जिंदा रहूं इस मातृभूमि के लिए, मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए, कारगिल दिवस पर जानिए युद्ध के वो 84 दिन
Manya Jain | Jul 25, 2025, 19:48 IST
kargil war 26 years anniversary
कारगिल युद्ध, जिसे "ऑपरेशन विजय" कहा जाता है, 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के कर्गिल क्षेत्र में लड़ा गया। यह युद्ध भारतीय सेना के साहस और शौर्य को दर्शाता है, और भारतीयों के दिलों में देशभक्ति को जागृत करता है।
कारगिल युद्ध, जिसे "ऑपरेशन विजय" कारगिल दिवसके नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास का एक जरूरी अध्याय है। यह युद्ध 1999 में भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में लड़ा गया था।
आज, 2025 में 26 July kargil vijay diwas मनाया जा रहा है, जो भारतीय सेना के साहस, बलिदान और शौर्य को याद करने का खास दिन है।
कारगिल युद्ध ने भारतीय सेना की ताकत को साबित किया और इस युद्ध ने देशवासियों के दिलों में एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।
कारगिल युद्ध की शुरुआत पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ करने से हुई थी। 3 मई 1999 को पाकिस्तान ने कारगिल क्षेत्र में अपनी सैन्य टुकड़ियां भेजी और महत्वपूर्ण रणनीतिक पहाड़ी क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया।
यह भारतीय सेना के लिए एक चेतावनी थी और इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए "ऑपरेशन विजय" की शुरुआत की।
इस युद्ध में भारतीय वायु सेना ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। "ऑपरेशन सफेद सागर" के तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे दुश्मन को भारी नुकसान हुआ।
भारतीय सेना के साथ-साथ वायु सेना ने भी अपनी शक्ति का भरपूर प्रदर्शन किया और यह युद्ध की दिशा बदलने में मददगार साबित हुई।
🪖 कठिन परिस्थितियां और
कारगिल के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में युद्ध लड़ना भारतीय सैनिकों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। वहां के ऊंचे पहाड़, बर्फीली ठंडी हवाएं और कठिन परिस्थितियां उनके साहस को परखने वाली थीं।
फिर भी भारतीय सैनिकों ने इन परिस्थितियों का डटकर सामना किया और पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल से खदेड़ दिया। इस युद्ध में भारत ने भारी बलिदान और क करगिल शहीद दिए, लेकिन अंततः भारतीय सेना की दृढ़ता और वीरता ने विजय (kargil victory) दिलाई।
कारगिल युद्ध के बाद भारत ने करगिल क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया और पाकिस्तान को अपनी हार स्वीकार करनी पड़ी।
इस युद्ध को "कारगिल विजय दिवस" के रूप में मनाया जाता है, और यह दिन भारतीय सेना के वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन बन गया।
कारगिल युद्ध ने न केवल भारतीय सेना को साबित किया, बल्कि पूरे देश को यह संदेश दिया कि भारतीय सैनिक किसी भी मुश्किल को पार कर अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
इस युद्ध की 26वीं सालगिरह पर हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमारे देश की सीमा को सुरक्षित किया।
करगिल युद्ध ने भारत में राष्ट्रीयता और एकता की भावना को और मजबूत किया, और यह युद्ध हमेशा भारतीय इतिहास में एक अमूल्य धरोहर रहेगा।
thesootr links
आज, 2025 में 26 July kargil vijay diwas मनाया जा रहा है, जो भारतीय सेना के साहस, बलिदान और शौर्य को याद करने का खास दिन है।
कारगिल युद्ध ने भारतीय सेना की ताकत को साबित किया और इस युद्ध ने देशवासियों के दिलों में एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।
🎖️ कारगिल युद्ध की शुरुआत
यह भारतीय सेना के लिए एक चेतावनी थी और इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए "ऑपरेशन विजय" की शुरुआत की।
✈️ भारतीय वायु सेना का योगदान
भारतीय सेना के साथ-साथ वायु सेना ने भी अपनी शक्ति का भरपूर प्रदर्शन किया और यह युद्ध की दिशा बदलने में मददगार साबित हुई।
कारगिल विजय युद्ध की कहानी3 मई 1999: एक बातचीत से कश्मीर के कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों की जानकारी मिली, जिसे भारतीय सेना को बताया गया।5 मई 1999: पाकिस्तानी सैनिकों ने कारगिल में महत्वपूर्ण स्थानों पर कब्जा कर लिया और भारतीय सैनिकों पर गोलाबारी शुरू की, जिससे 5 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। 9 मई 1999: पाकिस्तानी सैनिकों ने कारगिल में मजबूत पकड़ बना ली और भारतीय सैनिकों पर भारी गोलाबारी शुरू की। 10 मई 1999: पाकिस्तान ने "ऑपरेशन विजय" की शुरुआत की, और भारतीय सेना ने अपनी रक्षा शुरू की। 26 मई 1999: भारतीय वायु सेना ने "ऑपरेशन सफेद सागर" शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तानी सैन्य ढांचों पर हवाई हमले किए गए। 27-28 मई 1999: भारतीय वायु सेना के तीन विमान (MiG-27, Mi-17 और एक अन्य) पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा मार गिराए गए। 31 मई 1999: भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात की घोषणा की और सैन्य कार्रवाई तेज की। 5 जून 1999: भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैनिकों पर भारी तोपख़ाने और हवाई हमले शुरू किए। 13 जून 1999: भारतीय सेना ने कारगिल पर फिर से कब्जा करने और खोई हुई ज़मीन को वापस प्राप्त करने के लिए पलटवार शुरू किया। 15 जून 1999: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान से कारगिल से अपनी सेनाओं को वापस बुलाने का दबाव डाला। 5 जुलाई 1999: नवाज शरीफ ने कारगिल से पाकिस्तानी सैनिकों की वापसी की घोषणा की। 12 जुलाई 1999: नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना को कारगिल से हटने के बारे में सूचित किया और भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया के बारे में बताया। 14 जुलाई 1999: पाकिस्तान सरकार ने ऑपरेशन विजय की विफलता स्वीकार की और नागरिकों को इसके परिणामों के बारे में बताया। 26 जुलाई 1999: कारगिल युद्ध समाप्त हुआ। भारतीय सेना ने विजय प्राप्त की, और सैनिकों की वीरता को करगिल विजय दिवस के रूप में मनाया गया। | |
🪖 कठिन परिस्थितियां और कारगिल शहीदों की कहानी
फिर भी भारतीय सैनिकों ने इन परिस्थितियों का डटकर सामना किया और पाकिस्तानी सैनिकों को कारगिल से खदेड़ दिया। इस युद्ध में भारत ने भारी बलिदान और क करगिल शहीद दिए, लेकिन अंततः भारतीय सेना की दृढ़ता और वीरता ने विजय (kargil victory) दिलाई।
🏅 कारगिल विजय और भारतीय सैनिकों की वीरता
इस युद्ध को "कारगिल विजय दिवस" के रूप में मनाया जाता है, और यह दिन भारतीय सेना के वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन बन गया।
कारगिल युद्ध ने न केवल भारतीय सेना को साबित किया, बल्कि पूरे देश को यह संदेश दिया कि भारतीय सैनिक किसी भी मुश्किल को पार कर अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
इस युद्ध की 26वीं सालगिरह पर हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमारे देश की सीमा को सुरक्षित किया।
करगिल युद्ध ने भारत में राष्ट्रीयता और एकता की भावना को और मजबूत किया, और यह युद्ध हमेशा भारतीय इतिहास में एक अमूल्य धरोहर रहेगा।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari