नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ पर FIR: संसद में राहुल गांधी ने दिखाए थे अंश

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के सर्कुलेशन पर FIR दर्ज हुई। राहुल गांधी ने संसद में किताब की कॉपी दिखाकर चीन की घुसपैठ की बात की।

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Sanjay Dhiman
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FIR on Naravanes book Four Stars of Destiny

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT 

  • दिल्ली पुलिस ने नरवणे की किताब के सर्कुलेशन पर FIR दर्ज की।
  • किताब की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई।
  • राहुल गांधी ने संसद में किताब की कॉपी दिखाकर विवाद उठाया।
  • किताब में चीन से झड़प और अग्निवीर योजना का जिक्र किया गया है।
  • किताब का पब्लिकेशन रक्षा मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

NEWS IN DETAIL

पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन इसका सर्कुलेशन सोशल मीडिया और कुछ वेबसाइट्स पर हो रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है।

किताब के प्री-प्रिंट और टाइप-सेट PDF की कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध होने की खबर आई थी। पुलिस को शक है कि यह पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा तैयार की गई कॉपी हो सकती है।

किताब का संदर्भ और राहुल गांधी की पहल

यह FIR उस समय दर्ज की गई जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 4 फरवरी को संसद परिसर में इस किताब की एक कॉपी को दिखाया था। उन्होंने दावा किया कि किताब में चीनी घुसपैठ और भारतीय सेना के साथ हुई झड़पों का जिक्र किया गया है। राहुल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी संसद आते हैं, तो वे उन्हें यह किताब देंगे। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को किताब के अंश पढ़ने की अनुमति नहीं दी, जिस पर संसद में हंगामा हुआ।

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किताब का कंटेंट: चीन और अग्निवीर योजना

इस किताब में 2020 में लद्दाख सीमा पर भारतीय सेना और चीन के बीच हुई झड़पों का जिक्र है। इसके अलावा, अग्निवीर योजना का भी रिव्यू किया गया है। यह किताब एक साल से रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी गई थी, लेकिन अभी तक पब्लिश करने की अनुमति नहीं मिली। कांग्रेस ने किताब के कुछ पन्ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं, जिनमें लद्दाख में चीनी टैंकों की घुसपैठ का घटनाक्रम बताया गया है।

किताब का प्रकाशन और राजनीतिक विवाद

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे। उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को दी थी, लेकिन एक साल से ज्यादा समय हो चुका है, और इसे अभी तक प्रकाशित करने की मंजूरी नहीं मिली है। इस मुद्दे को लेकर राजनीति गर्माई हुई है, खासकर जब कांग्रेस ने किताब के अंश शेयर किए और सरकार पर सवाल उठाए।

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