होली शुभकामना संदेश के नाम पर साइबर ठगी, लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैंग बैंक खाता खाली

होली के त्योहार पर साइबर ठगों ने लूट का एक नया तरीका निकाला है। अब वे वॉट्सऐप और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं के फर्जी मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेज में छिपे खतरनाक लिंक पर क्लिक करते ही पैसा गायब हो जाता है।

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Aman Vaishnav
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रंगों का त्योहार खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस बार सावधानी जरूरी है। साइबर अपराधियों ने आपकी खुशी को लूटने के लिए जाल बिछाया है। एक छोटा सा हैप्पी होली का मैसेज आपके बैंक खाते को जीरो कर सकता है।

त्यौहार के जोश में होश खोना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान लोग अक्सर उपहार और डिस्काउंट की तलाश में रहते हैं। ठग इसी का फायदा उठाकर फर्जी लिंक सोशल मीडिया पर फैलाते हैं।

क्या है पूरा मामला?

साइबर ठग होली के नाम पर लोगों को शुभकामना संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में एक लिंक होता है, जिसे क्लिक करते ही आपके फोन की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। आपके बैंक खाते से पैसे निकल सकते हैं। कुछ दिनों से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं MP साइबर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है।

बिना सोंचे समझे लिंक पर क्लिक न करें

एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लोगों ने बिना सोचे-समझे उस लिंक पर क्लिक कर दिया था। इसके बाद कुछ ही मिनटों में उनके खाते से हजारों रुपए गायब हो गए थे। ठग वॉट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया पर फर्जी ग्रीटिंग कार्ड्स या गिफ्ट ऑफर्स का झांसा दे रहे हैं। इसलिए किसी भी संदेश को खोलने से पहले और लिंक पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहें।

ये थे वो मामले...

  • 28 फरवरी को कोलार के रहने वाले राहुल ने अपने मोबाइल पर होली गिफ्ट हैम्पर का लिंक देखा था। इसके बाद उसने लिंक पर क्लिक कर दिया था। इस लिंक के जरिए एक एप डाउनलोड हो गया। जैसे ही उन्होंने ओटीपी (One Time Password) डाला, उनके बैंक अकाउंट से 48 हजार रुपए कट गए थे।
  • 01 मार्च को एमपी नगर की सोनाली मिश्रा को होली कैशबैक ऑफर का संदेश मिला था। जैसे ही उन्होंने लिंक खोला, तो उन्हें बैंक डिटेल अपडेट करने का झांसा दिया गया था। सोनाली ने जैसे ही डिटेल्स अपडेट कीं, उनके खाते से 32 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए गए थे।

इन बातों का रखें ध्यान

संदेश खोलने से पहले भेजने वाले नंबर को अच्छे से चेक कर लें। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि ठगी के लिए जो लिंक भेजे जाते हैं, वो असली वेबसाइट जैसे दिखते हैं। असल में ये लोगों की बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी चुराने के लिए होते हैं। कई बार तो लिंक पर क्लिक करते ही आपके मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है। इससे उनका काम और भी आसान हो जाता है।

लालच के जाल में न फंसे

साइबर क्राइम टीम ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। इन लालच देने वाले मैसेजेस से बचकर रहें। किसी के साथ ठगी हो जाती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। साथ ही नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

ये भी जानना जरूरी

ग्वालियर में 27 फरवरी को शशांक गुप्ता नाम के युवक के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ था। वॉट्सऐप पर भेजी गई एक एपीके फाइल खोलते ही उनके बैंक खाते से 2.12 लाख रुपए उड़ा लिए गए थे। पुलिस ने 3 मार्च को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है।

शशांक गुप्ता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। शशांक को अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर RTO ई-चालान कॉपी नाम की एक फाइल मिली थी। उन्होंने इसे खोल लिया क्योंकि उन्हें लगा कि यह ई-चालान से जुड़ी फाइल होगी। जैसे ही उन्होंने फाइल खोली, उनका मोबाइल 7-8 मिनट तक हैंग हो गया था। इसके बाद फोन नॉर्मल हो गया और शशांक को कोई शक नहीं हुआ।

एक घंटे बाद उनके फोन पर डरा देने वाला मैसेज आया। उनके कैनरा बैंक खाते से 89 हजार, 60 हजार और 63 हजार रुपए की ट्रांजैक्शन हुई है। यानी कुल 2 लाख 12 हजार रुपए निकाल लिए गए थे।

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