दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और संन्यासिनी का जीवन जीने का ज्ञान क्यों? मद्रास हाईकोर्ट ने जग्गी वासुदेव से पूछा सवाल
Raj Singh | Oct 02, 2024, 10:50 IST
the sootr
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक 'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव चर्चाओं में हैं। इसका कारण मद्रास हाईकोर्ट का एक सवाल है। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी शिवागनम की ओर से यह सवाल पूछा गया।
ईशा फाउंडेशन के संस्थापक 'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव ( Sadhguru Jaggi Vasudev ) अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं। इसकी वजह उनसे पूछा गया एक सवाल है। दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट 'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव से जानना चाहता है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी कर दी है, फिर वह दूसरों की बेटियों को संन्यासी बनने की सलाह क्यों दे रहे हैं?
आपको बता दें कि जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ( SM Subramanian ) और जस्टिस वी शिवागनम ( Justice V Sivagnanam ) की बेंच ने एक रिटायर्ड प्रोफेसर की याचिका पर जग्गी वासुदेव से यह सवाल पूछा है।
जस्टिस शिवगनम ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम जानना चाहते हैं कि जिस व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी कर दी और उसे जीवन में अच्छी तरह से स्थापित कर दिया, वह दूसरों की बेटियों को सिर मुंडवाने और संन्यासिनी का जीवन जीने का ज्ञान क्यों दे रहा है?
रिटायर्ड प्रोफेसर ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव पर अपनी दो शिक्षित बेटियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें ईशा योग केंद्र में स्थायी रूप से रहने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। कोयंबटूर में तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले एस कामराज ( S Kamaraj ) ने अपनी बेटियों की सशरीर पेशी की गुहार लगाई। उनकी बड़ी बेटी 42 साल की है और छोटी 39 साल की है। हालांकि, रिटायर्ड प्रोफेसर की दोनों बेटियां कोर्ट में पेश हुईं और कहा कि वे अपनी मर्जी से कोयंबटूर के केंद्र में रहती हैं।
ये भी खबर पढ़िए... सूर्य ग्रहण 2024 : आज है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, क्या रहेगा समय? भारत के लोगों पर कितना पड़ेगा असर? जानिए पूरा अपडेट
वहीं ईशा फाउंडेशन ( Isha Foundation ) के वकील ने मद्रास हाई कोर्ट ( Madras High Court ) के सामने कहा कि अदालत मामले का दायरा नहीं बढ़ा सकती। फाउंडेशन ने अदालत के सामने दलील दी कि जब दो वयस्क जीवन में अपनी यात्रा के लिए स्वतंत्र थे, तो उन्हें अदालत की चिंता समझ में नहीं आती। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस सुब्रमण्यम ने इस पर जवाब दिया कि आप समझ नहीं पाएंगे क्योंकि आप एक विशेष पक्ष के लिए पेश हो रहे हैं। लेकिन यह अदालत न तो किसी के पक्ष में है और न ही किसी के खिलाफ है।
रिटायर्ड प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटियों को सेंटर में ऐसा खाना और दवाइयां दी जा रही थीं जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो गई है। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि उनकी बड़ी बेटी ने ब्रिटिश यूनिवर्सिटी से एम.टेक की पढ़ाई पूरी की थी। 2008 में तलाक के बाद उसने योग क्लास शुरू कर दी थी। इसके बाद उसकी छोटी बहन भी उसके साथ कोयंबटूर सेंटर में रहने आ गई।
आपको बता दें कि जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ( SM Subramanian ) और जस्टिस वी शिवागनम ( Justice V Sivagnanam ) की बेंच ने एक रिटायर्ड प्रोफेसर की याचिका पर जग्गी वासुदेव से यह सवाल पूछा है।
ब्रेनवॉश करने का आरोप
रिटायर्ड प्रोफेसर ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव पर अपनी दो शिक्षित बेटियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें ईशा योग केंद्र में स्थायी रूप से रहने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। कोयंबटूर में तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले एस कामराज ( S Kamaraj ) ने अपनी बेटियों की सशरीर पेशी की गुहार लगाई। उनकी बड़ी बेटी 42 साल की है और छोटी 39 साल की है। हालांकि, रिटायर्ड प्रोफेसर की दोनों बेटियां कोर्ट में पेश हुईं और कहा कि वे अपनी मर्जी से कोयंबटूर के केंद्र में रहती हैं।
ये भी खबर पढ़िए... सूर्य ग्रहण 2024 : आज है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, क्या रहेगा समय? भारत के लोगों पर कितना पड़ेगा असर? जानिए पूरा अपडेट
न किसी के पक्ष में न किसी के खिलाफ- कोर्ट
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari