चैत्र नवरात्रि 2025: इस बार 9 नहीं, 8 दिनों की होगी नवरात्रि, जानें इस बार क्या है खास
Kaushiki | Mar 29, 2025, 14:44 IST
चैत्र नवरात्रि
चैत्र नवरात्रि 2025, 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगी, लेकिन इस बार नवरात्रि केवल 8 दिन की होगी। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, द्वितीया और तृतीया तिथियों के मिलन के कारण यह बदलाव हुआ है।
चैत्र नवरात्रि 2025: 30 मार्च 2025, रविवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और इस दिन से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत मानी जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है और 6 अप्रैल 2025 तक चलेगा। पंचांग के मुताबिक, इस बार नवरात्रि का पर्व 9 दिनों के बजाय केवल 8 दिन का होगा। माना जा रहा है कि, यह बदलाव एक ज्योतिषीय कारण के कारण हुआ है। आइए जानें क्यों इस बार नवरात्रि 9 दिन के बजाय केवल 8 दिन की होगी।
ये खबर भी पढ़ें... जानें चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और उनके भोग का राज
हिंदू पंचांग के मुताबिक, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और समापन नवमी तिथि को होता है। नवरात्रि के इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि, नवरात्रि का व्रत और पूजा अर्चना करने से सभी रोग और कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही मां दुर्गा के आशीर्वाद से ग्रहों का शुभ फल प्राप्त होता है और सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
ये खबर भी पढ़ें... मां शारदा के धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर, चैत्र नवरात्रि में मैहर में 5 मिनट ठहरेंगी ये ट्रेनें
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च 2025 को सुबह 6:13 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके बाद आप अभिजीत मुहूर्त में भी पूजन कर सकते हैं, जो दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा।
हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस बार
मान्यता के मुताबिक, इस समय
ये खबर भी पढ़ें... जानें चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और उनके भोग का राज
चैत्र नवरात्रि का महत्व
इस बार 8 दिन क्यों होंगे नवरात्रि
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, इस वर्ष की चैत्र नवरात्रि कई दुर्लभ और शुभ संयोग लेकर आ रही है। द्वितीया और तृतीया तिथियों का मिलन इस बार नवरात्रि को आठ दिनों का बना रहा है, जिससे भक्तों को देवी आराधना का अधिक फल प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष का संवत्सर सिद्धार्थी है, जो जीवन में समृद्धि और सिद्धि लाने वाला साबित होगा। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, जिन लोगों का लक्ष्य नई शुरुआत, व्यापार, शिक्षा या आध्यात्मिक प्रगति है, उनके लिए यह संवत्सर अत्यंत शुभकारी रहेगा। इस बार, सोमवार, 1 अप्रैल को सुबह 9:28 बजे के बाद गण गौरी पूजा का विशेष महत्व रहेगा, जो देवी की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्तम समय रहेगा।
घटस्थापना मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि की पूजा विधि
- प्रतिपदा: 30 मार्च, रविवार – मां शैलपुत्री का पूजन
- द्वितीया और तृतीया: 31 मार्च, सोमवार – मां ब्रह्मचारिणी और मां चंद्रघंटा का पूजन
- चतुर्थी: 1 अप्रैल, मंगलवार – मां कुष्मांडा का पूजन
- पंचमी: 2 अप्रैल, बुधवार – मां स्कंदमाता का पूजन
- षष्ठी: 3 अप्रैल, गुरुवार – मां कात्यायनी का पूजन
- सप्तमी: 4 अप्रैल, शुक्रवार – मां कालरात्रि का पूजन
- अष्टमी: 5 अप्रैल, शनिवार – मां महागौरी का पूजन
- नवमी: 6 अप्रैल, रविवार – मां सिद्धिदात्री का पूजन
नवरात्रि व्रत के नियम
- तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
- शराब, तंबाकू और मांसाहारी चीजें घर में नहीं लानी चाहिए।
- नाखून, बाल और दाढ़ी काटने से बचें।
- सेंधा नमक का सेवन करें।
- चमड़े से बनी चीजों का इस्तेमाल न करें।
- नवरात्रि के दौरान काले रंग के कपड़े नहीं पहनें।
- इस प्रकार, इस साल चैत्र नवरात्रि में केवल 8 दिन ही मां दुर्गा की पूजा होगी और कन्या पूजन का महत्व बढ़ जाएगा।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj