Ticket Refund Scam: गूगल-पे कस्टमर केयर के नाम पर 2 लाख की ठगी, जानें बचने के तरीके
डिजिटल लेनदेन बढ़ने से ठगी के नए तरीके आ गए हैं। हाल ही में प्रयागराज में एक बड़ा स्कैम हुआ है। टिकट रिफंड के चक्कर में एक व्यक्ति ठगा गया। ठगों ने गूगल-पे का नकली अधिकारी बनकर फोन किया। उन्होंने परिवार के पांच खातों से पैसे उड़ा लिए। कुल 1.93 लाख रुपयों की बड़ी चोरी हुई है। आज के समय में साइबर साक्षरता बहुत जरूरी है। एक छोटी सी गलती आपकी पूरी कमाई छीन सकती है। हमेशा सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी न बांटें। अनजान लोगों के झांसे में आकर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
ठगी का शिकार कैसे बनाते हैं जालसाज?
साइबर अपराधी यात्रियों की घबराहट और तकनीकी अनभिज्ञता का फायदा उठाते हैं। जब किसी यात्री का रिफंड समय पर नहीं आता, तो वह अक्सर इंटरनेट पर समाधान ढूंढता है। यहीं से स्कैम की शुरुआत होती है।
1. फर्जी कस्टमर केयर नंबर (Fake Customer Care Numbers)
जालसाज गूगल सर्च इंजन पर SEO (Search Engine Optimization) का उपयोग करके अपने फर्जी नंबरों को आधिकारिक वेबसाइट के नंबरों से ऊपर दिखा देते हैं। जब यूजर इन पर कॉल करता है, तो उसे लगता है कि वह असली अधिकारी से बात कर रहा है।
2. एपीके (APK) फाइल और रिमोट एक्सेस (APK File and Remote Access)
ठग अक्सर वॉट्सएप पर कॉल करते हैं और सहायता के नाम पर एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहते हैं। यह फाइल वास्तव में एक मालवेयर या 'स्क्रीन शेयरिंग एप' होती है। जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, उसके फोन का पूरा कंट्रोल (Access) ठग के पास चला जाता है।
3. ओटीपी और पिन की चोरी (Stealing OTP and PIN)
स्क्रीन शेयरिंग के जरिए ठग आपके मैसेज, बैंक नोटिफिकेशन और यहां तक कि आपके टाइप किए गए पिन (PIN) को भी लाइव देख सकते हैं।
युवक ने क्या गलतियां कीं?
यूपी पुलिस के साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा के अनुसार, पीड़ित ने कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कीं जो आज के समय में घातक हो सकती हैं।
- गूगल पर आंख मूंदकर भरोसा: इंटरनेट पर मिले अनजान नंबर को बिना वेरिफाई किए डायल करना।
- अनजान फाइल डाउनलोड करना: गूगल-पे या कोई भी बैंक कभी भी वॉट्सएप पर APK फाइल नहीं भेजता।
- प्राइवेट डेटा शेयर करना: फोन का एक्सेस देना यानी अपने घर की चाबी चोर को सौंप देना।
क्या न करें?
- कभी भी गूगल सर्च पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर बिना जांचे कॉल न करें।
- वॉट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी के कहने पर AnyDesk या TeamViewer जैसे 'स्क्रीन शेयरिंग' एप्स डाउनलोड न करें।
टिकट रिफंड लेने का सुरक्षित और सही तरीका
अगर आप भी टिकट कैंसिल कर चुके हैं और रिफंड चाहते हैं, तो हमेशा इन आधिकारिक चरणों (Official Steps) का पालन करें:
- आधिकारिक पोर्टल का उपयोग: केवल उसी एप या वेबसाइट (जैसे IRCTC, MakeMyTrip, आदि) पर जाएं जहाँ से टिकट बुक की थी।
- रिफंड स्टेटस चेक करें: 'Manage Bookings' में जाकर रिफंड का स्टेटस देखें।
- स्वचालित रिफंड (Automatic Refund): याद रखें, डिजिटल पेमेंट में रिफंड हमेशा उसी मूल खाते (Source Account) में आता है जिससे पेमेंट किया गया था। इसके लिए किसी अलग एप की जरूरत नहीं होती।
- बैंक से संपर्क: यदि 7-10 दिनों में पैसा न आए, तो सीधे अपने बैंक की शाखा में जाएं या बैंक के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर पर बात करें।
अगर ठगी हो जाए, तो तुरंत क्या करें?
यदि आप गलती से स्कैम का शिकार हो गए हैं, तो समय बहुत कीमती है।
- 1930 डायल करें: यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है। जितनी जल्दी आप रिपोर्ट करेंगे, पैसे होल्ड होने की संभावना उतनी अधिक होगी।
- पोर्टल पर शिकायत: cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
- खाता ब्लॉक करें: तुरंत अपने बैंक को सूचित कर कार्ड और नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं।
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