तकनीक बढ़ी आगे, लेकिन नीट-सीबीएसई के रिजल्ट में रिकॉर्ड तोड़ देरी, नए सत्र हुए पीछे
Amresh Kushwaha | Aug 08, 2026, 11:50 IST
नीट और सीबीएसई रिजल्ट में देरी
नीट, सीबीएसई जैसी बड़ी परीक्षाओं के नतीजों में इस बार रिकॉर्ड देरी हुई है, जिससे करीब 1 करोड़ छात्र प्रभावित हैं। सुरक्षा जांच और तकनीकी समस्याओं को इसकी बड़ी वजह बताया गया है। प्रवेश, शोध और भर्ती कैलेंडर पर भी असर पड़ा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- देश में नीट, सीबीएसई जैसी बड़ी परीक्षाओं के नतीजों में रिकॉर्ड देरी हुई है।
- इससे करीब 1 करोड़ छात्रों का शिक्षा सत्र प्रभावित हुआ है।
- सुरक्षा जांच और तकनीकी खामियों को देरी की बड़ी वजह बताया गया है।
- इसका प्रवेश, शोध, नौकरी और भर्ती कैलेंडर पर भी सीधा असर पड़ा है।
- नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने चार्जशीट पेश कर दी है।
एक करोड़ छात्र हुए प्रभावित
एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और हाईटेक सिस्टम भी समय पर नतीजे नहीं दे पाए। इसका असर उच्च शिक्षा में प्रवेश, शोध, नौकरी और भर्ती कैलेंडर तक पर पड़ा है। छात्रों के लिए यह देरी काफी परेशानी भरी साबित हुई है।
कौन सी परीक्षाएं हुईं प्रभावित
सीबीएसई के 10वीं के छात्रों को नतीजों के लिए 150 दिन इंतजार करना पड़ा है। वहीं, 12वीं के छात्रों को भी सामान्य से 120 दिन ज्यादा समय लगा है। नीट-यूजी 2026 का अंतिम परिणाम आने में भी 73 दिन का समय लग गया है।
देरी के पीछे बड़े कारण
हाल ही में 47 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने से काम का दबाव और बढ़ गया है। ऑनलाइन परीक्षाओं में सर्वर और बायोमेट्रिक गड़बड़ी भी बड़ी समस्या बनी है। दोबारा परीक्षा जैसी वजहों से डेटा वेरिफिकेशन में भी देरी हो रही है।
नॉर्मलाइजेशन और चयन प्रक्रिया में उलझनें
बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में स्थिति और जटिल हो गई है। यहां आरक्षण नियमों और रोस्टर विवादों ने चयन प्रक्रिया को लंबा खींच दिया। नॉर्मलाइजेशन के विरोध और कोर्ट केस भी देरी की बड़ी वजह बने हैं। इन सभी कारणों से चयन प्रक्रिया कई महीने पीछे खिसक गई है।
पीएचडी प्रवेश पर भी पड़ा असर
कई छात्रों को मजबूरी में प्राइवेट संस्थाओं में दाखिला लेना पड़ रहा है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ के आवेदन में भी देरी हो रही है। इससे फेलोशिप मिलने में देरी हो रही है और गरीब छात्र शोध छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
भर्तियां रुकीं, तनाव बढ़ा
कई अभ्यर्थी सहायक पदों पर रहते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परिणाम और भर्ती में देरी से उनका करियर अधर में लटक गया है। इससे युवाओं में मानसिक और आर्थिक तनाव भी काफी बढ़ गया है। कई छात्रों ने अपनी तैयारी और इंतजार को लेकर निराशा भी जताई है।
एक्सपर्ट ने बताया समाधान
बिट्स पिलानी के कुलपति और आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव ने अहम सुझाव दिए हैं। वे एपी ईएपीसीईटी सुधार समिति के अध्यक्ष भी हैं। उनके मुताबिक यूपीएससी की तरह केंद्र और हर राज्य में स्वतंत्र परीक्षा संस्था बनाई जानी चाहिए। हर एजेंसी को साल की शुरुआत में ही पूरा परीक्षा कैलेंडर जारी करना चाहिए। इसमें आवेदन, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और अंतिम परिणाम की तारीख पहले से तय हो। अगले भर्ती चक्र की जानकारी भी इसी कैलेंडर में देनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ संभावित महीना लिखने से तारीखें बार-बार टलती रहती हैं।
नीट लीक मामले में चार्जशीट पेश
इस मामले में एनटीए के दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट प्रह्लाद कुलकर्णी और मनीषा भांडार को भी आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक यह पूरी साजिश महीनों पहले से रची जा रही थी। एनटीए के गोपनीय विभाग में अनुवाद के दौरान ही एक्सपर्ट से यह काम कराया गया। जांच एजेंसी अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है
नीट पेपर लीक जैसे मामलों में जवाबदेही तय करना पारदर्शिता के लिए जरूरी है। खबर पूरी तरह तथ्यों पर आधारित है और किसी संस्था की छवि को अनुचित नुकसान पहुंचाए बिना तैयार की गई है। यह शिक्षा के अधिकार और सूचना के अधिकार का सम्मान करती है।
FAQ
- नीट और सीबीएसई नतीजों में देरी की मुख्य वजह क्या है?
नतीजों में देरी की मुख्य वजह सुरक्षा जांच, तकनीकी समस्याएं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर बढ़ा हुआ काम का बोझ है। सर्वर और बायोमेट्रिक गड़बड़ी के साथ नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया भी देरी की बड़ी वजह है। - नीट पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में चार्जशीट पेश कर दी है। इसमें एनटीए के दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट सहित 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने पेपर के दो अलग सेट तैयार कर बेचे थे।
शुरू हुआ नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग, MCC ने बदले एडमिशन के तीन नियम
नीट पेपर लीक में खो दिया बेटा, कैसे एक परिवार तलाश रहा नई राह, जानिए पूरी कहानी
नीट पेपर लीक प्रदर्शन : अश्लीलता फैलाने पर होगी एफआईआर
नीट मेरिट से ही होंगे MBBS के एडमिशन, अब एमपी में घटेगी मेडिकल की फीस
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava