एमपी में बस किराया हो सकता है कम, यात्रियों के फीडबैक के बाद सरकार करेगी नए सिरे से समीक्षा
Ramanand Tiwari | Oct 07, 2026, 21:52 IST
मध्य प्रदेश में बढ़े बस किराए की दोबारा समीक्षा हो सकती है।
मध्य प्रदेश में बस यात्रियों को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। हाल में बढ़ाए गए बस किराए (MP Bus Fare) को लेकर यात्रियों से मिले फीडबैक के बाद सरकार ने इसकी फिर समीक्षा कराने की तैयारी की है। परिवहन विभाग को मौजूदा किराया व्यवस्था, बस ऑपरेटरों की लागत और यात्रियों की भुगतान क्षमता का नए सिरे से परीक्षण करने को कहा गया है।
हालांकि अभी किराया कम करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
मध्य प्रदेश में करीब पांच साल बाद बस किराए (MP Bus Fare) में बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद अलग-अलग जिलों से यात्रियों की परेशानी और बढ़े खर्च को लेकर फीडबैक सामने आया।
जानकारी के मुताबिक जिलों के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) तक भी बढ़े किराए से जुड़ी बातें पहुंचीं। इसके बाद परिवहन विभाग (MP Transport Department) को किराए की समीक्षा और उसे युक्तियुक्त बनाने की संभावनाओं पर काम करने को कहा गया है।
सरकार की कोशिश है कि बस ऑपरेटरों की लागत भी पूरी हो और यात्रियों पर जरूरत से ज्यादा आर्थिक बोझ भी न पड़े।
अगस्त के पहले सप्ताह में सामान्य यात्री बस का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपए प्रति किलोमीटर किया गया था। इसके साथ न्यूनतम किराया भी 7 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए किया गया। इसका असर छोटी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों पर भी पड़ा।
अलग-अलग श्रेणी की बसों के लिए अलग दरें तय की गई हैं। बिना एसी डीलक्स बस में सामान्य किराए से 25 फीसदी ज्यादा किराया रखा गया है। एसी डीलक्स में यह अंतर 50 फीसदी और सुपर लग्जरी एसी बसों में 75 फीसदी तक है।
बस किराए (Madhya Pradesh Bus Fare) में किसी भी बदलाव का सबसे ज्यादा असर रोज यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ता है। इनमें विद्यार्थी, मजदूर, छोटे कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले यात्री शामिल हैं।
ऐसे यात्रियों के लिए रोज कुछ रुपए का अतिरिक्त खर्च भी महीने के बजट पर बड़ा असर डाल सकता है। अब सरकार की समीक्षा में इस पहलू को भी ध्यान में रखे जाने की उम्मीद है। किराया कम होता है तो इसका सीधा फायदा रोज बस से सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा।
किराया समीक्षा में केवल यात्रियों का पक्ष नहीं देखा जाएगा। निजी बस संचालकों की लागत को भी ध्यान में रखा जाएगा। ऑपरेटर लंबे समय से डीजल, बीमा, टोल टैक्स, स्पेयर पार्ट्स और बसों के रखरखाव का खर्च बढ़ने की बात कहते रहे हैं। इसी वजह से किराया बढ़ाने की मांग भी की गई थी।
अब परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा और ऑपरेटरों की वास्तविक लागत के बीच संतुलन तलाश सकता है। इसके लिए बस संचालकों और संबंधित संगठनों से भी जानकारी ली जा सकती है।
फिलहाल सरकार ने कोई नई किराया (Bus Fare) दर तय नहीं की है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि बस किराया कितना कम होगा या कब से नई दर लागू होगी। अभी विभाग को मौजूदा किराया व्यवस्था की समीक्षा करनी है। परीक्षण के बाद ही साफ होगा कि किराए में बदलाव की जरूरत है या नहीं।
यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि बढ़े किराए पर सरकार ने दोबारा विचार शुरू कर दिया है।
प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस जैसी योजनाओं से यात्रियों को आने वाले समय में और विकल्प मिल सकते हैं।
अगर कम किराए पर बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होता है तो यात्रियों की निजी बसों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे परिवहन सेवाओं में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
यात्रियों को बेहतर सेवा और उचित किराया मिले, सरकार की समीक्षा का फोकस इसी संतुलन पर रहने की उम्मीद है।
यात्रियों के फीडबैक के बाद सरकार सक्रिय
जानकारी के मुताबिक जिलों के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) तक भी बढ़े किराए से जुड़ी बातें पहुंचीं। इसके बाद परिवहन विभाग (MP Transport Department) को किराए की समीक्षा और उसे युक्तियुक्त बनाने की संभावनाओं पर काम करने को कहा गया है।
सरकार की कोशिश है कि बस ऑपरेटरों की लागत भी पूरी हो और यात्रियों पर जरूरत से ज्यादा आर्थिक बोझ भी न पड़े।
1.25 रुपए से बढ़कर 2 रुपए प्रति किलोमीटर हुआ किराया
अलग-अलग श्रेणी की बसों के लिए अलग दरें तय की गई हैं। बिना एसी डीलक्स बस में सामान्य किराए से 25 फीसदी ज्यादा किराया रखा गया है। एसी डीलक्स में यह अंतर 50 फीसदी और सुपर लग्जरी एसी बसों में 75 फीसदी तक है।
रोज सफर करने वालों को मिल सकती है राहत
ऐसे यात्रियों के लिए रोज कुछ रुपए का अतिरिक्त खर्च भी महीने के बजट पर बड़ा असर डाल सकता है। अब सरकार की समीक्षा में इस पहलू को भी ध्यान में रखे जाने की उम्मीद है। किराया कम होता है तो इसका सीधा फायदा रोज बस से सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा।
बस ऑपरेटरों की लागत भी देखेगी सरकार
अब परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा और ऑपरेटरों की वास्तविक लागत के बीच संतुलन तलाश सकता है। इसके लिए बस संचालकों और संबंधित संगठनों से भी जानकारी ली जा सकती है।
अभी तय नहीं हुआ नया किराया
यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि बढ़े किराए पर सरकार ने दोबारा विचार शुरू कर दिया है।
सरकारी बस सेवाओं से भी बढ़ेंगे विकल्प
अगर कम किराए पर बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होता है तो यात्रियों की निजी बसों पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे परिवहन सेवाओं में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
यात्रियों को बेहतर सेवा और उचित किराया मिले, सरकार की समीक्षा का फोकस इसी संतुलन पर रहने की उम्मीद है।
67 लाख महिलाओं के खातों में कल पहुंचेगी 632 करोड़ की राशि, जानिए किसे मिलेगा भुगतान
By Arun Tiwari
8 अक्टूबर को किसानों का हल्लाबोल; ट्रैक्टर से करेंगे सरकार का घेराव, गन्ना भुगतान समेत 11 मांगें को लेकर प्रदर्शन
By VINAY VERMA
दमोह में समग्र ID में बड़ी गड़बड़ी: एक समग्र आईडी पर 105 बच्चे लिए गोद, 6 लोगों पर मामला दर्ज
By Sandeep Kumar
CG Top News : कोल घोटाले में बड़ा खुलासा, 11 को साय कैबिनेट की बैठक, अमूल-देवभोग घी के सैंपल फेल
By Umeshwari Baghel
Rajasthan Top News: पंचायत चुनाव से पहले अशोक गहलोत-सचिन पायलट में पिघल रही बर्फ?
By
शिकार की सूचना पर पहुंचे थे जंगल, अतिक्रमणकारियों ने घेरा, मारपीट के बाद खेत के मकान में बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाया
By VINAY VERMA
21 लाख के टेंडर में चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने का आरोप, जोधपुर नगर निगम कमिश्नर ने बैठाई जांच
By The Sootr