संसद में कल स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चा
Aman Vaishnav | Mar 08, 2026, 12:19 IST
pm narendra modi support lok sabha speaker om birla
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष सोमवार 09 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। विपक्ष ने उन पर बोलने से रोकने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पीकर का बचाव करते हुए उन्हें बेहद सक्षम बताया है।
सदन में कल, 09 मार्च को विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने का अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। बता दें कि विपक्ष ने उनपर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाया है। ये आरोप राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान का है।
वहीं इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने हमेशा दलीय राजनीति से ऊपर उठकर संविधान की मर्यादा को सबसे अहम माना है।
प्रधानमंत्री मोदी 07 मार्च को कोटा एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल तरीके से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ओम बिरला जितने अच्छे सांसद हैं, उतने ही सक्षम लोकसभा अध्यक्ष भी हैं।
लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पीकर ओम बिरला की खूब तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने ओम बिरला को बेहतरीन अध्यक्ष बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सदन के उन सदस्यों को भी धैर्य से संभालते हैं जो अक्सर हंगामा करते हैं। सदन चलाने में ओम बिरला किसी एक दल के नहीं रहते। वे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए एक जैसे होते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ओम बिरला पूरी तरह से संविधान के प्रति समर्पित हैं। सदन के नियमों का पालन करना उनकी प्राथमिकता है। यही वजह है कि वह सदन की कार्यवाही को संतुलन और सम्मान के साथ चला पाते हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ सांसदों के व्यवहार पर व्यंग्य किया था। उन्होंने कहा था कि कभी-कभी सदन में कुछ बड़े घरानों से आने वाले छात्र आते हैं, जो घमंडी होते हैं और शोर-शराबा करने की आदत नहीं छोड़ते हैं।
ओम बिरला उस माहौल में भी एक कुशल नेता की तरह सबको साथ लेकर चलते हैं। वह किसी का अपमान नहीं करते और सबकी कड़ी बातें भी मुस्कुराते हुए सहन करते हैं।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बिरला की चेहरें पर हमेशा जो मधुर मुस्कान रहती है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस कारण वह सदन में सभी के प्रिय हैं।
विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके पद से हटाने का प्रस्ताव दिया था। इस पर 9 मार्च को लोकसभा में चर्चा और वोटिंग होगी। बजट सत्र के दौरान हंगामा हुआ था।
इस दौरान, राहुल गांधी की बातों को लेकर विवाद भी उठा था। विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किए जाने के बाद, विपक्ष ने स्पीकर पर एकतरफा फैसला लेने का आरोप लगाया था। इस बीच एक और जानकारी मिली थी। ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को सदन में आने के बारे में सावधानी बरतने की सलाह दी थी।
जानकारी के अनुसार ओम बिरला को एक खबर मिली थी। कुछ सांसद प्रधानमंत्री मोदी की सीट के पास पहुंचकर गलत व्यवहार कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए ओम बिरला ने पीएम मोदी को संबोधन के लिए न आने की सलाह दी थी।इसका कारण सदन की सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखना भी है।
हालांकि कांग्रेस ने इन दावों को नकारा है। पीएम मोदी ने कहा कि कोटा शहर जिस तरह देश के बच्चों का भविष्य संवारता है, उसी तरह ओम बिरला भी संसद को बहुत अच्छे तरीके से और अनुशासन से चलाते हैं। पीएम ने बिरला को कोटा की अच्छाई और संस्कारों की पहचान बताया है। अब सबकी नजरें 09 मार्च पर टिकी हैं। लोकसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होगी। 09 दिन यह साफ हो जाएगा कि सदन का भरोसा किसके साथ है।
विवाद की शुरुआत 4 फरवरी से हुई थी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बोलना था, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते उनका भाषण नहीं हो पाया था। इसके अगले दिन 5 फरवरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि, उनके अनुरोध पर ही प्रधानमंत्री मोदी सदन में नहीं आए थे।
ओम बिरला ने बताया था कि मेरे पास एक जानकारी आई है। कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंच कर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। ऐसा कुछ हो जाता, तो यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंचा सकता था। इससे बहुत ही खराब स्थिति पैदा हो सकती थी।
स्पीकर के पीछे छिप रहे प्रधानमंत्री-
ओम बिरला के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा था कि यह पूरी तरह से झूठ है। पीएम मोदी को कोई खतरा नहीं था।
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा प्रधानमंत्री अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उन्हें सदन में आने की हिम्मत नहीं हुई।
प्रियंका ने एक और सवाल उठाया था। वो ये कि आप सरकार से क्यों नहीं पूछते कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका क्यों नहीं दिया जाता? क्या उनके पास कोई आधार है कि वो किसी स्रोत का उद्धरण देने से रोकें? उनके पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है। प्रियंका ने आगे कहा कि चर्चा नहीं हो पाई क्योंकि सरकार चर्चा करने के लिए तैयार नहीं थी।
लोकसभा में हंगामा 2 और 3 फरवरी को शुरू हुआ था। जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारवां मैगजीन में एक अप्रकाशित किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की थी। यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने लिखी है।
राहुल गांधी जैसे ही इस किताब के बारे में बोलने लगे, स्पीकर ओम बिरला ने किताब के अप्रकाशित होने का हवाला दिया था। इसके बाद उन्हें बोलने से रोक दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी जिस अप्रकाशित किताब के अंश पढ़ रहे थे, वह किताब जनवरी 2024 में बाजार में आने वाली थी।
विपक्ष के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है। वहीं भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी के रवैये पर सवाल उठाए थे। कहा था कि बिना प्रकाशित किताब के अंश कैसे पढ़े जा सकते हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने विपक्ष ने तैयार किया प्रस्ताव, 103 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
अंता उपुचनाव: भाजपा उम्मीदवार की चिट्ठी वायरल, हार के लिए ओम बिरला व नागर को ठहराया जिम्मेदार
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, बजट चर्चा स्थगित
मोदी को जान से मारने की धमकी का वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने लिया 3 युवकों को हिरासत में
पीएम मोदी ने किया ओम बिरला का समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी 07 मार्च को कोटा एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल तरीके से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ओम बिरला जितने अच्छे सांसद हैं, उतने ही सक्षम लोकसभा अध्यक्ष भी हैं।
बिरला पक्ष और विपक्ष के लिए एक समान- पीएम
ओम बिरला की मुस्कान ही सबसे बड़ी ताकत
इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ सांसदों के व्यवहार पर व्यंग्य किया था। उन्होंने कहा था कि कभी-कभी सदन में कुछ बड़े घरानों से आने वाले छात्र आते हैं, जो घमंडी होते हैं और शोर-शराबा करने की आदत नहीं छोड़ते हैं।
ओम बिरला उस माहौल में भी एक कुशल नेता की तरह सबको साथ लेकर चलते हैं। वह किसी का अपमान नहीं करते और सबकी कड़ी बातें भी मुस्कुराते हुए सहन करते हैं।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बिरला की चेहरें पर हमेशा जो मधुर मुस्कान रहती है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस कारण वह सदन में सभी के प्रिय हैं।
पीएम को सावधानी बरतने की सलाह
इस दौरान, राहुल गांधी की बातों को लेकर विवाद भी उठा था। विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किए जाने के बाद, विपक्ष ने स्पीकर पर एकतरफा फैसला लेने का आरोप लगाया था। इस बीच एक और जानकारी मिली थी। ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को सदन में आने के बारे में सावधानी बरतने की सलाह दी थी।
भरोसा किसके साथ
हालांकि कांग्रेस ने इन दावों को नकारा है। पीएम मोदी ने कहा कि कोटा शहर जिस तरह देश के बच्चों का भविष्य संवारता है, उसी तरह ओम बिरला भी संसद को बहुत अच्छे तरीके से और अनुशासन से चलाते हैं। पीएम ने बिरला को कोटा की अच्छाई और संस्कारों की पहचान बताया है। अब सबकी नजरें 09 मार्च पर टिकी हैं। लोकसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होगी। 09 दिन यह साफ हो जाएगा कि सदन का भरोसा किसके साथ है।
जानें कैसे हुई विवाद कि शुरुआत?
ओम बिरला ने बताया था कि मेरे पास एक जानकारी आई है। कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंच कर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। ऐसा कुछ हो जाता, तो यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंचा सकता था। इससे बहुत ही खराब स्थिति पैदा हो सकती थी।
स्पीकर के पीछे छिप रहे प्रधानमंत्री- प्रियंका गांधी
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा प्रधानमंत्री अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उन्हें सदन में आने की हिम्मत नहीं हुई।
प्रियंका ने एक और सवाल उठाया था। वो ये कि आप सरकार से क्यों नहीं पूछते कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका क्यों नहीं दिया जाता? क्या उनके पास कोई आधार है कि वो किसी स्रोत का उद्धरण देने से रोकें? उनके पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है। प्रियंका ने आगे कहा कि चर्चा नहीं हो पाई क्योंकि सरकार चर्चा करने के लिए तैयार नहीं थी।
ये है हंगामे की जड़
राहुल गांधी जैसे ही इस किताब के बारे में बोलने लगे, स्पीकर ओम बिरला ने किताब के अप्रकाशित होने का हवाला दिया था। इसके बाद उन्हें बोलने से रोक दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी जिस अप्रकाशित किताब के अंश पढ़ रहे थे, वह किताब जनवरी 2024 में बाजार में आने वाली थी।
विपक्ष के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है। वहीं भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी के रवैये पर सवाल उठाए थे। कहा था कि बिना प्रकाशित किताब के अंश कैसे पढ़े जा सकते हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने विपक्ष ने तैयार किया प्रस्ताव, 103 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
अंता उपुचनाव: भाजपा उम्मीदवार की चिट्ठी वायरल, हार के लिए ओम बिरला व नागर को ठहराया जिम्मेदार
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, बजट चर्चा स्थगित
मोदी को जान से मारने की धमकी का वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने लिया 3 युवकों को हिरासत में
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava