ड्रग रूल बदला, बिना फार्मेसी डिग्री दुकान खोलना होगा आसान, फार्मासिस्ट विरोध में
Manya Jain | Apr 08, 2026, 13:49 IST
Pharmacy Drug Rules Changed
ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की 93वीं बैठक में ड्रग रूल 1945 के नियम 64 में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत साइंस ग्रेजुएट भी दवा की दुकान चला सकेंगे। एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र को पत्र लिखकर इसका विरोध किया है।
NEWS IN SHORT
- ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने ड्रग रूल 1945 के नियम 64 में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।
- नए नियम के तहत साइंस ग्रेजुएट भी खुदरा दवा दुकान चला सकेंगे।
- उनके पास सिर्फ दो साल का अनुभव और 6 महीने का सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
- एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र को पत्र लिखकर इस फैसले का विरोध किया है।
- फार्मासिस्टों का कहना है कि यह बदलाव मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
NEWS IN DETAIL
अब दवा दुकान के लिए क्या बदलेगा?
अभी तक खुदरा दवा दुकान चलाने के लिए रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट होना जरूरी था। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब साइंस ग्रेजुएट भी यह काम कर सकेंगे। उनके पास सिर्फ दो साल का अनुभव और 6 महीने का सर्टिफिकेट होना काफी होगा। फार्मेसी की पूरी पढ़ाई की जरूरत नहीं होगी।
क्या है ड्रग रूल 1945 के नियम ?
pharmacy drug rule
फार्मासिस्टों ने क्यों किया विरोध?
एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी राजवीर त्यागी ने साफ कहा कि फार्मासिस्ट लाइफ सेविंग ड्रग (जीवन रक्षक दवाइयां) बेचते हैं। इन दवाओं के साइड इफेक्ट, डोजिंग और इंटरेक्शन बेहद जटिल होते हैं। बिना पूरी फार्मेसी ट्रेनिंग के दवा वितरण अनुमति देना पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा जोखिम है।
43% फार्मासिस्ट पहले से बेरोजगार
देशभर में 35 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं। इनमें से 73% पहले से ही बेरोजगार या पार्ट टाइम रोजगार में हैं। हर साल करीब 2 लाख नए छात्र फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करके इस क्षेत्र में आते हैं। अगर साइंस ग्रेजुएट को भी दुकान चलाने की अनुमति मिल गई तो फार्मासिस्टों के रोजगार का संकट और गहरा हो जाएगा।
बिना पूरी ट्रेनिंग दवा देना कितना खतरनाक?
सिर्फ 6 महीने के सर्टिफिकेट से यह पूरी जानकारी देना संभव नहीं है। जानकारों का कहना है कि गलत दवा या गलत डोज से मरीज की जान भी जा सकती है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों में दवाओं का असर बेहद संवेदनशील होता है।
एसोसिएशन ने केंद्र से क्या मांगा?
अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस विरोध पर क्या रुख अपनाती है। डीटीएबी का यह प्रस्ताव अभी सिर्फ सुझाव के स्तर पर है। लेकिन अगर इसे लागू किया गया तो देश के दवा वितरण तंत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है।
MP Pharmacists
ये भी पढ़ें...
ड्रेसर से बाबू, फार्मासिस्ट से प्रभारी; राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
UPSSSC Pharmacist Bharti: 560 पदों पर सरकारी नौकरी, जानें योग्यता
Budget 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, कैंसर की दवाइयां होंगी सस्ती
नकली और घटिया दवाइयां बन रहीं जान की दुश्मन : आखिर क्यों नहीं लग पा रही लगाम
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari