आज से भाद्रपद मास की शुरुआत, श्रीकृष्ण-गणेश की पूजा के साथ इन नियमों का पालन करना है जरूरी
Kaushiki | Aug 10, 2025, 13:19 IST
Bhadrapada month 2025
भाद्रपद मास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी जैसे प्रमुख व्रत और त्योहार आएंगे। जानें इस पावन महीने का महत्व, नियम और तिथियां।
सावन मास का समापन रक्षाबंधन के साथ हो गया है और अब आज 10 अगस्त 2025 से हिंदू पंचांग के छठे महीने भाद्रपद मास की शुरुआत हो रही है। इस महीने को भादो या भादवा के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक दृष्टि से यह महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। इस महीने में कई बड़े और पवित्र व्रत-त्योहार आते हैं, जो भक्तों को आध्यात्मिकता और भक्ति में लीन कर देते हैं।
भाद्रपद मास चातुर्मास का दूसरा महीना है, जिसमें विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों का बहुत महत्व होता है। मान्यता है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है और यह भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाता है।
ये खबर भी पढ़ें...इस दिन मनेगा सुहागिनों का खास पर्व कजरी तीज, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा की सही विधि
धार्मिक मान्याता के मुताबिक, भाद्रपद मास का सबसे बड़ा महत्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, जन्माष्टमी (Janmashtami) के कारण है। इस दिन देशभर में कृष्ण भक्त उपवास रखते हैं और रात में भगवान के जन्म के बाद पूजा-अर्चना करते हैं।
इस महीने में आने वाले एक और महत्वपूर्ण पर्व गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) है, जब भक्तगण 10 दिनों तक भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं। यह समय भक्ति, उपवास और दान-पुण्य का होता है।
धार्मिक महत्व के साथ-साथ, भाद्रपद मास का संबंध हमारी सेहत से भी है। यह वर्षा ऋतु का समय होता है जब वातावरण में नमी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण से इस महीने में खान-पान और जीवनशैली के कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
ये खबर भी पढ़ें... इस साल अगस्त में कब मनेगा गणेश चतुर्थी का पर्व, इस दिन क्यों नहीं देखते चांद, जानें शुभ मुहूर्त
👩👦👨👩👧👧
धार्मिक दृष्टि से यह महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। इस महीने में कई बड़े और पवित्र व्रत-त्योहार आते हैं, जो भक्तों को आध्यात्मिकता और भक्ति में लीन कर देते हैं।
भाद्रपद मास चातुर्मास का दूसरा महीना है, जिसमें विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों का बहुत महत्व होता है। मान्यता है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है और यह भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाता है।
भाद्रपद मास की खास बातें
|
भाद्रपद माह का महत्व
इस महीने में आने वाले एक और महत्वपूर्ण पर्व गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) है, जब भक्तगण 10 दिनों तक भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं। यह समय भक्ति, उपवास और दान-पुण्य का होता है।
भादवा मास 2025 की त्योहारों की सूची
- 12 अगस्त: कज्जली तीज, सतुआ, बहुला चतुर्थी, संकट चतुर्थी व्रत
- 14 अगस्त: चांद छठ
- 16 अगस्त: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नंदोत्सव, कालाष्टमी, दूर्वा अष्टमी
- 17 अगस्त: गोगानवमी
- 19 अगस्त: अजा एकादशी
- 20 अगस्त: प्रदोष व्रत, गोवत्सद्वादशी
- 22 अगस्त: महाशिवरात्रि, सिद्ध पितृ अमावस्या
- 23 अगस्त: शनैश्चरी अमावस्या, कुशोत्पाटिनी अमावस्या
- 25 अगस्त: विश्वकर्मा जयंती, वराह जयंती
- 26 अगस्त: हरतालिका तीज व्रत
- 27 अगस्त: श्री गणेश चतुर्थी, पार्थिव गणेश स्थापना
- 28 अगस्त: ऋषि पंचमी
- 29 अगस्त: हल छठ
- 30 अगस्त: संतान सप्तमी
- 31 अगस्त: दुर्गाष्टमी, राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत आरंभ
- 1 सितंबर: चंद्र नवमी, भागवत सप्ताह प्रारंभ
- 2 सितंबर: तेजा दशमी
- 3 सितंबर: डोल ग्यारस
- 4 सितंबर: वामन जयंती
- 5 सितंबर: प्रदोष व्रत
- 6 सितंबर: अनंत चतुर्दशी, पार्थिव गणेश विसर्जन
- 7 सितंबर: भागवत सप्ताह पूर्ण, श्राद्धपक्ष प्रारंभ, पूर्णिमा का श्राद्ध, खग्रास चंद्र ग्रहण
भादवा में क्या करें और क्या नहीं
ये खबर भी पढ़ें... इस साल अगस्त में कब मनेगा गणेश चतुर्थी का पर्व, इस दिन क्यों नहीं देखते चांद, जानें शुभ मुहूर्त
भादवा मास में क्या करें
- भगवान की भक्ति: इस महीने में श्रीकृष्ण और गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना करें। उनके मंत्रों का जाप और आरती करें।
- सात्विक भोजन: वर्षा ऋतु के कारण पाचन क्रिया थोड़ी कमजोर हो जाती है। इसलिए, हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें। ताजा और पका हुआ खाना ही खाएं।
- दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना बेहद शुभ माना गया है।
- गंगा स्नान: इस महीने में कम से कम एक बार गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत फलदायी होता है।
- औषधीय सेवन: रोजाना नीम और तुलसी की एक-दो पत्ती खाने से सेहत अच्छी बनी रहती है।
भाद्रपद मास में क्या न करें
- तामसिक भोजन: मांस-मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए।
- दही का परहेज: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस महीने में दही का सेवन वर्जित है।
- अशुभ कार्य: मान्याता के मुताबिक, गृह निर्माण या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य इस महीने में करने से बचें।
- अन्य कार्य: बाल कटवाना या दाढ़ी बनवाना भी इस महीने में शुभ नहीं माना जाता।
- बासी भोजन: इस महीने में बासी और कच्चा भोजन खाने से बचें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
FAQ
- भादवा में कौन से प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं?
भादवा में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और हरितालिका तीज हैं। इसके अलावा, इस महीने में कज्जली तीज, अजा एकादशी, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे कई अन्य व्रत और पर्व भी आते हैं। - भादवा में दही का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भाद्रपद मास में दही का सेवन वर्जित माना गया है। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है। वर्षा ऋतु के कारण इस समय पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है और दही जैसी ठंडी चीजों का सेवन करने से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, सेहत को ध्यान में रखते हुए इस महीने में दही से परहेज करने की सलाह दी जाती है। - भादवा का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व क्या है?
भादवा का ज्योतिषीय महत्व यह है कि इस समय सूर्य सिंह राशि में गोचर करते हैं, जो धार्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से, यह महीना भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी की भक्ति के लिए समर्पित है। इस महीने में किए गए पूजा-पाठ, व्रत और दान-पुण्य से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
👩👦👨👩👧👧
जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
By Ramanand Tiwari
प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास
By Amresh Kushwaha
एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
By Ramanand Tiwari
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
By Mukesh Sharma
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल
By Ramanand Tiwari
महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, करोड़ों के सट्टे और हवाला नेटवर्क की जांच तेज
By VINAY VERMA