देश का बजट आज होगा पेश, जानें बजट क्या होता है और इसके प्रकार
Dolly patil | Jul 23, 2024, 09:19 IST
BUDGEY
23 जुलाई यानी आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करने वाली हैं। आइए जानते हैं कि बजट क्या होता है और इसके कितने प्रकार हैं।
23 जुलाई यानी आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करने वाली हैं।देशवासी को हर साल आम बजट का इंतजार रहता है।
लेकिन इनमें से कई लोग ऐसे भी हैं, जिनको बजट के बारे में नॉलेज बहुत सीमित है या फिर यू कहें कि उनको बजट के बारे में ज्यादा मालूम नहीं है। इसी के साथ आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर बजट क्या होता है।
बजट को लेकर कई लोगों का नॉलेज बहुत सीमित होता है। वो लोग बजट में सिर्फ महंगा-सस्ता और इनकम टैक्स में होने वाले बदलाव के बारे में ही जानते हैं, लेकिनबजट इन सब घोषणाओं से ज्यादा व्यापक होता है।
इसी के साथबजटको आप एकवित्तीय योजनासमझ सकते हैं, जोसरकारयाव्यक्तिद्वारा एकनिश्चित अवधि( आमतौर पर एक साल ) के लिए बनाई जाती है।
दरअसलसरकारी बजटमेंसरकारयह तय करती है कि वहकितना पैसा कमाएगी(Revenue) औरकितना खर्च करेगी(Expense)। जैसे किव्यक्तिगत बजटमें आप यह तय करते हैं कि आपकितना पैसा कमाते हैंऔरकितना खर्च करते हैं।
आपको बता दें किआज निर्मला सीतारमणजो बजट पेश करेंगी, वहभारत सरकारकावार्षिक बजटहोगा। इसमेंनिर्मला सीतारमणबताएंगी किसरकारअगलेवित्तीय वर्षमेंकितना पैसा कमाएगीऔरकितना खर्च करेगी।
इसी के साथ आपको बता दें किबजटमेंशिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि, आधारभूत ढांचा (infrastructure) जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिएसरकारी खर्चकी योजना शामिल होती है।
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यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए अब जानते हैं कि आखिर बजट कितने प्रकार का होता है।
आपको बता दें कि बजट 3 प्रकार का होता है। पहलासंतुलित बजट, दूसरा अधिशेष या सरप्लस बजट और तीसरा डेफिसिट या घाटे का बजट।आइए अब विस्तार से जानते हैं इन तीनों बजट के बारे में।
जब किसी एक वित्त वर्ष में सरकार की आमदनी और खर्च के आंकड़े बराबर हों तो उसे संतुलित या बैलेंस्ड बजट कहते हैं। ऐसा बजट वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित नहीं करता है। इस तरह के बजट में सरकार बेवजह के खर्च से बचती है।
तीन प्रकार के बजट में दूसरे नंबर पर आता है, सरप्लस या अधिशेष बजट। जब किसी सरकार के खर्च से उसकी आमदनी अधिक हो तब उसको अधिशेष या सरप्लस बजट कहते हैं।दूसरे शब्दों में एक वित्त वर्ष में सरकार के पास अतिरिक्त रकम बचना सरप्लस बजट कहलाता है। इस तरह के बजट को पेश करने का मतलब होता है कि देश आर्थिक रूप से समृद्ध है। आमतौर पर इस तरह का बजट महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बनाया जाता है।
जब सरकार का अनुमानित खर्च उसकी कमाई से अधिक रहने का लेखा जोखा पेश किया जाता है तब इसे डेफिसिट बजट कहते हैं। इस प्रकार के बजट में सरकार रोजगार दर बढ़ाने के लिए ज्यादा खर्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उधार लेकर सरकार जनकल्याण के काम पर वह उससे अधिक खर्च करने की योजना बनाती है। भारत जैसे विकासशील देश में इस तरह का बजट पेश किया जाता है। यह ग्रोथ को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।
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लेकिन इनमें से कई लोग ऐसे भी हैं, जिनको बजट के बारे में नॉलेज बहुत सीमित है या फिर यू कहें कि उनको बजट के बारे में ज्यादा मालूम नहीं है। इसी के साथ आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर बजट क्या होता है।
बजट क्या होता है
इसी के साथबजटको आप एकवित्तीय योजनासमझ सकते हैं, जोसरकारयाव्यक्तिद्वारा एकनिश्चित अवधि( आमतौर पर एक साल ) के लिए बनाई जाती है।
सरकार बजट में क्या तय करती है
बजट में क्या - क्या शामिल होता है
इसी के साथ आपको बता दें किबजटमेंशिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि, आधारभूत ढांचा (infrastructure) जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिएसरकारी खर्चकी योजना शामिल होती है।
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यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए अब जानते हैं कि आखिर बजट कितने प्रकार का होता है।
बजट के कितने प्रकार
1- संतुलित बजट
2- सरप्लस या अधिशेष बजट
3- डेफिसिट बजट या घाटे का बजट
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