AI से तैयार फर्जी फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी, कहा- यह एक गंभीर समस्या

Sanjay Dhiman | Mar 28, 2026, 20:39 IST
Share
sc-warning-on-fake-ai-judgments-in-courts
Photograph: (the sootr)

New Delhi. सुप्रीम कोर्ट ने एआई द्वारा तैयार किए गए काल्पनिक फैसलों का हवाला देने पर चिंता जताई। कोर्ट ने इसे एक बढ़ती हुई समस्या बताया, जो अब न केवल भारत, बल्कि दुनियाभर की अदालतों में फैली हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया। कोर्ट ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा तैयार किए गए काल्पनिक फैसलों के हवाले को गंभीर समस्या करार दिया। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने कहा कि यह समस्या केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में तेजी से फैल रही है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रवृत्ति बेहद खतरनाक हो सकती है और इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

क्या था मामला?

यह मामला उस समय सामने आया जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक कंपनी के निदेशक द्वारा दायर याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अपीलकर्ता ने अपनी दलीलें 'चैटजीपीटी' (chat gpt) जैसे एआई टूल से तैयार की थी। इसमें एक ऐसा निर्णय भी शामिल था, जो असल में कभी दिया ही नहीं गया था। कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह कृत्य अदालत के समय की बर्बादी कर रहा है।

क्या थी हाई कोर्ट की टिप्पणी?

बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि प्रतिवादी द्वारा प्रस्तुत दलीलें में 'टिक-मार्क', 'बुलेट प्वॉइंट्स', और एकजुट रूप से दोहराई गई बातें ऐसी थीं जो एआई से बनी होने की पहचान देती हैं। खासकर, एक कथित मामले 'ज्योति पत्नी दिनेश तुलसियानी बनाम एलीगेंट एसोसिएट्स' का हवाला दिया गया था, जो कोर्ट में कहीं भी उपलब्ध नहीं था।

एआई का दुरुपयोग रोकने के उपाय

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एआई टूल्स का उपयोग केवल शोध कार्य में किया जा सकता है, लेकिन इसका दुरुपयोग रुकना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि पक्षकारों की जिम्मेदारी है कि वे एआई से प्राप्त जानकारी और संदर्भों का सत्यापन ठीक से करें, ताकि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी कोर्ट में न प्रस्तुत की जा सके।

क्या कहती है अदालत की यह टिप्पणी?

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि एआई से तैयार फैसलों का हवाला देना एक बढ़ती हुई समस्या बन चुका है। कोर्ट ने इस मुद्दे पर सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया। यह समस्या केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बढ़ रही है।

AI के गलत उपयोग पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह प्रवृत्ति पूरी दुनिया में बढ़ रही है और इसे लेकर सभी अदालतों को सतर्क रहने की जरूरत है। अदालत ने मामले को संज्ञान में लिया और कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए।

यह खबरें भी पढ़ें...

इंदौर में कार में लगी भीषण आग, पिता के सामने मासूम की जिंदा जलने से मौत

इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे 161 यात्री

VIT University पर फिर उठे सवाल, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग एक्शन में

राजस्थान में अन्य सेवाओं से IAS बनाने का मामला अटका, 4 महीने से यूपीएससी भेज रही है रिमाइंडर

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • chat gpt
  • एआई टूल्स
  • एआई का दुरुपयोग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच