15 दिसंबर से खरमास होंगे शुरू, बंद हो जाएंगे सभी मांगलिक काम
Sandeep Kumar | Dec 14, 2024, 23:20 IST
kharmas 2024
15 दिसंबर 2024 से खरमास (Kharmas 2024) की शुरुआत हो गई है, जो 15 जनवरी 2025 तक चलेगा। इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे।
शनिवार देर रात से Kharmas शुरू हो गया है, जिसके चलते एक माह तक कोई भी मांगलिक कार्य ( Auspicious Works) नहीं होंगे। विवाह ( Marriage), मुंडन ( Mundan) और अन्य शुभ कार्यों के लिए अब 15 जनवरी का इंतजार करना होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, खरमास तब लगता है जब सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करता है और 30 दिनों तक वहीं रहता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, इस समय सूर्य और गुरु का बल कमजोर हो जाता है, जिसके चलते शुभ कार्य वर्जित होते हैं। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा और इसके साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। विवाह के शुभ मुहूर्त 15 जनवरी के बाद ही मिलेंगे।
15 दिसंबर 2024 से शुरू होगा
इस साल खरमास 15 दिसंबर 2024 से शुरू हो रहा है और 15 जनवरी 2025 को समाप्त होगा। 15 दिसंबर को सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करेंगे और 30 दिनों तक वहीं रहेंगे। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि (Capricorn Zodiac) में प्रवेश करेंगे और इसके साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान विवाह (Marriage), जनेऊ (Thread Ceremony), मुंडन (Mundan) और गृह प्रवेश (House Warming) जैसे शुभ कार्य नहीं होंगे।
खरमास के दौरान कई प्रकार के शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। हिंदू धर्म (Hindu Religion) के अनुसार, इस दौरान मांगलिक कार्य करना अशुभ माना जाता है। जानिए कौन-कौन से कार्य नहीं किए जाते हैं:
विवाह- इस महीने में विवाह की अनुमति नहीं होती। विवाह के लिए 15 जनवरी के बाद शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
मुंडन संस्कार- बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए खरमास उपयुक्त नहीं माना जाता है।
गृह प्रवेश- नए घर में प्रवेश करने का कार्य भी वर्जित माना जाता है।
नया व्यवसाय- नया बिजनेस शुरू करने के लिए खरमास को शुभ समय नहीं माना जाता है।
किसी नए कार्य की शुरुआत- कोई भी नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त 15 जनवरी के बाद ही प्राप्त होगा।
रोजाना सुबह उठकर सूर्य की पूजा करें और अघ्र्य करें।
जप, तप, दान आदि करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त होते हैं।
गाय, गुरु, ब्राह्मण और सन्यासियों की सेवा करें।
इस महीने नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है।
किसी पवित्र तीर्थ स्थान की यात्रा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
विवाह व सगाई या फिर शादी से जुड़ा कोई भी कार्य।
मुंडन, जनेऊ या फिर कोई अन्य संस्कार।
खरमास के बाद 15 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के साथ मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि (Capricorn Zodiac) में प्रवेश करेंगे। इस समय सूर्य और गुरु दोनों की स्थिति शुभ मानी जाती है, जिससे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ जैसे कार्य प्रारंभ हो सकते हैं।
क्या है खरमास और इसका महत्व ?
खरमास हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार वह अवधि होती है, जब सूर्य देव (Sun God) वृश्चिक राशि (Scorpio Zodiac) से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। इस दौरान सूर्य देव अपने गुरु बृहस्पति (Jupiter) की सेवा में लग जाते हैं, जिससे उनका बल (Strength) कम हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ कार्यों में सूर्य और गुरु दोनों का शुभ स्थिति में होना आवश्यक होता है। इसी कारण खरमास के दौरान विवाह (Marriage), मुंडन (Mundan), गृह प्रवेश (House Warming) जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।
15 दिसंबर 2024 से शुरू होगा
कौन-कौन से कार्य होते हैं वर्जित?
विवाह- इस महीने में विवाह की अनुमति नहीं होती। विवाह के लिए 15 जनवरी के बाद शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे।
मुंडन संस्कार- बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए खरमास उपयुक्त नहीं माना जाता है।
गृह प्रवेश- नए घर में प्रवेश करने का कार्य भी वर्जित माना जाता है।
नया व्यवसाय- नया बिजनेस शुरू करने के लिए खरमास को शुभ समय नहीं माना जाता है।
किसी नए कार्य की शुरुआत- कोई भी नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ मुहूर्त 15 जनवरी के बाद ही प्राप्त होगा।
इस महीने में ये करें
जप, तप, दान आदि करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त होते हैं।
गाय, गुरु, ब्राह्मण और सन्यासियों की सेवा करें।
इस महीने नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है।
किसी पवित्र तीर्थ स्थान की यात्रा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
खरमास में ना करें ये कार्य
मुंडन, जनेऊ या फिर कोई अन्य संस्कार।
मकर संक्रांति के बाद शुरू होंगे शुभ कार्य
खबर से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न
- खरमास कब शुरू हो रहा है?
खरमास 15 दिसंबर 2024 को शुरू हो रहा है और 15 जनवरी 2025 को समाप्त होगा। - खरमास में कौन-कौन से कार्य वर्जित हैं?
खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए कार्यों की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य वर्जित हैं। - खरमास कब समाप्त होगा?
खरमास 15 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति के साथ समाप्त होगा। - मकर संक्रांति के बाद कौन-कौन से शुभ कार्य किए जा सकते हैं?
मकर संक्रांति के बाद विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए कार्यों की शुरुआत जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। - खरमास में शुभ कार्य क्यों वर्जित होते हैं?
खरमास में सूर्य देव गुरु की सेवा में होते हैं, जिससे उनका बल कमजोर हो जाता है और शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava