कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच साल बाद फिर शुरू, नाथुला से रवाना हुआ पहला जत्था

Kaushiki | Jun 21, 2025, 16:27 IST
Share
Kailash Mansarovar Yatra
Kailash Mansarovar Yatra

कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच साल बाद फिर से शुरू हो गई है, जिसमें 33 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था नाथुला से रवाना हुआ है। यह यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व रखती है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल शारीरिक दृष्टि से एक चुनौतीपूर्ण यात्रा है, बल्कि यह एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव भी है। हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि यहां जाने से मोक्ष प्राप्त होता है। इसके अलावा, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में भी इस स्थान का विशेष धार्मिक महत्व है।

जैन धर्म के मुताबिक, यहीं ऋषभदेव को मोक्ष मिला था, जबकि बौद्ध धर्म इसे चक्रसंवारा देवता का स्थान मानता है। इस तरह, यह यात्रा केवल हिंदू धर्म के लोगों के लिए नहीं, बल्कि कई धर्मों के अनुयायियों के लिए भी जरूरी है।

ये खबर भी पढ़ें... 5 साल बाद 30 जून से शुरू हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा, यात्रियों की संख्या में भारी कमी



फिर से शुरू हुई यात्रा

पिछले पांच वर्षों से बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा अब फिर से शुरू हो गई है। यह यात्रा 24 जून 2025 को नाथुला दर्रे से शुरू हुई, जहां से 33 श्रद्धालुओं की टोली रवाना हुई। इस टोली के साथ ITBP के दो अधिकारी और एक डॉक्टर भी जा रहे हैं, कुल मिलाकर 36 लोग इस पवित्र यात्रा पर निकले हैं। यात्रा का फिर से प्रारंभ होने पर सभी तीर्थयात्री बेहद उत्साहित हैं, खासकर वे भक्त जो कई वर्षों से कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने का सपना देख रहे थे।

यात्रा की तैयारी

कैलाश मानसरोवर तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को विशेष शारीरिक तैयारी करनी पड़ती है। इस यात्रा के दौरान उन्हें 18वें मील और फिर शेरथांग में रुकना होता है, ताकि उनका शरीर उच्च ऊंचाई पर कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार हो सके।

इस यात्रा को करने के दौरान श्रद्धालुओं को अपने शारीरिक और मानसिक सीमा से ऊपर उठने का अनुभव होता है, जिससे उन्हें आध्यात्मिक जागृति मिलती है।

ये खबर भी पढ़ें... कौन सा समय पूजा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जानें पूजा से जुड़ी कुछ जरूरी बातें?

राज्यपाल का संदेश

सिक्किम के राज्यपाल, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह दिन सिक्किम के लिए सम्मान का पल है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से यह यात्रा पुनः शुरू हो सकी।

पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका

वहीं, सिक्किम के पर्यटन मंत्री, शेरिंग थेंडुप भूटिया ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से सिक्किम में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

नाथुला अब केवल एक बॉर्डर नहीं, बल्कि एक पवित्र तीर्थ स्थान बन गया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सिक्किम की आध्यात्मिक धरोहर को और भी सम्मान मिलेगा।

ये खबर भी पढ़ें... मां लक्ष्मी की कृपा के लिए ऐसे करें आषाढ़ अमावस्या पर उनकी पूजा, घर में आएगी सुख और समृद्धि

मानसरोवर में स्नान का महत्व

कैलाश मानसरोवर में स्नान करने को अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि मानसरोवर के जल में डुबकी लगाने से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष प्राप्त होता है। यह यात्रा न केवल शारीरिक परीक्षण है, बल्कि यह आत्मा को शुद्ध करने और एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम भी है।

यहां तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों को विशेष शारीरिक तैयारी करनी पड़ती है। इस यात्रा के दौरान उन्हें 18वें मील और फिर शेरथांग में रुकना होता है, ताकि उनका शरीर उच्च ऊंचाई पर कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार हो सके। इस यात्रा को करने के दौरान श्रद्धालुओं को अपने शारीरिक और मानसिक सीमा से ऊपर उठने का अनुभव होता है, जिससे उन्हें आध्यात्मिक जागृति मिलती है।

यात्रा से मिलने वाले लाभ

इस यात्रा के समय तीर्थयात्री अपनी शारीरिक और मानसिक सीमाओं से ऊपर उठकर आत्मज्ञान प्राप्त करते हैं। इसके अलावा, यह यात्रा उन्हें अपने अंदर की नकारात्मक भावनाओं को त्यागने और अपने जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर देती है।

हिंदू धर्म में इसे एक जीवन बदलने वाली यात्रा माना जाता है। यह यात्रा व्यक्ति को लोभ, मोह, अहंकार और क्रोध जैसी नकारात्मक भावनाओं को त्यागने की शक्ति देती है।

ये खबर भी पढ़ें...भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष महीना है सावन , जानें 2025 में कितने सावन सोमवार पड़ेंगे

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬

👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

धर्म ज्योतिष न्यूज

Tags:
  • तीर्थयात्री
  • मानसरोवर
  • kailash
  • कैलाश
  • धर्म ज्योतिष न्यूज
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं