भारत के इन मंदिरों में कंकड़-पत्थर चढ़ाने से बनता है खुद का घर, जानें मंदिरों की मान्यता

Kaushiki | Sept 15, 2026, 13:00 IST
Share
Unique Indian temples
Unique Indian temples

भारत में तीन ऐसे अनोखे मंदिर हैं, जहां कंकड़-पत्थर चढ़ाने या उनसे छोटा ढांचा बनाने से अपना घर पाने का सपना पूरा होता है। कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल के इन देवस्थलों पर भक्त गहरी श्रद्धा के साथ पत्थरों से अपना आशियाना मांगते हैं।

Unique Indian temples: भारत में अपना खुद का आशियाना होना हर इंसान का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को साकार करने के लिए लोग जीवन भर की जमा पूंजी लगा देते हैं और दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में कुछ ऐसे पावन धाम भी मौजूद हैं।

यहां अपने मकान की मन्नत मांगने का तरीका बेहद अनोखा और सरल है। इन मंदिरों में भगवान को प्रसन्न करने के लिए किसी महंगे चढ़ावे, भारी-भरकम दान या छप्पन भोग की जरूरत नहीं पड़ती। यहां भक्त केवल कंकड़ और चपटे पत्थरों को अर्पित करके या उनसे छोटा सा ढांचा बनाकर अपने सपनों का घर मांगते हैं।

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, पत्थर स्थिरता, दृढ़ता और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं। जिस प्रकार श्री राम ने पत्थरों के सहारे समुद्र पार किया था, उसी आस्था के साथ श्रद्धालु कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरों में पत्थरों की छोटी मीनारें बनाकर भगवान से अपने पक्के मकान की मन्नत मांगते हैं।

क्या है पौराणिक मान्यता

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के निर्माण में पत्थरों का बहुत बड़ा महत्व रहा है। जब भगवान श्री राम ने लंका पर चढ़ाई की थी, तब पत्थरों के पुल से ही रास्ता बना था। पत्थरों को स्थिरता और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसी पौराणिक सोच के साथ भक्त मंदिर परिसर में कंकड़ चुनकर रखते हैं।

माना जाता है कि ऐसा करने से खुद का मकान बन जाता है। कर्नाटक से लेकर हिमाचल प्रदेश तक ऐसे देवस्थल बने हुए हैं। भक्त यहां बेहद आस्था के साथ छोटे-छोटे पत्थर चुनकर लाते हैं। वे पत्थरों को एक के ऊपर एक रखकर छोटा ढांचा बनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ईश्वर भक्तों की इस सरल श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं।

भगवान अपने भक्तों की मन्नत सुनकर उनका घर बनवा देते हैं। पौराणिक कथाओं में भी यह कहा गया है कि जहां सच्ची भावना होती है, वहां भगवान स्वयं निवास करते हैं। भक्त पत्थरों के जरिए अपने आशियाने की नींव भगवान के चरणों में रखते हैं। ईश्वर की कृपा से भक्तों के जीवन की सारी रुकावटें दूर हो जाती हैं। आइए हम भारत के ऐसे ही तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के बारे में जानते हैं।

BANGARU TIRUPATI - All You SHOULD Know Before Going 2026 (with Photos) -  Tripadvisor
BANGARU TIRUPATI - All You SHOULD Know Before Going 2026 (with Photos) - Tripadvisor


कर्नाटक का प्रसिद्ध बंगारू तिरुपति मंदिर

कर्नाटक के कोलार जिले में एक सुंदर पहाड़ी पर यह मंदिर स्थित है। इस पावन स्थल को लोग 'चिन्न तिरुपति' के नाम से भी जानते हैं। इसका सीधा अर्थ छोटा तिरुपति होता है जो बेहद खास माना जाता है। यह पावन मंदिर पूरी तरह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को समर्पित है। यहां आने वाले श्रद्धालु परिसर से छोटे-छोटे कंकड़ चुनकर लाते हैं।

फिर वे पत्थरों को एक तय स्थान पर सलीके से सजाकर रखते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पक्का मकान बनाने की राह आसान होती है। भगवान वेंकटेश्वर अपने भक्तों को खुद का आशियाना बनाने का आशीर्वाद देते हैं। इस मंदिर में हर साल हजारों लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं। लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी मन्नत कभी खाली नहीं जाती।

Navratri 2022 रतनपुर महामाया मंदिर में शुरू हुआ नवरात्र, 25 हजार ज्योतिकलश  प्रज्जवलित
Navratri 2022 रतनपुर महामाया मंदिर में शुरू हुआ नवरात्र, 25 हजार ज्योतिकलश प्रज्जवलित


छत्तीसगढ़ का पावन मां महामाया मंदिर

छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के रतनपुर में यह ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। इस पावन स्थल को एक बेहद पवित्र शक्तिपीठ भी माना जाता है। यहां मां दुर्गा के तीन देवियों वाले रूप की पूजा-अर्चना की जाती है।

इस मंदिर परिसर में घर मांगने की एक बेहद खास परंपरा चलती है। भक्त जमीन पर पड़े तीन से पांच पत्थरों को चुनकर लाते हैं। फिर वे पत्थरों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर संतुलन बनाते हैं। वे पत्थरों से एक छोटी सी मीनार या छोटा घर तैयार करते हैं।

पौराणिक कथा के मुताबिक, देवी मां संतुलन और लगन की परीक्षा लेती हैं। मान्यता है कि जिसका पत्थर संतुलित रहता है, उसका घर जल्द बन जाता है। मां महामाया अपने भक्तों को खुद के पक्के मकान का वरदान देती हैं।

पत्थरों से बना कुंभ शिव मंदिर चैल: भक्ति और कलात्मकता का एक छिपा हुआ रत्न –  रहस्यमय हिमाचल
पत्थरों से बना कुंभ शिव मंदिर चैल: भक्ति और कलात्मकता का एक छिपा हुआ रत्न – रहस्यमय हिमाचल


हिमाचल प्रदेश के चमत्कारी देवस्थल

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, शिमला और मंडी जिलों में कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। यहां हिडिंबा देवी और बिजली महादेव जैसे कई प्रमुख स्थानीय देवस्थल स्थित हैं। इन पहाड़ी इलाकों में पत्थरों से घर बनाने की प्रथा बहुत लोकप्रिय है। भक्त पहाड़ों पर मिलने वाले चपटे पत्थरों को ध्यान से इकट्ठा करते हैं।

फिर वे पत्थरों से छोटा कमरा या दो-तीन मंजिला ढांचा बनाते हैं। माना जाता है कि इस तरह बनाई आकृति से सपना बहुत जल्द पूरा होता है। देवभूमि के देवता अपने भक्तों की इस आस्था से बेहद प्रसन्न होते हैं। वे भक्तों को जल्द से जल्द खुद की छत नसीब करते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

ये खबरें भी पढ़ें....

भारत ही नहीं, एशिया के इन देशों में भी होती है विघ्नहर्ता गणेश की विशेष पूजा

इस साल कब से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि, देखें किस दिन होगी कौन सी पूजा

खजराना गणेश मंदिर का ऐतिहासिक फैसला, पहली बार भक्तों को 20 करोड़ का बीमा कवर

सितंबर में इस दिन करवट बदलेंगे भगवान विष्णु, जाने सितंबर के एकादशी व्रत की तिथि

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • कर्नाटक
  • हिमाचल प्रदेश
  • भगवान श्री राम
  • तिरुपति मंदिर
मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर, MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेंगे मौसम

By Amresh Kushwaha

मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर, MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेंगे मौसम
मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर: MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम

By Amresh Kushwaha

मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर: MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम
मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर, MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेंगे मौसम

By Amresh Kushwaha

मध्य भारत में विदाई के बाद भी मानसून का असर, MP में बारिश, CG में सूखा तो राजस्थान में फिर बदलेंगे मौसम
MGM डीन की मुश्किलें बढ़ीं! 8 करोड़ की NGS मशीन खरीद पर 3 आरोप, 15 दिन में देना होगा जवाब

By Sanjay Dhiman

MGM डीन की मुश्किलें बढ़ीं! 8 करोड़ की NGS मशीन खरीद पर 3 आरोप, 15 दिन में देना होगा जवाब
जिनकी हत्या की, उनके लिए पिंडदान: उज्जैन की जेल में 125 कैदियों ने किया सामूहिक तर्पण

By Jitendra Shrivastava

जिनकी हत्या की, उनके लिए पिंडदान: उज्जैन की जेल में 125 कैदियों ने किया सामूहिक तर्पण
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री में चेयरमैन मेहता, प्रेसीडेंट प्रकाश जैन, सचिव हरीश नागर चुने गए

By Sanjay Gupta

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री में चेयरमैन मेहता, प्रेसीडेंट प्रकाश जैन, सचिव हरीश नागर चुने गए
सिंधिया संपत्ति विवाद: डिनर की तस्वीरें सहमति का सबूत कैसे? 40 हजार करोड़ का विवाद, हस्ताक्षर पर सवाल

By Ramanand Tiwari

सिंधिया संपत्ति विवाद: डिनर की तस्वीरें सहमति का सबूत कैसे? 40 हजार करोड़ का विवाद, हस्ताक्षर पर सवाल