुनाफे का संकेत?
यहां आपको बता दें कि GMP का मतलब ग्रे मार्केट प्रीमियम होता है। यह शेयर बाजार के बाहर चलने वाली अनौपचारिक मांग का संकेत देता है।
इसे एक आसान उदाहरण से समझिए। जियो IPO की ऊपरी कीमत 1,119 रुपए प्रति शेयर बताई गई है। इसमें 245 रुपए का प्रीमियम जोड़ने पर कीमत 1,364 रुपए बनती है।
यह IPO की ऊपरी कीमत से लगभग 22 फीसदी ज्यादा है। इसी वजह से संभावित लिस्टिंग मुनाफे को लेकर बाजार में चर्चा है।
हालांकि GMP कोई आधिकारिक शेयर कीमत नहीं होती। यह लिस्टिंग से पहले कभी भी बढ़ या घट सकता है। इसलिए इसे पक्के मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता।
शेयर कब मिलेंगे और लिस्टिंग कब?
शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने की जानकारी दी गई है। आवंटन के बाद निवेशक रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर अपना स्टेटस देख सकेंगे।
इसके लिए PAN या आवेदन नंबर जैसी जानकारी इस्तेमाल की जा सकती है। शेयर मिलने पर वे निवेशक के डीमैट खाते में जमा कर दिए जाएंगे।
IPO का पैसा कहां जाएगा?
यह रकम रिलायंस जियो इन्फोकॉम की उधारी कम करने में इस्तेमाल हो सकती है। बाकी रकम कंपनी की सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च किए जाने की योजना है।
कर्ज कम होने से कंपनी के ब्याज खर्च में कमी आ सकती है। हालांकि इसका वास्तविक फायदा कंपनी के वित्तीय हालात पर निर्भर करेगा।
कर्मचारियों को भी मिलेगा मौका?
पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपए की छूट मिलने का भी विवरण दिया गया है। हालांकि इस सुविधा का लाभ निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगा।
पैसा लगाने से पहले क्या देखें?
इसके अलावा शेयर की कीमत और कंपनी के कुल मूल्यांकन को समझना भी जरूरी है। मूल्यांकन का मतलब बाजार में कंपनी की अनुमानित कुल कीमत से है। जिन निवेशकों के पास रिलायंस के शेयर हैं, उन्हें अपनी पात्रता जांचनी चाहिए। वहीं आम निवेशकों को रिटेल कैटेगरी में आवेदन की शर्तें समझनी चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि IPO में निवेश करने से मुनाफा निश्चित नहीं होता। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ भी सकती है और गिर भी सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसे किसी IPO या शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम वास्तविक लिस्टिंग मुनाफे की गारंटी नहीं देता। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज और SEBI के नियमों की जांच करें। जरूरत पड़ने पर SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें।
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