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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर समने आई है। यहां के एक गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। घर के अंदर 35 वर्षीय मनीष, उनकी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के शव संदिग्ध हालत में मिले।
पुलिस को मौके से दूध के खाली गिलास और दीवार पर सुसाइड नोट भी लिखा मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की असली वजह सामने आए।
दीवार पर लिखा मौत का पैगाम
पुलिस को घटनास्थल के पास से दूध के पांच खाली गिलास बरामद हुए हैं। प्राथमिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर सभी ने सेवन किया। सबसे चौंकाने वाली बात घर की रसोई की दीवार पर लिखा एक छोटा सा संदेश है।
दीवार पर बड़े अक्षरों में लिखा है कि हम स्वयं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं। इसने पुलिस की जांच को पूरी तरह से सुसाइड के एंगल पर केंद्रित कर दिया है।
फोरेंसिक टीम ने दीवार पर लिखे इस संदेश के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रख लिए हैं। पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि यह लिखावट मनीष की है या किसी और की।
खुशहाल परिवार की अनसुलझी पहेली
मनीष पेशे से किसान थे और अपनी साढ़े तीन एकड़ खेती से परिवार का गुजारा करते थे। मनीष और सीमा की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और उनके तीन बच्चे थे। मरने वालों में 5 साल की बेटी हनी, 4 साल की प्रियांशी और 2 साल का बेटा पंकज शामिल है।
मनीष के भाइयों का कहना है कि घर में कभी भी कोई बड़ा लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ था। मनीष के पिता का निधन कुछ समय पहले ही हुआ था। इससे परिवार थोड़ा उदास जरूर रहता था। किसी भी आर्थिक तंगी या कर्ज की बात से भी फिलहाल परिजनों ने पूरी तरह इनकार किया है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (SSP) और आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच चुके हैं। पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत का असली कारण जहर है या कुछ और। पुलिस मनीष के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की भी गहनता से जांच कर रही है।
गांव के लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि मनीष पिछले कुछ दिनों से परेशान थे क्या? इस आत्महत्या का मामला ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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