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DELHI. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मेजर्स (ASM) के तहत रखने का फैसला लिया है। इन तीन कंपनियों में अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), अडानी पोर्ट (Adani Port) और अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) शामिल हैं। इस कदम का मकसद अडानी ग्रुप के शेयरों में उतार-चढ़ाव को कम करना है, इसके साथ ही अब इन शेयरों पर निगरानी भी बढ़ जाएगी। यह नया नियम शुक्रवार, 3 फरवरी, 2023 से लागू होगा।
ASM के तहत कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाना होता है
एडिशनल सर्विलांस मेजर्स में कंपनी को रखने को किसी कार्रवाई की तरह नहीं देखा जाता है। इसका मकसद शेयरों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर अंकुश लगाना होता है। यह SEBI और एक्सचेंज की पहल का एक हिस्सा है, जिसे मार्केट पर भरोसा बढ़ाने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए बनाया गया है। इसका मतलब ये भी है कि इंट्रा डे ट्रेडिंग के लिए भी 100% अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत होगी और इससे शॉर्ट सेलिंग पर अंकुश लगेगा।
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क्या होता है ASM?
जो कंपनियां ASM के अंदर होती हैं उन पर कॉर्पोरेट एक्शन का कोई फर्क नहीं पड़ता है। आसान भाषा में समझें तो ASM फ्रेमवर्क में आने वाली कंपनियां बोनस, डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट आदि पर फैसले ले सकती हैं और इसका फायदा शेयर होल्डर को भी मिलता है। यानी इससे कंपनी की किसी भी गतिविधियों पर प्रतिबंध नहीं लगता।
शेयरों में गिरावट जारी
हिंडनबर्ग रिसर्च के सामने आने के बाद पिछले कुछ दिनों में अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी से गिरावट हो रही है।अडानी ग्रुप को अब तक 100 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। गौतम अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ वो गुरुवार को भी बरकरार रहा। वैसे, अडानी समूह की सीमेंट कंपनी-अंबुजा और एसीसी के स्टॉक में तेजी रही। अंबुजा सीमेंट्स के स्टॉक 352.45 रुपये पर बंद हुए।