Lalu Yadav को MP कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी, 26 साल पुराना है मामला
Jitendra Shrivastava | Apr 05, 2024, 23:24 IST
MP-MLA कोर्ट ने लालू यादव को किया अरेस्ट वारंट जारी।
इस मामले में आरोपी पाए गए लालू प्रसाद यादव के नाम को लेकर भ्रम बना हुआ था। कंफ्यूजन ये था कि आरोपी RJD नेता और बिहार के पूर्व CM लालू यादव ही हैं या कोई और। इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी।
BHOPAL. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश से बड़ा झटका लगा है। ग्वालियर की MP-MLA कोर्ट ने लालू यादव ( Lalu Yadav) को अरेस्ट वारंट जारी किया है। कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के मामले में लालू को वारंट जारी किया है। ये मामला 26 साल पुराना है। साल 1998 में इस मामले में सुनवाई के दौरान लालू को अदालत ने फरार घोषित किया था। इसके बाद अब गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है।
26 साल पहले 1995 से 1997 के बीच लोकसभा चुनाव से पहले हथियारों की सप्लाई में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। 23 अगस्त 1995 से 15 मई 1997 के बीच उत्तर प्रदेश की एक फर्म के संचालक राजकुमार शर्मा ने ग्वालियर की तीन आर्म्स फर्मों से फर्जी तरीके से हथियार और कारतूस खरीदे। फिर इन्हें बिहार में बेचा गया। इस मामले में कुल 22 लोग आरोपी नामजद किए गए, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का नाम भी शामिल है। साल 1998 में इस मामले में पुलिस ने एक आरोप पत्र दाखिल किया था।
इस मामले में इंदरगंज पुलिस ने अप्रैल 1998 में लालू प्रसाद यादव को फरार घोषित किया था. पुलिस के मुताबिक आरोपियों में शामिल लालू प्रसाद यादव वही है, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व रेलमंत्री रह चुके हैं। यही वजह है कि आर्म्स एक्ट की ये सुनवाई MP-MLA कोर्ट में हो रही है।
इस मामले में आरोपी पाए गए लालू प्रसाद यादव के नाम को लेकर भ्रम बना हुआ था। कंफ्यूजन ये था कि आरोपी RJD नेता और बिहार के पूर्व CM लालू यादव ही हैं या कोई और। इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। दस्तावजों के मुताबिक इस मामले में जो लालू प्रसाद यादव आरोपी है उसके पिता का नाम कुंद्रिका सिंह है, जबकि पूर्व CM लालू प्रसाद के पिता का नाम कुंदन राय है। वहीं लालू प्रसाद के पिता का नाम सिर्फ फरारी पंचनामे में लिखा है। कोर्ट में पेश की गई आरोपियों की सूची में लालू के पिता का नाम ही लिखा था, जबकि बाकी सभी आरोपियों के पिता का नाम और शहर भी मेंशन था।
अब पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में आरोपी RJD नेता लालू प्रसाद यादव ही हैं। इसके आधार पर उन्हें गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। ये केस पहले ही अन्य कोर्ट से MP-MLA कोर्ट को ट्रांसफर हो चुका था। अब नाम की पुष्टि होने के बाद लालू के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।
अवैध हथियार-फरोख्त के मामले में कुल 22 आरोपी पाए थे। इनमें से 6 के खिलाफ ट्रायल चल रही है, जबकि 2 की मौत हो चुकी है। वहीं, 14 आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। इन फरार आरोपियों में एक लालू प्रसाद यादव भी शामिल हैं।
ये फर्जीवाड़ा अवैध फार्म नंबर-16 के जरिए किया गया। दरअसल, फार्म नंबर 16 शासन के द्वारा आर्म्स डीलर को जारी होता है। इसके आधार पर डीलर आर्म्स की खरीद-फरोख्त करते हैं। इस फॉर्म को फर्जी तरीके से तैयार कर हथियारों की सप्लाई की गई।
ये है 26 साल पुराना मामला
26 साल पहले 1995 से 1997 के बीच लोकसभा चुनाव से पहले हथियारों की सप्लाई में फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। 23 अगस्त 1995 से 15 मई 1997 के बीच उत्तर प्रदेश की एक फर्म के संचालक राजकुमार शर्मा ने ग्वालियर की तीन आर्म्स फर्मों से फर्जी तरीके से हथियार और कारतूस खरीदे। फिर इन्हें बिहार में बेचा गया। इस मामले में कुल 22 लोग आरोपी नामजद किए गए, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का नाम भी शामिल है। साल 1998 में इस मामले में पुलिस ने एक आरोप पत्र दाखिल किया था।
आर्म्स एक्ट की ये सुनवाई MP-MLA कोर्ट में चल रही
इस मामले में इंदरगंज पुलिस ने अप्रैल 1998 में लालू प्रसाद यादव को फरार घोषित किया था. पुलिस के मुताबिक आरोपियों में शामिल लालू प्रसाद यादव वही है, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व रेलमंत्री रह चुके हैं। यही वजह है कि आर्म्स एक्ट की ये सुनवाई MP-MLA कोर्ट में हो रही है।
नाम को लेकर पुलिस को था भ्रम
इस मामले में आरोपी पाए गए लालू प्रसाद यादव के नाम को लेकर भ्रम बना हुआ था। कंफ्यूजन ये था कि आरोपी RJD नेता और बिहार के पूर्व CM लालू यादव ही हैं या कोई और। इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। दस्तावजों के मुताबिक इस मामले में जो लालू प्रसाद यादव आरोपी है उसके पिता का नाम कुंद्रिका सिंह है, जबकि पूर्व CM लालू प्रसाद के पिता का नाम कुंदन राय है। वहीं लालू प्रसाद के पिता का नाम सिर्फ फरारी पंचनामे में लिखा है। कोर्ट में पेश की गई आरोपियों की सूची में लालू के पिता का नाम ही लिखा था, जबकि बाकी सभी आरोपियों के पिता का नाम और शहर भी मेंशन था।
पुलिस का दावा आरोपी RJD नेता लालू प्रसाद यादव ही हैं
अब पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में आरोपी RJD नेता लालू प्रसाद यादव ही हैं। इसके आधार पर उन्हें गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। ये केस पहले ही अन्य कोर्ट से MP-MLA कोर्ट को ट्रांसफर हो चुका था। अब नाम की पुष्टि होने के बाद लालू के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।
कुल 22 आरोपियों के नाम आए थे सामने
अवैध हथियार-फरोख्त के मामले में कुल 22 आरोपी पाए थे। इनमें से 6 के खिलाफ ट्रायल चल रही है, जबकि 2 की मौत हो चुकी है। वहीं, 14 आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। इन फरार आरोपियों में एक लालू प्रसाद यादव भी शामिल हैं।
कैसे किया फर्जीवाड़ा
ये फर्जीवाड़ा अवैध फार्म नंबर-16 के जरिए किया गया। दरअसल, फार्म नंबर 16 शासन के द्वारा आर्म्स डीलर को जारी होता है। इसके आधार पर डीलर आर्म्स की खरीद-फरोख्त करते हैं। इस फॉर्म को फर्जी तरीके से तैयार कर हथियारों की सप्लाई की गई।
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