पद्मश्री आलोक मेहता की बुक Revolutionary Raj लॉन्च, प्रधानमंत्री मोदी का सीएम से पीएम तक का सफर

The Sootr | Feb 23, 2026, 08:43 IST
Revolutionary Raj Narendra Modi 25 Years Book Launch Alok Mehta
नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में वरिष्ठ संपादक और लेखक पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक "Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years" का लोकार्पण हुआ। बुक में क्या खास है...चलिए बताते हैं

किताब में क्या है खास

नई दिल्ली: 'Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years' किताब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर आधारित है। इसमें उनकी राजनीतिक, प्रशासनिक और वैचारिक यात्रा का पूरा विश्लेषण किया गया है।



किताब, प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की यात्रा को समेटे हुए है। खास बात यह है कि इस पुस्तक की भूमिका केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखी है।



किताब में मोदी के नेतृत्व, उनके बड़े फैसलों और देश में आए बदलावों को बड़े अच्छे तरीके से समझाया गया है। ये एक तरह से उनके कार्यकाल का पूरा विश्लेषण है।



बता दें कि 21 फरवरी 2026 को हुए इस कार्यक्रम में राजनीति, शासन और मीडिया की कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं।



कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद था

समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अर्थशास्त्री और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. के. सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रामी छाबरा और पूर्व केंद्रीय मंत्री के. जे. अल्फोंस जैसे बड़े नाम मौजूद थे।



राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। वहीं बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन डॉ. अनुराग बत्रा ने इस समारोह का संचालन किया।



किसने क्या कहा

  1. आरिफ मोहम्मद खान (बिहार के राज्यपाल): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 2002 के गोधरा कांड के बाद वह नरेंद्र मोदी के आलोचक थे, लेकिन गुजरात में समय बिताने के बाद उनका दृष्टिकोण पूरी तरह बदल गया। उन्होंने मोदी के नेतृत्व को समग्र दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने तीन तलाक कानून को एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार बताया।
  2. हरदीप सिंह पुरी (केन्द्रीय मंत्री): उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की थी, जबकि अब यह बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि यह गति बनी रहती है, तो भारत भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
  3. एन. के. सिंह (15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, और इसके पास स्थिर मैक्रो-इकॉनॉमिक प्रबंधन, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, नियंत्रित महंगाई और निरंतर अवसंरचना निवेश जैसी विशेषताएं हैं, जो उसे वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सुरक्षित बनाती हैं। उन्होंने भारत की विकास दर के 6.5-7 प्रतिशत के बीच स्थिर रहने की संभावना व्यक्त की, बशर्ते वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए।

क्या बोले लेखक आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक और लेखक पद्मश्री आलोक मेहता ने कहा कि इस किताब का मकसद पिछले 25 सालों में हुए राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों को एक तथ्यपूर्ण और विश्लेषणात्मक तरीके से पेश करना है।



वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता नेये भी बताया कि इस किताब में शासन के अलग-अलग पहलुओं जैसे ग्रामीण विकास, सामाजिक योजनाएं, आर्थिक सुधार और भारत की भूमिका को ग्लोबल स्तर पर समझाने की कोशिश की गई है। यह (आलोक मेहता का लेख) कॉफी-टेबल बुक सामान्य पाठकों के लिए ही नहीं, बल्कि पुस्तकालयों, भारतीय दूतावासों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगी।



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