रिटायरमेंट के बाद मैं तो... CJI बनने के दो दिन पहले जस्टिस बीआर गवई का बड़ा बयान
Jitendra Shrivastava | May 13, 2025, 18:05 IST
Photograph: (THESOOTR)
भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने कहा है कि वह सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी प्रकार के पद को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इंकार किया और कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कोई कार्यभार नहीं लेंगे।
भारत के न्यायपालिका में एक अहम नाम, जस्टिस बीआर गवई ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। आगामी 2 दिन में भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने जा रहे जस्टिस बीआर गवई ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है और वह सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी प्रकार का कार्यभार नहीं लेंगे। यह बयान उन अफवाहों के बीच आया है जो अक्सर न्यायधीशों की सेवानिवृत्ति के बाद उनके राजनीतिक करियर को लेकर चलती रहती हैं।
जस्टिस गवई का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के उनके संकल्प को दर्शाता है। पीटीआई के अनुसार पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में जस्टिस गवई ने यह बात कही कि वह सेवानिवृत्त होने के बाद किसी भी पद को स्वीकार नहीं करेंगे, चाहे वह राजनीतिक हो या प्रशासनिक। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके निजी विचारों और न्यायपालिका के प्रति उनके कर्तव्यबोध से प्रेरित है।
ये खबर भी पढ़ें...
कम रिजल्ट वाले 15 जिलों के डीईओ पर लटकी तलवार, जहां सरप्लस शिक्षक वहीं के स्कूल पिछड़े
जस्टिस गवई से जब यह सवाल पूछा गया कि क्या पूर्व मुख्य न्यायधीशों को राज्यपाल जैसे पद स्वीकार करने चाहिए, तो उन्होंने इसका साफ तौर पर जवाब दिया। उनका कहना था कि "पूर्व सीजेआई के लिए राज्यपाल का पद संविधान और प्रोटोकॉल में सीजेआई के पद से नीचे आता है।" हालांकि, गवई ने यह भी कहा कि वह दूसरों की ओर से बोलने का कोई अधिकार नहीं रखते। यह बयान पूर्व सीजेआई जस्टिस पी. सदाशिवम और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के संदर्भ में था।
ये खबरें भी पढ़ें...
किसानों के खेत में उतरेगी कृषि वैज्ञानिकों की टीम, मिट्टी में कौन सी फसल उगलेगी सोना
ट्रोलिंग के शिकार विक्रम मिसरी को IAS-IPS का समर्थन, नेताओं ने भी की निंदा
जस्टिस गवई ने अपनी हालिया यात्रा के बारे में भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने मणिपुर का दौरा किया था। मणिपुर में चल रहे संघर्ष को लेकर उनकी राय थी कि यह राज्य बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है और वहां की समस्याओं को समझने के लिए स्थानीय लोगों से मिलना जरूरी था। इसके अलावा, जब उनसे पूछा गया कि क्या एक न्यायाधीश को राजनेताओं से मुलाकात करनी चाहिए, तो गवई ने कहा कि "एक न्यायाधीश किसी अलग दुनिया में नहीं रहता है। जब तक वह विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से नहीं मिलता, तब तक वह उन मुद्दों को ठीक से नहीं समझ सकता जो समाज को प्रभावित कर रहे हैं।"
ये खबर भी पढ़ें...
27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भोपाल में जुटेगी ओबीसी महासभा
भारत में संसद और न्यायपालिका के बीच चल रहे टकराव के सवाल पर जस्टिस गवई ने कहा कि "संविधान सर्वोच्च है।" उन्होंने केशवानंद भारती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सर्वोच्चता को 13 न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट रूप से स्थापित किया है। यह बयान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा संसद की सर्वोच्चता के बारे में दिए गए दावे के संदर्भ में था। गवई का कहना था कि न्यायपालिका और संसद दोनों को संविधान द्वारा निर्धारित दायरे में काम करना चाहिए।
रिटायरमेंट | देश दुनिया न्यूज
सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद नहीं करेंगे स्वीकार
ये खबर भी पढ़ें...
कम रिजल्ट वाले 15 जिलों के डीईओ पर लटकी तलवार, जहां सरप्लस शिक्षक वहीं के स्कूल पिछड़े
पूर्व सीजेआई के राज्यपाल बनने पर गवई ने कहा-
ये खबरें भी पढ़ें...
किसानों के खेत में उतरेगी कृषि वैज्ञानिकों की टीम, मिट्टी में कौन सी फसल उगलेगी सोना
ट्रोलिंग के शिकार विक्रम मिसरी को IAS-IPS का समर्थन, नेताओं ने भी की निंदा
मणिपुर यात्रा पर बोले- जस्टिस गवई
ये खबर भी पढ़ें...
27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर भोपाल में जुटेगी ओबीसी महासभा
संसद की सर्वोच्चता पर जस्टिस गवई का बयान
रिटायरमेंट | देश दुनिया न्यूज
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava