जस्टिस बीआर गवई बने भारत के 52वें चीफ जस्टिस: देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित CJI
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 14, 2025, 11:37 IST
CJI BR Gavai
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में शपथ ली। वे देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित CJI हैं।
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने 14 मई 2025 को भारत के नए मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में शपथ ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस गवई को इस पद की शपथ दिलाई। वे भारत के 52वें CJI बने हैं। जस्टिस संजीव खन्नाका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हुआ, जिसके बाद वरिष्ठता के आधार पर जस्टिस गवई का नाम आगे बढ़ाया गया। मुख्य न्यायाधीश के इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत सभी कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।
जस्टिस गवई का कार्यकाल मात्र सात महीने का रहेगा और वे 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद वरिष्ठता क्रम में जस्टिस सूर्यकांत का नाम आता है, जिन्हें 53वां CJI बनाए जाने की संभावना है।
जस्टिस गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उन्होंने 1985 में अपने करियर की शुरुआत की। बॉम्बे हाईकोर्ट में 1987 में स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू की। इसके बाद 1992-93 में वे सहायक सरकारी वकील और एडीशनल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर नागपुर बेंच रहे। 14 नवंबर 2003 को एडिशनल जज, बॉम्बे हाईकोर्ट बने। 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति हुई। जस्टिस बीआर गवई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अमरावती के एक साधारण स्कूल से प्राप्त की और अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर ऊंचे पद तक पहुंचे हैं।
ये भी पढ़ें:
रिटायरमेंट के बाद मैं तो... CJI बनने के दो दिन पहले जस्टिस बीआर गवई का बड़ा बयान
जस्टिस गवई भारत के पहले बौद्ध और दूसरे दलित CJI हैं। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन 2007 में यह पद संभाल चुके हैं।
डिमॉनेटाइजेशन (Demonetisation) के फैसले को वैध ठहराना
चुनावी बॉन्ड (Electoral Bonds) योजना को असंवैधानिक घोषित करना
पद की शपथ लेने के तुरंत बाद CJI गवई ने सबसे पहले अपनी मां कमलताई गवई के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जस्टिस बीआर गवई की मां, कमलताई गवई ने बेटे की सफलता पर गर्व और भरोसा जताया। उन्होंने कहा- एक मां के तौर पर, मेरी इच्छा थी और मैं हमेशा चाहती थी कि मेरा बेटा अपने पिता के मार्गदर्शन में समाज की सेवा करे, लोगों को सम्मान दे और उनके साथ निष्पक्ष न्याय करे, बिना किसी भेदभाव के। आज यह हम सब के लिए खुशी का बहुत बड़ा पल है।
कमलताई गवई ने अपने बेटे की कठिन यात्रा को भी साझा किया और कहा- वह बहुत छोटी उम्र से ही कई कठिनाइयों का सामना करते हुए और कई चुनौतियों को पार करते हुए आज इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे हैं।
thesootr links
केवल 7 महीने का कार्यकाल
प्रोफेशनल सफर
ये भी पढ़ें:
रिटायरमेंट के बाद मैं तो... CJI बनने के दो दिन पहले जस्टिस बीआर गवई का बड़ा बयान
देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित CJI
ऐतिहासिक फैसलों में अहम भूमिका
चुनावी बॉन्ड (Electoral Bonds) योजना को असंवैधानिक घोषित करना
मां के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
कमलताई गवई ने अपने बेटे की कठिन यात्रा को भी साझा किया और कहा- वह बहुत छोटी उम्र से ही कई कठिनाइयों का सामना करते हुए और कई चुनौतियों को पार करते हुए आज इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari