नवरात्र का लाभ उठाने जोमैटो का शुद्ध शाकाहारी बेड़ा, विरोध पर Zomato ने दी सफाई
Dr Rameshwar Dayal | Mar 20, 2024, 11:32 IST
zomato
कंपनी सीईओ के अनुसार इस सर्विस के लिए शाकाहारी भोजन परोसने वाले रेस्तरां का चयन शामिल है, जहां नॉनवेज भोजन नहीं परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि जोमैटो के पूर्ण शाकाहारी फ्लीट में हरे रंग के डिब्बे होंगे न कि पारंपरिक लाल डिब्बे...
New Delhi: हर कंपनी भारतीय पर्व- त्योहारों और आदतों को कैश करने में लगी हुई और वह चाहती है कि इस दौरान उसकी बिक्री बढ़ जाए और ग्राहक भी संतुष्ट रहे। इसी कड़ी में जोमैटो ( Zomato ) कंपनी ने एक नई सर्विस शुरू की है। खाने-पीने के सामानों की ऑनलाइन सप्लाई करने वाली यह कंपनी अब शुद्ध शाकाहारी माध्यम ( pure veg mode ) से शाकाहारी खाने की सर्विस शुरू कर रही है। कंपनी का मानना है कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि भारत में शाकाहारियों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। माना जा रहा है कि अगले माह से शुरू होने वाले नवरात्र के दौरान कंपनी अपनी सप्लाई को धीमे नहीं पड़ने देना चाहती, इसलिए उसने यह कदम उठाया है। इस सर्विस का कुछ विरोध शुरू हुआ तो कंपनी ने स्पष्ट ( clarification) किया कि यह कदम किसी भी धार्मिक या राजनीतिक प्राथमिकताओं के लिए नहीं है।
कंपनी के संस्थापक व सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (X) पर अपनी नई सुविधा की जानकारी और बताया कि यह सर्विस शुद्ध शाकाहार अपनाने वाले ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर ‘शुद्ध शाकाहारी बेड़ा’ ( pure veg fleet ) शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारी जनसंख्या भारत में है। उनसे हमें सबसे महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिली है कि वे इसको लेकर बहुत गंभीर हैं कि उनका खाना कैसे पकाया जाता है और उनके भोजन को कैसे लाया जाता है। कई बार नॉन वेज खाना बॉक्स में गलती से चला जाता है, जिसकी गंध से लोगों को परेशानी होती है। इसलिए उनकी आहार संबंधी प्राथमिकताओं को हल करने के लिए प्योर वेज फ्लीट शुरू करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने अपनी नई सर्विस के कार्यकलापों की जानकारी दी और बताया कि इस सर्विस के लिए शाकाहारी भोजन परोसने वाले रेस्तरां का चयन शामिल है, जहां नॉनवेज भोजन नहीं परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि जोमैटो के पूर्ण शाकाहारी फ्लीट में हरे रंग के डिब्बे होंगे न कि पारंपरिक लाल डिब्बे। हमारे खाना सप्लाई करने वाले लड़के विशेष रूप से शुद्ध शाकाहारी रेस्तरां से ऑर्डर वितरित करेंगे और कोई भी मांसाहारी भोजन नहीं संभालेंगे। इसके अलावा वे हरे रंग का डिब्बा लेकर मांसाहारी रेस्तरां में प्रवेश भी नहीं करेंगे।
उनकी इस योजना का जब सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हुआ तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा इसलिए शुरू की गई क्योंकि उनको जानकारी है कि कुछ हाउसिंग सोसाइटिया और कॉलोनियां उनके नियमित जोमैटो डिलीवरी एजेंटों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकती है जो लाल टी-शर्ट पहनते हैं और उनके वाहनों पर लाल बॉक्स होते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस बदलाव के कारण अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर हम इसे हल करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपने उपभोक्तओं को यह भी वादा किया कि अगर हम इस बदलाव के किसी भी महत्वपूर्ण नकारात्मक सामाजिक नतीजे को देखते हैं, तो हम इसे वापस ले लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी का यह कदम किसी भी धार्मिक या राजनीतिक प्राथमिकताओं के लिए नहीं है।
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ग्राहकों की मांग पर लिया गया यह निर्णय
कंपनी के संस्थापक व सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (X) पर अपनी नई सुविधा की जानकारी और बताया कि यह सर्विस शुद्ध शाकाहार अपनाने वाले ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर ‘शुद्ध शाकाहारी बेड़ा’ ( pure veg fleet ) शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारी जनसंख्या भारत में है। उनसे हमें सबसे महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मिली है कि वे इसको लेकर बहुत गंभीर हैं कि उनका खाना कैसे पकाया जाता है और उनके भोजन को कैसे लाया जाता है। कई बार नॉन वेज खाना बॉक्स में गलती से चला जाता है, जिसकी गंध से लोगों को परेशानी होती है। इसलिए उनकी आहार संबंधी प्राथमिकताओं को हल करने के लिए प्योर वेज फ्लीट शुरू करने का फैसला लिया गया।
कैसे काम करेगी यह सर्विस
उन्होंने अपनी नई सर्विस के कार्यकलापों की जानकारी दी और बताया कि इस सर्विस के लिए शाकाहारी भोजन परोसने वाले रेस्तरां का चयन शामिल है, जहां नॉनवेज भोजन नहीं परोसा जाता है। उन्होंने कहा कि जोमैटो के पूर्ण शाकाहारी फ्लीट में हरे रंग के डिब्बे होंगे न कि पारंपरिक लाल डिब्बे। हमारे खाना सप्लाई करने वाले लड़के विशेष रूप से शुद्ध शाकाहारी रेस्तरां से ऑर्डर वितरित करेंगे और कोई भी मांसाहारी भोजन नहीं संभालेंगे। इसके अलावा वे हरे रंग का डिब्बा लेकर मांसाहारी रेस्तरां में प्रवेश भी नहीं करेंगे।
सोशल मीडिया पर विरोध हुआ तो स्पष्ट किया
उनकी इस योजना का जब सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हुआ तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा इसलिए शुरू की गई क्योंकि उनको जानकारी है कि कुछ हाउसिंग सोसाइटिया और कॉलोनियां उनके नियमित जोमैटो डिलीवरी एजेंटों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकती है जो लाल टी-शर्ट पहनते हैं और उनके वाहनों पर लाल बॉक्स होते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस बदलाव के कारण अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर हम इसे हल करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपने उपभोक्तओं को यह भी वादा किया कि अगर हम इस बदलाव के किसी भी महत्वपूर्ण नकारात्मक सामाजिक नतीजे को देखते हैं, तो हम इसे वापस ले लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी का यह कदम किसी भी धार्मिक या राजनीतिक प्राथमिकताओं के लिए नहीं है।
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