एक देश एक चुनाव की तैयारी: चुनाव के हर खर्च का लगाया जा रहा हिसाब, MP, CG और राजस्थान के 10 विभागों से मांगी जानकारी
CHAKRESH | Oct 23, 2026, 18:18 IST
एक देश एक चुनाव पर JPC ने मांगा खर्च का हिसाब।
वन नेशन वन इलेक्शन की जांच कर रही जेपीसी ने राज्यों से बार-बार होने वाले चुनावों का खर्च पूछा है। सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से विधानसभा, पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का ब्योरा मांगा गया है। गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत 10 विभागों से जानकारी मांगी गई है। गृह विभाग का डेटा अब तक नहीं पहुंचा है। इस पर रिमाइंडर भेजा गया है।
एक देश एक चुनाव पर राज्यों से सवाल
यानी खर्च के साथ कामकाज पर पड़ा असर भी गिना जाएगा। एक देश एक चुनाव की बहस में यह आंकड़ा अहम होगा।
इन 10 विभागों से मांगी जानकारी
मध्य प्रदेश चुनाव खर्च में किसका कितना बोझ?
तकनीकी शिक्षा विभाग के संस्थान भी चुनाव में काम आते हैं। इनकी इमारतों में मतपेटियां रखी जाती हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक मतदान कराने जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर ड्यूटी पर लगते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भी ड्यूटी लगती है। मध्य प्रदेश चुनाव खर्च का असली हिसाब इन्हीं विभागों के आंकड़ों से बनेगा।
खेती पर भी पड़ता है चुनाव का असर
गृह विभाग का डेटा अब तक नहीं पहुंचा
केंद्र के मंत्रालयों से 27 सवाल
लोकसभा सचिवालय ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से भी जवाब मांगा है। अंग्रेजी में इसे एमओएचयूए (MoHUA - Ministry of Housing and Urban Affairs) कहते हैं। मंत्रालय के एक विभाग को कार्यालय ज्ञापन भेजा गया। उसे 15 सितंबर तक जवाब देने को कहा गया था।
जेपीसी प्रश्नावली में क्या पूछा गया?
समिति ने उदाहरण और असर का मात्रात्मक आकलन (आंकड़ों में हिसाब) भी मांगा है। क्या कोई योजना टली, बदली या टुकड़ों में लागू हुई?
आदर्श आचार संहिता का असर भी जांच में
चुनाव ड्यूटी में कर्मचारी कितने लगे?
कब पेश हुए वन नेशन वन इलेक्शन बिल?
बाद में दोनों विधेयक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजे गए। इस समिति के अध्यक्ष लोकसभा सांसद पी.पी. चौधरी हैं। समिति simultaneous elections यानी एक साथ चुनाव के फायदे और चुनौतियां परख रही है।
क्या राज्यों के आंकड़े election cost India की पूरी तस्वीर साफ करेंगे? इसका जवाब समिति की रिपोर्ट में मिलेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है:
FAQs
- वन नेशन वन इलेक्शन पर जेपीसी राज्यों से क्या जानकारी मांग रही है?
जेपीसी बार-बार चुनाव से होने वाले खर्च और कामकाज पर असर की जानकारी मांग रही है। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा के साथ पंचायत, नगरीय निकाय और मंडी चुनाव का ब्योरा भी मांगा गया है। - किन विभागों से चुनाव खर्च की जानकारी मांगी गई है?
सूत्रों के मुताबिक, 10 विभागों से जानकारी मांगी गई है। इनमें गृह, स्कूल शिक्षा, नगरीय निकाय, पंचायत, कृषि, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, राजस्व, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल हैं। - वन नेशन वन इलेक्शन बिल कब पेश हुए?
दोनों विधेयक 17 दिसंबर 2024 को लोकसभा में पेश हुए थे। बाद में इन्हें पी.पी. चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया।
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