राजपाल यादव एक्टिंग में माहिर, भरोसा करना मुश्किल, बोले CJI, मिला आखिरी मौका
Sanjay Dhiman | Sept 15, 2026, 20:44 IST
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राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपए जमा करने के लिए आखिरी बार 2 हफ्ते का समय दिया है। कोर्ट ने पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश भी दिया है।
राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला 2010 के एक कर्ज से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2 करोड़ रुपए जमा करने का आखिरी मौका दिया है। कोर्ट ने उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है। सीजेआई ने कहा कि राजपाल पर भरोसा करना मुश्किल है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
एक्टर राजपाल यादव के लिए यह हफ्ता मुश्किल भरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि अब और मोहलत नहीं मिलेगी। मामला एक पुराने कर्ज का है, जो अब कानूनी लड़ाई बन चुका है।
कोर्ट ने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपए जमा करने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है। यह रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। साथ ही अभिनेता को अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI – Chief Justice of India) सूर्यकांत की बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने राजपाल के पुराने रवैये पर भी सवाल उठाए। बेंच ने कहा कि अब उन पर भरोसा करना आसान नहीं रहा।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव का पुराना रिकॉर्ड देखते हुए भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि राजपाल बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं। कोर्ट में भी वे वही कर रहे हैं, ऐसा बेंच ने माना।
हालांकि कोर्ट ने राहत भी दी। अगली सुनवाई तक राजपाल यादव को गिरफ्तारी से राहत जारी रखी गई है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय हुई है।
यह विवाद साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली फिल्म डायरेक्ट करने के लिए दिल्ली की एक कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था।
इस फिल्म का नाम था 'अता पता लापता'। यह एक कॉमेडी फिल्म थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।
रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म इतनी कमाई नहीं कर सकी कि उसका खर्च भी निकल पाता। इसके बाद राजपाल यादव को कर्ज चुकाने में दिक्कत आने लगी।
समय के साथ ब्याज और दूसरे चार्ज जुड़ते गए। इससे बकाया रकम लगातार बढ़ती चली गई। अब यह रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपए हो चुकी है।
इस केस में पिछले 3 सालों में कुल 15 बार सुनवाई हो चुकी है। यह सुनवाई हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हुई।
इनमें से 14 बार कोर्ट ने भुगतान करने या समझौता करने को कहा। लेकिन हर बार राजपाल यादव ने आदेश का पालन नहीं किया। इसी वजह से कोर्ट का रुख अब सख्त हो गया है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील पीएस पाटवालिया कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि राजपाल और उनकी मां के पास कुछ प्रॉपर्टी है।
वकील ने कहा कि इस प्रॉपर्टी को बेचकर पैसे जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने कोर्ट से दो हफ्ते की मोहलत मांगी। वकील ने यह भी कहा कि फिलहाल उनके पास पैसे नहीं हैं, लेकिन वे भुगतान करना चाहते हैं।
कोर्ट ने वकील की दलील सुनने के बाद आखिरी बार दो हफ्ते का समय देने का फैसला किया। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि अब और राहत नहीं मिलेगी। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
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चेक बाउंसिंग मामला
एक्टर राजपाल यादव के लिए यह हफ्ता मुश्किल भरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि अब और मोहलत नहीं मिलेगी। मामला एक पुराने कर्ज का है, जो अब कानूनी लड़ाई बन चुका है।
कोर्ट ने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपए जमा करने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है। यह रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। साथ ही अभिनेता को अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI – Chief Justice of India) सूर्यकांत की बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने राजपाल के पुराने रवैये पर भी सवाल उठाए। बेंच ने कहा कि अब उन पर भरोसा करना आसान नहीं रहा।
CJI की तल्ख टिप्पणी
हालांकि कोर्ट ने राहत भी दी। अगली सुनवाई तक राजपाल यादव को गिरफ्तारी से राहत जारी रखी गई है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय हुई है।
बकाया 9 करोड़ रुपए कैसे बना
इस फिल्म का नाम था 'अता पता लापता'। यह एक कॉमेडी फिल्म थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।
रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म इतनी कमाई नहीं कर सकी कि उसका खर्च भी निकल पाता। इसके बाद राजपाल यादव को कर्ज चुकाने में दिक्कत आने लगी।
समय के साथ ब्याज और दूसरे चार्ज जुड़ते गए। इससे बकाया रकम लगातार बढ़ती चली गई। अब यह रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपए हो चुकी है।
15 सुनवाई, 14 बार नहीं माना आदेश
इनमें से 14 बार कोर्ट ने भुगतान करने या समझौता करने को कहा। लेकिन हर बार राजपाल यादव ने आदेश का पालन नहीं किया। इसी वजह से कोर्ट का रुख अब सख्त हो गया है।
वकील ने मांगी दो हफ्ते की मोहलत
वकील ने कहा कि इस प्रॉपर्टी को बेचकर पैसे जुटाए जा सकते हैं। उन्होंने कोर्ट से दो हफ्ते की मोहलत मांगी। वकील ने यह भी कहा कि फिलहाल उनके पास पैसे नहीं हैं, लेकिन वे भुगतान करना चाहते हैं।
कोर्ट ने वकील की दलील सुनने के बाद आखिरी बार दो हफ्ते का समय देने का फैसला किया। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि अब और राहत नहीं मिलेगी। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
यह खबरें भी पढ़ें...
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डेली कॉलेज पूर्व छात्र का पत्र- संघ के पदाधिकारी ले रहे डेली कॉलेज के कॉन्ट्रैक्ट, प्रबंधन से सांठगांठ
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