Indian Railway : बारिश में लेट नहीं होंगी ट्रेन, रेलवे ने किए ये इंतजाम
Jitendra Shrivastava | Jun 03, 2024, 21:22 IST
thesootr
पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने बारिश में यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बारिश, तूफान या मौसम की स्थिति में बदलाव के दौरान तैयार रहने को कहा है।
BHOPAL. Indian Railway : भारतीय रेलवे ने तेज बारिश, तूफान और बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए मानसून से पहले की तैयारियां कर ली हैं। पश्चिम मध्य रेलवे मानसून के दौरान सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए सुरक्षा के नए उपायों को लागू कर रहा है। इन उपायों का उद्देश्य ट्रेन सेवाओं को निरंतर बनाए रखना है। भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडल पर विशेष जोर दिया गया है।
पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने बारिश में यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बारिश, तूफान या मौसम की स्थिति में बदलाव के दौरान तैयार रहने को कहा है। संवेदनशील स्थानों पर चौकीदार/पेट्रोल मैन तैनात किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पटरियों की स्थिति की निगरानी के लिए पेट्रोलमैन एयर ब्रिज गार्ड पेट्रोलिंग करेंगे। स्टेशनों और पटरियों पर पानी के ठहराव को रोकने के लिए, विशेष रूप से यार्डों में, ट्रैक क्षेत्रों में जल निकासी की सुचारू व्यवस्था हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के दौरान ट्रेनों का संचालन लगातार होता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी नालियों को उपयुक्त ढलान के साथ और आउटलेट के साथ बनाया जा रहा है।
मानसून के दौरान जो पेड़ ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल, ट्रैक या अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या ट्रैफिक को बाधित कर सकते हैं ऐसे पेड़ों की कटाई/छंटाई करवाई जा रही है। जबलपुर, कोटा और भोपाल मंडल के छोटे और बड़े पुल, पुलियों के वाटर वे की सफाई की जा रही है, जिससे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। मंडल में जहां रेल लाइन ऊंचे पहाड़ों की कटिंग से होकर गुजरती है वहां ड्रेन क्लीनिंग का काम किया जा रहा है ताकि बारिश का पानी रेलवे ट्रैक पर न आ सके।
रेलवे के मानसून के दौरान किए जाने वाले उपायों में तीनों मण्डलों के रेल खंड पर बनी नालियों की सफाई और इसके साथ ही बड़े-बड़े पत्थरों को भी हटाया जा रहा है, इससे बारिश का पानी रेलवे ट्रैक पर न आकर आसानी से ट्रैक के किनारे बनी नालियों से होकर बह सके। इसके अतिरिक्त संवेदनशील पुलों की जल स्तर की निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा संचार उपकरणों का उचित रख-रखाव में सिंगनलिंग केबल की मैगरिंग जैसे काम किए जा रहे हैं। पश्चिम मध्य रेल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करवाने, विशेषकर मानसून के दौरान ट्रेन संचालन लगातार रखने और अन्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम-मध्य रेलवे निरंतर निगरानी सुनिश्चित कर रहा है और यात्रियों को परेशानी मुक्त रखने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। मानसून और मौसम संबंधी अन्य चेतावनियों के दौरान आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ समन्वय बनाए रखना भी सुनिश्चित किया है।
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मौसम की स्थिति में बदलाव के दौरान तैयार रहेंः महाप्रबंधक
पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने बारिश में यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बारिश, तूफान या मौसम की स्थिति में बदलाव के दौरान तैयार रहने को कहा है। संवेदनशील स्थानों पर चौकीदार/पेट्रोल मैन तैनात किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पटरियों की स्थिति की निगरानी के लिए पेट्रोलमैन एयर ब्रिज गार्ड पेट्रोलिंग करेंगे। स्टेशनों और पटरियों पर पानी के ठहराव को रोकने के लिए, विशेष रूप से यार्डों में, ट्रैक क्षेत्रों में जल निकासी की सुचारू व्यवस्था हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के दौरान ट्रेनों का संचालन लगातार होता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी नालियों को उपयुक्त ढलान के साथ और आउटलेट के साथ बनाया जा रहा है।
पुल, पुलियाओं के वाटर वे की सफाई की जा रही है
मानसून के दौरान जो पेड़ ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल, ट्रैक या अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या ट्रैफिक को बाधित कर सकते हैं ऐसे पेड़ों की कटाई/छंटाई करवाई जा रही है। जबलपुर, कोटा और भोपाल मंडल के छोटे और बड़े पुल, पुलियों के वाटर वे की सफाई की जा रही है, जिससे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। मंडल में जहां रेल लाइन ऊंचे पहाड़ों की कटिंग से होकर गुजरती है वहां ड्रेन क्लीनिंग का काम किया जा रहा है ताकि बारिश का पानी रेलवे ट्रैक पर न आ सके।
संवेदनशील स्थानों के जल स्तर की निगरानी के लिए उपकरण लगाए
रेलवे के मानसून के दौरान किए जाने वाले उपायों में तीनों मण्डलों के रेल खंड पर बनी नालियों की सफाई और इसके साथ ही बड़े-बड़े पत्थरों को भी हटाया जा रहा है, इससे बारिश का पानी रेलवे ट्रैक पर न आकर आसानी से ट्रैक के किनारे बनी नालियों से होकर बह सके। इसके अतिरिक्त संवेदनशील पुलों की जल स्तर की निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा संचार उपकरणों का उचित रख-रखाव में सिंगनलिंग केबल की मैगरिंग जैसे काम किए जा रहे हैं। पश्चिम मध्य रेल यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करवाने, विशेषकर मानसून के दौरान ट्रेन संचालन लगातार रखने और अन्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम-मध्य रेलवे निरंतर निगरानी सुनिश्चित कर रहा है और यात्रियों को परेशानी मुक्त रखने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। मानसून और मौसम संबंधी अन्य चेतावनियों के दौरान आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के साथ समन्वय बनाए रखना भी सुनिश्चित किया है।
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