सरपंच से राष्ट्रपति पद तक 284 बार चुनाव लड़ने वाले धरती पकड़ का निधन
Jitendra Shrivastava | Sept 03, 2026, 18:56 IST
Photograph: (thesootr)
BHAGALPUR. 284 बार चुनाव लड़ने वाले भागलपुर के समाजसेवी नागरमल बाजोरिया का 97 साल की उम्र में पटना में निधन हो गया। वे 'धरती पकड़' के नाम से मशहूर थे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- 284 बार चुनाव लड़े, कभी नहीं जीते 'धरती पकड़'।
- भागलपुर के मशहूर समाजसेवी नागरमल बाजोरिया का निधन।
- इंदिरा गांधी से प्रणब मुखर्जी तक के खिलाफ लड़े चुनाव।
- लाहौर में जन्म, आजादी से पहले आए भागलपुर।
- गधों संग करते थे प्रचार, 97 साल की उम्र में निधन।
भागलपुर के चर्चित समाजसेवी नागरमल बाजोरिया अब हमारे बीच नहीं रहे। वे अपने अनोखे चुनावी सफर के लिए पूरे इलाके में मशहूर थे। गुरुवार सुबह पटना में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। वे 97 वर्ष के थे। एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के पास वे रहते थे।
कौन थे नागरमल बाजोरिया
ईस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी रमण साह ने उनके जन्म और परिवार के भागलपुर आने की जानकारी दी। उनके अनुसार बाजोरिया का भागलपुर से गहरा नाता रहा। वे यहां के सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा बन गए थे।
284 बार लड़ा चुनाव, कभी नहीं मिली जीत
चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार के अनुसार, वे 284 चुनाव लड़कर एक अलग रिकॉर्ड बना चुके थे। 2013 से पहले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बने थे। उन्हें इतने वोट मिले थे कि उनकी जमानत राशि वापस हो गई थी।
इंदिरा गांधी से प्रणब मुखर्जी तक के खिलाफ लड़े
नागरमल बाजोरिया ने 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ नामांकन किया था। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से और राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से भी चुनाव लड़ चुके थे। यानी देश के बड़े नेताओं के सामने वे बार-बार मैदान में उतरे।
नगरपालिका चुनाव जीतने का था दावा
इस वजह से यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि उन्होंने जीवन में कोई चुनाव नहीं जीता। यह जानकारी उनके चुनावी रिकॉर्ड को थोड़ा अलग रूप देती है।
गधों संग करते थे चुनाव प्रचार
2004 के लोकसभा चुनाव में सैंडिस कंपाउंड में एनडीए प्रत्याशी सुशील कुमार मोदी के समर्थन में सभा हुई थी। उसमें बाजोरिया ने भी समर्थन दिया था। बाद में वे फिर स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतर गए। उन्होंने 278 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था।
सामाजिक कार्यों में भी रहे सक्रिय
इसके अलावा उन्होंने चापाकल लगवाने जैसे कई सामाजिक कार्य भी किए। उन्होंने गौवध के खिलाफ भी अभियान चलाया था। भागलपुर से उनका जुड़ाव सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं था।
निधन पर जताया शोक
चांद झुनझुनवाला ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर शहरवासियों के अंतिम दर्शन के लिए भागलपुर लाया जा रहा है। शाम तक पार्थिव शरीर के भागलपुर पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
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