भारत में सबसे पहले कब पेश हुआ था बजट, जानें इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें

Dolly patil | Jul 23, 2024, 11:48 IST
Share
BUDGEY
BUDGEY

आज यानी 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं। सरकार आम से लेकर खास लोगों के लिए बजट में ऐलान करती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि आखिर ये Budget शब्द कहां से आया ?

आज यानी 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं। सरकार आम से लेकर खास लोगों के लिए बजट में ऐलान करती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि आखिर ये Budget शब्द कहां से आया ? दरअसल ये खास शब्द फ्रेंच भाषा के लातिन (Latin) शब्द बुल्गा से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला।

बुल्गा से बना बजट शब्द

बता दें कि बुल्गा से फ्रांसीसी शब्द बोऊगेट (bouguet) की उत्पत्ति हुई। इसके बाद अंग्रेजी शब्द बोगेट (boget) अस्तित्व में आया और इसी बोगेट शब्द से बजट शब्द की उत्पत्ति हुई। यहीं वजह है कि पहले बजट चमड़े के बैग में लेकर आया जाता था।

कहां से हुई बजट की शुरुआत

आपको बता दें कि बजट की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम ( UK ) में की गई थी। इसी के साथ भारत में पहली बार बजट ब्रिटिश काल में पेश किया गया था। आपको बता दें कि देश में 7 अप्रैल 1860 को पहली बार बजट पेश किया गया था। इसे ब्रिटिश सरकार के विलियम ई. ग्लैडस्टोन (William E. Gladstone) ने पढ़ा था। विलियम ये बजट लाल रंग के लेडर के ब्रीफकेस में लाए थे, जो बाद में ग्लैडस्टोन बॉक्स के रूप में लोकप्रिय हुआ।

स्वतंत्र भारत में कब पेश हुआ बजट

अंग्रेजों के देश छोड़ने के बाद स्वतंत्र भारत में देश के पहले वित्त मंत्री आर के षण्मुखम चेट्टी (R K Shanmukham Chetty) ने 26 नवंबर 1947 को Budget पेश किया था। चेट्टी एक वकील राजनेता और जाने-माने अर्थशास्त्री भी थे। इसी के साथ आपको बता दें कि एक Finance Minister ऐसे भी थे, जो अपने कार्यकाल में कोई बजट ही पेश नहीं कर पाए। ये वित्त मंत्री थे केसी नियोगी (Kshitish Chandra Neogy )भारत के अकेले ऐसे वित्त मंत्री रहे, जिन्होंने इस पद पर रहते हुए भी एक भी बजट पेश नहीं किया। दरअसल, वे महज 35 दिनों तक 1948 में वित्त मंत्री रहे थे।

निर्मला सीतारमण ने पेश किया था सबसे लंबा बजट

निर्मला सीतारमण ने 2019 में संसद में ग्लैडस्टोन बॉक्स ले जाने की औपनिवेशिक परंपरा को तोड़ते हुए बही खाता या कपड़े के बहीखाते को चुना। वित्त वर्ष 2020-21 में सीतारमण के पास 2 घंटे 40 मिनट का सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड है। 2021 में सीतारमण ने बजट पेश करने के लिए बही-खाता को टैबलेट के साथ बदल दिया। इसके बजट पहली बार पूरी तरह से पेपरलेस हो गया।

thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • बजट
  • बजट 2024
  • बजट 2024-25
  • निर्मला सीतारमण बजट 2024
  • केंद्रीय बजट 2024
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज