दुनिया के सबसे अमीर लोग बच्चों को नहीं बना रहे अपनी संपत्ति का हकदार! रिपोर्ट में सामनें आई वजह
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 07, 2026, 22:17 IST
क्यों अपने वारिस को संपत्ति नहीं दे रहे ये अरबपति?
दुनिया के कई बड़े अरबपति अपनी पूरी दौलत बच्चों के नाम नहीं करने वाले हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे छह अरबपति हैं जो अपनी संपत्ति बच्चों को नहीं देंगे। इनमें मार्क जुकरबर्ग, बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे नाम शामिल हैं। मार्क जुकरबर्ग अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा दान करने की बात कह चुके हैं। वे अपने मेटा शेयर का 99 फीसदी दान करेंगे। इसी सोच से Giving Pledge जैसी मुहिम भी जुड़ी हुई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- दुनिया के कई जाने-माने अरबपतियों ने अपनी संपत्ति बच्चों के नाम न करने का फैसला किया है।
- मार्क जुकरबर्ग और बिल गेट्स जैसे दिग्गज इस लिस्ट में सबसे आगे हैं।
- इन अमीरों का मानना है कि बच्चों को खुद अपनी मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए।
- यह सारी संपत्ति बड़े चैरिटेबल ट्रस्ट और सामाजिक कार्यों में खर्च की जाएगी।
- आने वाले दो दशकों में दुनिया में सबसे बड़ी धन संपत्ति का ट्रांसफर होने वाला है।
अरबपतियों का बच्चों को संपत्ति न देने का फैसला
लेकिन कई जाने-माने अरबपतियों ने साफ कर दिया है कि उनका पैसा उनके बच्चों को नहीं मिलेगा। मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग से लेकर पैटागोनिया के फाउंडर तक इस लिस्ट में शामिल हैं। उनका मानना है कि बच्चों को विरासत में पैसा मिलने से उनकी खुद की मेहनत करने की इच्छा खत्म हो जाती है।
मार्क जुकरबर्ग और प्रिसिला चैन का बड़ा कदम
जब उनकी पहली बेटी हुई थी, तभी उन्होंने इस नेक काम की घोषणा कर दी थी। वे इस पैसे का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज में समानता लाने के लिए कर रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर दुनिया बनाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
लॉरेन पॉवेल जॉब्स और बिल गेट्स की अनोखी सोच
दूसरी तरफ माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने भी यही नियम अपनाया है। उनका कहना है कि बच्चों को बहुत सारा पैसा देना उनके लिए किसी फायदे की बात नहीं होती है। उनके बच्चे अपनी जिंदगी का रास्ता खुद अपनी मेहनत से ही तलाशेंगे।
वारेन बफेट और इवान चॉइमार्ड का कड़ा फैसला
पेटागोनिया ब्रांड के मालिक इवान चॉइमार्ड ने भी अपनी पूरी कंपनी एक ट्रस्ट को सौंप दी है। दिलचस्प बात यह है कि उनके बच्चों ने खुद कहा था कि वे इस संपत्ति के वारिस नहीं बनना चाहते हैं। वे सब मिलकर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ जंग में अपना योगदान दे रहे हैं।
आखिर क्या है वजह
- बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना: उनका मानना है कि बहुत ज्यादा पैसा मिलने से बच्चे खुद मेहनत करने और सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित नहीं होंगे।
- अपनी पहचान बनाने का मौका: वे चाहते हैं कि बच्चे माता-पिता की दौलत या पहचान के बजाय अपनी मेहनत से अपना मुकाम बनाएं।
- पैसे के गलत असर से बचाना: बिना मेहनत के मिला बहुत ज्यादा पैसा बच्चों में आलस, अहंकार या गलत आदतें पैदा कर सकता है।
- समाज के लिए पैसा इस्तेमाल करना: बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे अमीर लोग अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी कम करने और दूसरी सामाजिक जरूरतों के लिए देना चाहते हैं।
- परोपकार को बढ़ावा देना: ‘द गिविंग प्लेज’ के जरिए कई अरबपति अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों में लगाने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
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