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BHOPAL. अब व्रत-त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है। देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक चातुर्मास में कई त्योहार मनाए जाएंगे। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से इस बार पिछले साल की तुलना में रक्षाबंधन, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली सहित चातुर्मास के अन्य पर्व 10 से 15 दिन पहले आएंगे।
पंचांग के अनुसार, देवशयनी एकादशी का पर्व 17 जुलाई को मनाया जाएगा। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु क्षीरसागर में विश्राम करते हैं। सृष्टि का संचालन भगवान भोलेनाथ करते हैं। इन चार माह में साल के सबसे अधिक तीज त्योहार आते हैं। चातुर्मास के दौरान नागपंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, दुर्गा उत्सव, दशहरा, दिवाली सहित अन्य पर्व मनाए जाते हैं। चातुर्मास के चार महीनों तक पूरे साल में सबसे अधिक पर्व रहते हैं। इस बार चातुर्मास के दौरान आने वाले अधिकांश पर्व 11 से 15 दिन जल्दी आएंगे।
जानें कब मनाया जाएगा कौन सा पर्व
- 17 जुलाई देवशयनी एकादशी
- 21 जुलाई गुरु पूर्णिमा
- 19 अगस्त रक्षाबंधन
- 26 अगस्त कृष्ण जन्माष्टमी
- 07 सितम्बर गणेश चतुर्थी
- 03 अक्टूबर शारदीय नवरात्र
- 12 अक्टूबर विजयादशमी
- 16 अक्टूबर शरद पूर्णिमा
- 17 अक्टूबर करवा चौथ
- 29 अक्टूबर धन तेरस
- 31 अक्टूबर दिवाली
- 12 नवम्बर देवउठनी एकादशी
हिन्दी पंचांग से होती है गणना
पंडित सत्यनारायण भार्गव ने बताया कि सनातन धर्म में पर्व एवं त्योहारों की गणना हिन्दी पंचांग से होती है। पंचांग के अनुसार उसी तिथि पर यह त्योहार आते है? लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से आगे-पीछे इसलिए हो जाते हैं कि हिन्दी कैलेंडर में हर तीसरे साल अधिकमास होता है। ऐसे में एक माह की अवधि बढ़ जाती है। इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर की गणना के हिसाब से त्योहार आगे-पीछे होते हैं और उनका क्रम बदलता है। वर्ष 2023 में अधिकमास था, इसलिए इस बार त्योहारों में अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 10 से 15 दिन का अंतर दिखाई देगा।
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