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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- मध्य प्रदेश में साइबर ठग छात्रों और कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
- टेलीग्राम चैनल्स के माध्यम से फर्जी बोर्ड परीक्षा पेपर बेचे जा रहे हैं।
- 8वें वेतन आयोग के नाम पर फर्जी लिंक से बैंक खाते खाली हो रहे हैं।
- पुलिस ने साइबर क्राइम की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- कर्मचारियों और छात्रों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी गई है।
NEWS IN DETAIL
BHOPAL. मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड परीक्षा 2026 से पहले साइबर ठगों का नया तरीका सामने आया है। ये लोग टेलीग्राम चैनल्स के माध्यम से छात्रों को फर्जी पेपर बेचने का दावा कर रहे हैं।
चैनल्स जैसे 'एमपी बोर्ड परीक्षा 2026', 'एमपी बोर्ड पेपर' और 'ऑल इंडिया बोर्ड्स पेपर 2026' ने दावा किया है कि वे छात्रों को फर्जी प्रश्न पत्र देंगे, इसके लिए पैसे भी वसूले जा रहे हैं। वहीं सरकारी कर्मचारियों को वॉट्सएप पर फर्जी लिंक भेजी जा रही हैं। इसमें दावा किया जा रहा है कि यह लिंक वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन से संबंधित जानकारी देगी।
साइबर क्राइम की FIR और जांच
मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड परीक्षा 2026 से पहले टेलीग्राम पर फर्जी प्रश्नपत्र का नेटवर्क सक्रिय हो गया है। छात्रों को फर्जी पेपर बेचने के लिए कुछ लोग टेलीग्राम चैनल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह लोग छात्रों से पैसे लेकर परीक्षा के लिए फर्जी प्रश्न पत्र देने का दावा कर रहे हैं।
साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुछ टेलीग्राम चैनल जैसे 'एमपी बोर्ड परीक्षा 2026', 'एमपी बोर्ड पेपर', 'ऑल इंडिया बोर्ड्स पेपर 2026' आदि इस घोटाले में शामिल हैं। ये चैनल छात्रों को फर्जी पेपर भेजने का दावा कर रहे हैं, जिसके लिए पैसे वसूले जा रहे हैं।
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8वें वेतन आयोग के नाम पर ठगी
सिर्फ छात्र ही नहीं, अब तो सरकारी कर्मचारियों को भी 8वें वेतन आयोग के अपडेट के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। वॉट्सएप पर फर्जी लिंक भेजी जा रही हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह लिंक वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन से संबंधित जानकारी देगी। लेकिन जैसे ही लोग इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं, उनका बैंक खाता खाली हो जाता है। ऐसे में पुलिस ने कर्मचारियों को अलर्ट किया है कि वे अजनबी लिंक्स पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
साइबर क्राइम की FIR और जांच
मध्य प्रदेश पुलिस ने इन घटनाओं के बारे में साइबर क्राइम में FIR दर्ज की है। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसमें छात्रों और कर्मचारियों से ठगी की जा रही है। पुलिस लगातार इन चैनल्स और लिंक पर नजर रख रही है और ठगों को पकड़ने के लिए उन्हें ट्रेस कर रही है।
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पुलिस का अलर्ट: क्या करें और क्या न करें
क्या न करें:
कभी भी अजनबी वॉट्सएप या टेलीग्राम लिंक पर क्लिक करके APK फाइल डाउनलोड न करें।
यह एक आम तरीका है जिससे ठग आपके निजी डेटा और बैंक जानकारी चुरा सकते हैं।क्या करें:
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचें। अगर लिंक संदिग्ध हो, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
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पुलिस की सलाह और संपर्क जानकारी
पुलिस ने कहा है कि यदि आपने गलती से ऐसे किसी लिंक पर क्लिक किया है और ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस की साइबर सेल इन मामलों पर निगरानी रख रही है और किसी भी छात्र या सरकारी कर्मचारी को ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए काम कर रही है।
8वां वेतन आयोग
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