क्या आपने देखा है सिक्कों वाला पेड़, रानी विक्टोरिया से जुड़ा ये गहरा राज
Kaushiki | Aug 20, 2026, 14:40 IST
Mysterious Money Tree Britain
ब्रिटेन में कई ऐसे पेड़ हैं जिनके तनों पर हजारों सिक्के जड़े हैं। इन्हें मनी ट्री या विशिंग ट्री कहा जाता है। 18वीं सदी से लोग अच्छी सेहत और इच्छा पूरी करने के लिए पेड़ में सिक्के ठोकते आ रहे हैं। आइए जानते हैं इसका पूरा इतिहास।
Mysterious Money Tree: क्या आपने कभी किसी ऐसे पेड़ के बारे में सुना है, जिसके तने पर पत्तों की जगह सिक्के उगे हों? दूर से देखने पर यह किसी काल्पनिक फिल्म का दृश्य या खूबसूरत कलाकृति लगता है। लेकिन यह कोई सपना या जादू नहीं, बल्कि सच बात है। ब्रिटेन के कई हिस्सों में ऐसे रहस्यमयी और अनोखे पेड़ आज भी मौजूद हैं।
इन पेड़ों के तने में लोहे और तांबे के हजारों सिक्के बुरी तरह से धंसे हुए हैं। पहली नजर में इन्हें देखकर हर कोई हैरान और चकित रह जाता है। लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर पेड़ों में सिक्के क्यों ठोके गए हैं। सदियों पुराने ये पेड़ आज भी अपनी जगह पर मजबूती से खड़े हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर इन सिक्कों वाले पेड़ों के पीछे असली रहस्य क्या है।
![f5d5f6ee-abc]()
दुनियाभर से लाखों पर्यटक इन पेड़ों की एक झलक पाने के लिए ब्रिटेन आते हैं। ये पेड़ इतिहास, रहस्य और जनश्रुतियों का एक अद्भुत संगम बन चुके हैं। ब्रिटेन के ग्रामीण इलाकों में ये पेड़ आज भी क्यूरोसिटी का सब्जेक्ट बने हुए हैं। हर कोई इन पेड़ों के पास जाकर इनकी तस्वीरें लेना बहुत पसंद करता है।
इन पेड़ों के पीछे की कहानी बेहद पुरानी और बहुत दिलचस्प मानी जाती है। लोग सदियों से इन कहानियों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सुनाते आए हैं। वैज्ञानिक भी इन पेड़ों को देखकर काफी ज्यादा हैरान और आश्चर्यचकित होते रहे हैं।
इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड के जंगलों में ऐसे कई पेड़ आसानी से मिल जाते हैं। लोकल भाषा में लोग इन्हें मनी ट्री या विशिंग ट्री कहकर बुलाते हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध पेड़ नॉर्थ वेल्स के बेहद खूबसूरत गांव पोर्टमेइरियन में स्थित है।
इस पेड़ का पूरा तना सिक्कों से पूरी तरह से ढका हुआ नजर आता है। पेड़ की छाल के अंदर तक सिक्कों को बहुत मजबूती से ठोका गया है। देखने पर ऐसा लगता है जैसे पेड़ की अपनी छाल ही सिक्कों से बनी हो। यह नजारा दिखने में जितना सुंदर है, उतना ही अधिक रहस्य से भरा हुआ भी है।
जो भी पर्यटक यहां आता है, वह इस अद्भुत दृश्य को देखकर दंग रह जाता है। लोग इन सिक्कों को छूकर अपनी मन्नतें मांगने की पुरानी परंपरा को निभाते हैं। यह जगह अब ब्रिटेन की एक बहुत बड़ी और प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट बन चुकी है।
![af1aeb86-f7f]()
300 साल पुरानी है
इतिहासकारों और धार्मिक परंपरा के मुताबिक, इस अनोखी परंपरा की शुरुआत 18वीं सदी के आसपास हुई थी। उस जमाने में लोगों के मन में पेड़ों को लेकर एक विशेष धार्मिक आस्था थी। ब्रिटेन के लोग मानते थे कि पेड़ में सिक्का ठोकने से उनकी किस्मत बदल जाएगी। वे इसे अपनी अच्छी सेहत, खुशहाली और तरक्की के साथ जोड़कर देखा करते थे।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार होता था, तो वह पेड़ में सिक्का ठोकता था। लोगों का मानना था कि पेड़ उनकी बीमारी को अपने अंदर खींच लेता है। बीमारी के बाद इंसान पूरी तरह से ठीक और स्वस्थ हो जाता था।
इस विश्वास के कारण धीरे-धीरे हजारों लोगों ने पेड़ों में सिक्के ठोकने शुरू कर दिए। समय के साथ यह प्रथा एक स्थापित परंपरा और लोक संस्कृति का हिस्सा बन गई। लोग खुशियां मनाने और मन्नत मांगने के लिए भी यहां आने लगे थे।
![ब्रिटेन का एक पैसों वाला पेड़, जो करता है सबकी मनोकामना पूरी - News18 हिंदी]()
पुरानी लोककथाओं में इस परंपरा को लेकर कई तरह की चेतावनियां भी दी गई हैं। कहा जाता है कि पेड़ में लगा सिक्का निकालना बहुत बड़ा पाप माना जाता था। अगर कोई व्यक्ति पेड़ से सिक्का निकालने की हिम्मत करता था, तो वह बीमार हो जाता था। मान्यता थी कि उस व्यक्ति के ऊपर भारी दुर्भाग्य और विपत्ति आ जाती थी।
ऐसा माना जाता था कि पेड़ में समाई बीमारियां उस व्यक्ति के शरीर में आ जाती थीं। इसी डर के कारण किसी ने भी सिक्कों को चुराने की कोशिश नहीं की। सदियों से लोग इन सिक्कों को छुए बिना जस का तस छोड़ते आ रहे हैं।
यही वजह है कि 300 साल पुराने सिक्के भी आज सुरक्षित मौजूद हैं। स्थानीय लोग आज भी इन पेड़ों का और परंपराओं का पूरा सम्मान करते हैं। कोई भी इंसान इन सिक्कों को नुकसान पहुँचाने के बारे में सोचता तक नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रथा प्राचीन पैगन संस्कृति से काफी हद तक जुड़ी है। पैगन संस्कृति में प्रकृति और पेड़ों को भगवान की तरह पूजा जाता था। वे मानते थे कि पेड़ों में दैवीय और अलौकिक आत्माओं का निवास होता है।
ईश्वर को खुश करने के लिए लोग उपहार के रूप में सिक्के भेंट करते थे। ठीक वैसे ही जैसे आज लोग फव्वारों या पवित्र नदियों में सिक्के फेंकते हैं। फव्वारों में सिक्के डालकर मन्नत मांगने की प्रथा भी इसी से प्रेरित है।
उसी तरह जंगलों में लोग पेड़ों के तने में सिक्के गाड़ दिया करते थे। वे अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए भगवान से प्रार्थना करते थे। यह परंपरा धीरे-धीरे ब्रिटेन के लगभग हर हिस्से में बहुत तेजी से फैल गई। आज भी कई लोग अपनी पुरानी संस्कृति को याद रखने के लिए यहां आते हैं।
![Mysterious Money Tree]()
स्कॉटलैंड के आइल मारी स्थित सेंट मेलरुबा के पास सबसे मशहूर मनी ट्री मौजूद है। यह पेड़ इतिहास के पन्नों में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कहा जाता है कि ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया ने भी इस पेड़ की यात्रा की थी। वर्ष 1877 में उन्होंने खुद इस पेड़ के तने में एक सिक्का ठोका था।
महारानी के सिक्का लगाने के बाद यह जगह बहुत ज्यादा मशहूर और प्रसिद्ध हो गई। आम जनता के बीच इस परंपरा के प्रति भरोसा और भी ज्यादा मजबूत हो गया। आज भी इस प्राचीन पेड़ में लगभग दो सौ साल पुराने सिक्के साफ दिखाई देते हैं।
ये सिक्के उस समय के इतिहास और शाही दौर की गवाही देते हैं। इतिहासकार इन सिक्कों का अध्ययन करके पुरानी कला और धातुओं की जानकारी हासिल करते हैं। यह पेड़ इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहद कीमती खजाना माना जाता है।
आज के समय में ये रहस्यमयी पेड़ केवल आस्था का केंद्र नहीं रहे हैं। ये दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर बहुत तेजी से आकर्षित करते हैं। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की राय इस मामले में थोड़ी सी अलग है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि पेड़ में धातु ठोकने से लकड़ी को नुकसान होता है। धातु के सिक्कों से पेड़ के अंदर खतरनाक केमिकल और जहर फैल सकता है। इससे पेड़ धीरे-धीरे खोखला होकर सूख सकता है या कमजोर हो सकता है।
इसलिए अब प्रशासन लोगों को नए सिक्के ठोकने से रोकने का प्रयास कर रहा है। लेकिन पुराने सिक्कों से ढके पेड़ आज भी सुरक्षित रखे गए हैं। यह परंपरा इंसान की आस्था, विश्वास और प्रकृति के अनोखे संबंध को दर्शाती है। सदियों पुराने ये पेड़ आज भी ब्रिटेन के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा हैं। अनूठी परंपराएं
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
शिव जी को क्यों प्रिय हैं ये 5 वृक्ष, जानें क्या है इसका नक्षत्र और साइंस से कनेक्शन
आखिर क्यों 364 दिन बंद रहता है उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर का पट, जानें रहस्य
जानें कलयुग के 5 सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर, जिनके चमत्कारों के आगे विज्ञान भी हारा
रौंगटे खड़े कर देगी केदारनाथ की ये चमत्कारी घटना, जानिए इस अद्भुत रहस्य को
इन पेड़ों के तने में लोहे और तांबे के हजारों सिक्के बुरी तरह से धंसे हुए हैं। पहली नजर में इन्हें देखकर हर कोई हैरान और चकित रह जाता है। लोग यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर पेड़ों में सिक्के क्यों ठोके गए हैं। सदियों पुराने ये पेड़ आज भी अपनी जगह पर मजबूती से खड़े हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर इन सिक्कों वाले पेड़ों के पीछे असली रहस्य क्या है।
f5d5f6ee-abc
दुनियाभर से आते हैं लाखों पर्यटक
इन पेड़ों के पीछे की कहानी बेहद पुरानी और बहुत दिलचस्प मानी जाती है। लोग सदियों से इन कहानियों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सुनाते आए हैं। वैज्ञानिक भी इन पेड़ों को देखकर काफी ज्यादा हैरान और आश्चर्यचकित होते रहे हैं।
कहां है ये मशहूर मनी ट्री
इस पेड़ का पूरा तना सिक्कों से पूरी तरह से ढका हुआ नजर आता है। पेड़ की छाल के अंदर तक सिक्कों को बहुत मजबूती से ठोका गया है। देखने पर ऐसा लगता है जैसे पेड़ की अपनी छाल ही सिक्कों से बनी हो। यह नजारा दिखने में जितना सुंदर है, उतना ही अधिक रहस्य से भरा हुआ भी है।
जो भी पर्यटक यहां आता है, वह इस अद्भुत दृश्य को देखकर दंग रह जाता है। लोग इन सिक्कों को छूकर अपनी मन्नतें मांगने की पुरानी परंपरा को निभाते हैं। यह जगह अब ब्रिटेन की एक बहुत बड़ी और प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट बन चुकी है।
af1aeb86-f7f
300 साल पुरानी है सिक्का ठोकने की प्रथा
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार होता था, तो वह पेड़ में सिक्का ठोकता था। लोगों का मानना था कि पेड़ उनकी बीमारी को अपने अंदर खींच लेता है। बीमारी के बाद इंसान पूरी तरह से ठीक और स्वस्थ हो जाता था।
इस विश्वास के कारण धीरे-धीरे हजारों लोगों ने पेड़ों में सिक्के ठोकने शुरू कर दिए। समय के साथ यह प्रथा एक स्थापित परंपरा और लोक संस्कृति का हिस्सा बन गई। लोग खुशियां मनाने और मन्नत मांगने के लिए भी यहां आने लगे थे।
ब्रिटेन का एक पैसों वाला पेड़, जो करता है सबकी मनोकामना पूरी - News18 हिंदी
सिक्का निकालना क्यों माना जाता था अशुभ
ऐसा माना जाता था कि पेड़ में समाई बीमारियां उस व्यक्ति के शरीर में आ जाती थीं। इसी डर के कारण किसी ने भी सिक्कों को चुराने की कोशिश नहीं की। सदियों से लोग इन सिक्कों को छुए बिना जस का तस छोड़ते आ रहे हैं।
यही वजह है कि 300 साल पुराने सिक्के भी आज सुरक्षित मौजूद हैं। स्थानीय लोग आज भी इन पेड़ों का और परंपराओं का पूरा सम्मान करते हैं। कोई भी इंसान इन सिक्कों को नुकसान पहुँचाने के बारे में सोचता तक नहीं है।
इच्छा पूरी करने की प्राचीन मान्यता
ईश्वर को खुश करने के लिए लोग उपहार के रूप में सिक्के भेंट करते थे। ठीक वैसे ही जैसे आज लोग फव्वारों या पवित्र नदियों में सिक्के फेंकते हैं। फव्वारों में सिक्के डालकर मन्नत मांगने की प्रथा भी इसी से प्रेरित है।
उसी तरह जंगलों में लोग पेड़ों के तने में सिक्के गाड़ दिया करते थे। वे अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए भगवान से प्रार्थना करते थे। यह परंपरा धीरे-धीरे ब्रिटेन के लगभग हर हिस्से में बहुत तेजी से फैल गई। आज भी कई लोग अपनी पुरानी संस्कृति को याद रखने के लिए यहां आते हैं।
Mysterious Money Tree
रानी विक्टोरिया से जुड़ा है अनोखा इतिहास
महारानी के सिक्का लगाने के बाद यह जगह बहुत ज्यादा मशहूर और प्रसिद्ध हो गई। आम जनता के बीच इस परंपरा के प्रति भरोसा और भी ज्यादा मजबूत हो गया। आज भी इस प्राचीन पेड़ में लगभग दो सौ साल पुराने सिक्के साफ दिखाई देते हैं।
ये सिक्के उस समय के इतिहास और शाही दौर की गवाही देते हैं। इतिहासकार इन सिक्कों का अध्ययन करके पुरानी कला और धातुओं की जानकारी हासिल करते हैं। यह पेड़ इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहद कीमती खजाना माना जाता है।
आस्था, विज्ञान और पर्यावरण का सच
वैज्ञानिकों का कहना है कि पेड़ में धातु ठोकने से लकड़ी को नुकसान होता है। धातु के सिक्कों से पेड़ के अंदर खतरनाक केमिकल और जहर फैल सकता है। इससे पेड़ धीरे-धीरे खोखला होकर सूख सकता है या कमजोर हो सकता है।
इसलिए अब प्रशासन लोगों को नए सिक्के ठोकने से रोकने का प्रयास कर रहा है। लेकिन पुराने सिक्कों से ढके पेड़ आज भी सुरक्षित रखे गए हैं। यह परंपरा इंसान की आस्था, विश्वास और प्रकृति के अनोखे संबंध को दर्शाती है। सदियों पुराने ये पेड़ आज भी ब्रिटेन के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा हैं। अनूठी परंपराएं
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
शिव जी को क्यों प्रिय हैं ये 5 वृक्ष, जानें क्या है इसका नक्षत्र और साइंस से कनेक्शन
आखिर क्यों 364 दिन बंद रहता है उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर का पट, जानें रहस्य
जानें कलयुग के 5 सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर, जिनके चमत्कारों के आगे विज्ञान भी हारा
रौंगटे खड़े कर देगी केदारनाथ की ये चमत्कारी घटना, जानिए इस अद्भुत रहस्य को
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA