नाग पंचमी पर इस तरह से करें शिवजी और नाग देव की पूजा, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Kaushiki | Aug 16, 2026, 11:25 IST
Nag Panchami
साल 2026 में नाग पंचमी का पावन पर्व आज 17 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है। इस पर्व पर तवे का उपयोग न करने और 5 बड़ी गलतियों से बचने के खास धार्मिक नियम बताए गए हैं।
Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस पवित्र महीने में कई प्रमुख और पावन त्योहार आते हैं। इन्हीं में से एक नाग पंचमी का त्योहार बेहद खास होता है। यह पर्व भगवान शिव और नाग देवता को समर्पित माना गया है। सावन के महीने में नाग देवता की पूजा करने की पुरानी परंपरा है।
माना जाता है कि नाग भोलेनाथ के गले का प्रिय आभूषण हैं। इसी वजह से नाग देव की पूजा से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। शिवजी की कृपा से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साल 2026 में नाग पंचमी आज 17 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन घर और मंदिरों में नाग देवता की पूजा की जाएगी। शास्त्रों में नाग पंचमी के दिन कुछ खास नियम बताए गए हैं।
इन नियमों का पालन करना हर श्रद्धालु के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप इस दिन कुछ गलतियां करते हैं तो परेशानी हो सकती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इससे नाग देवता भी नाराज हो सकते हैं। जीवन में अचानक कई तरह की रुकावटें और समस्याएं आ सकती हैं। आइए जानें कब है नाग पंचमी।
![Nag Panchami]()
नाग पंचमी पूजा का
हर साल सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाते हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल पंचमी तिथि 16 अगस्त को शाम 4:52 बजे शुरू हो चुकी है। यह तिथि आज 17 अगस्त को शाम 5:00 बजे समाप्त हो जाएगी। उदयातिथि के नियम के मुताबिक, नाग पंचमी आज 17 अगस्त को ही मनाई जाएगी।
ऐसे में आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:51 बजे शुरू होगा। आप सुबह 8:29 बजे तक नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। इस मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
![Nag Panchami]()
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नाग पंचमी पर कई घरों में तवे पर रोटी नहीं बनाई जाती। कुछ लोग तो इस दिन तवे को छूते भी नहीं हैं। ज्योतिष में लोहे के तवे को राहु का प्रतीक माना जाता है। रसोई घर की आग का संबंध मंगल ग्रह से होता है।
नाग पंचमी पर लोहे के तवे को आग पर चढ़ाना सही नहीं है। तवे की बनावट को सर्प के फन जैसा माना गया है। इसी कारण इस दिन तवे और कढ़ाई का उपयोग वर्जित रहता है। लोग पहले से बना ठंडा भोजन या खीर खाना पसंद करते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में राहु का सीधा संबंध सांप से माना गया है। इसलिए नाग पंचमी पर लोहे के बर्तन गर्म नहीं करते। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में मानसिक तनाव बढ़ता है।
परिवार के सदस्यों के बीच फालतू विवाद भी हो सकते हैं। इस दिन मिट्टी या तांबे के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा जल में प्रवाहित करना शुभ होता है।
नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इसके बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा की तैयारी करें। घर के मुख्य द्वार पर गोबर से नाग की आकृति बनाएं। या फिर नाग देवता की सुंदर तस्वीर भी लगा सकते हैं।
नाग देव को जल, कच्चा दूध, फूल और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर उनकी आरती उतारें। भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल जरूर चढ़ाएं। शिवलिंग पर स्थापित नाग देव की पूजा भी अपने आप हो जाएगी।
कई जगहों पर लोग जीवित सांपों को दूध पिलाने लगते हैं। लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से यह तरीका बिल्कुल भी सही नहीं है। सांप कभी भी प्राकृतिक रूप से दूध नहीं पीते हैं। जबरदस्ती दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होता है। इसलिए जीवित सांपों को पकड़कर परेशान करने से बचना चाहिए। मंदिर में रखी मूर्ति पर ही दूध चढ़ाना सुरक्षित तरीका है।
![Nag Panchami]()
भविष्य पुराण की कथाओं में नाग पंचमी का खास वर्णन मिलता है। सुमंतु मुनि ने राजा शतानिक को यह महत्व बताया था। सावन शुक्ल पंचमी को नाग लोक में बड़ा उत्सव होता है। इसीलिए पृथ्वी पर भी नाग देव की पूजा की परंपरा बनी। इस दिन भक्ति भाव से पूजा करने वाले को डर नहीं रहता। नाग देवता का आशीर्वाद उस श्रद्धालु पर हमेशा बना रहता है।
नाग पंचमी पर पूजा करने से हर प्रकार का भय दूर होता है। जीवन में आने वाली हर छोटी-बड़ी रुकावट समाप्त होती है। ज्योतिष में इसे कालसर्प दोष शांति का उत्तम दिन मानते हैं। इस दिन पूजा करने से कुंडली के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। घर में सुख, शांति और समृद्धि का हमेशा वास बना रहता है। परिवार के सदस्यों की हर क्षेत्र में लगातार उन्नति होती है।
महाभारत में राजा जनमेजय से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा मिलती है। अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए यज्ञ कराया। यह यज्ञ नागों के विनाश के लिए कराया गया एक बड़ा यज्ञ था। इसमें कई बेकसूर नाग आकर अग्नि में गिरने लगे थे।
तब आस्तिक मुनि ने आगे आकर इस यज्ञ को तुरंत रुकवाया। उन्होंने सभी नागों के जीवन की सफलता से रक्षा की थी। नाग पंचमी का त्योहार जीवों की रक्षा का संदेश देता है। हमें सभी बेकसूर जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
केदारनाथ से रामेश्वरम तक, क्यों एक ही सीधी रेखा में बने हैं शिव के ये सात मंदिर
विनाश नहीं, नवसर्जन और अज्ञान के अंत का संदेश देता है शिव जी का तीसरा नेत्र
जानें कलयुग के 5 सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर, जिनके चमत्कारों के आगे विज्ञान भी हारा
भारत ही नहीं, दुनिया के इन देशों में भी हैं प्राचीन शिव मंदिर, जानें इनका इतिहास
माना जाता है कि नाग भोलेनाथ के गले का प्रिय आभूषण हैं। इसी वजह से नाग देव की पूजा से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। शिवजी की कृपा से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साल 2026 में नाग पंचमी आज 17 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन घर और मंदिरों में नाग देवता की पूजा की जाएगी। शास्त्रों में नाग पंचमी के दिन कुछ खास नियम बताए गए हैं।
इन नियमों का पालन करना हर श्रद्धालु के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप इस दिन कुछ गलतियां करते हैं तो परेशानी हो सकती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इससे नाग देवता भी नाराज हो सकते हैं। जीवन में अचानक कई तरह की रुकावटें और समस्याएं आ सकती हैं। आइए जानें कब है नाग पंचमी।
Nag Panchami
नाग पंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त
ऐसे में आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी सोमवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:51 बजे शुरू होगा। आप सुबह 8:29 बजे तक नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। इस मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
नाग पंचमी पर न करें ये गलतियां
- जमीन की खुदाई बिल्कुल न करें
सांपों का प्राकृतिक घर जमीन के अंदर बिलों में होता है। इसलिए इस दिन जमीन की खुदाई करना पूरी तरह मना है। खेत जोतना, मिट्टी खोदना या घर की नींव रखना शुभ नहीं होता। ऐसा करने से जमीन के जीवों को चोट पहुंच सकती है। - लोहे के बर्तनों से दूरी बनाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन लोहे से जुड़े काम न करें। घर की रसोई में लोहे के बर्तनों का प्रयोग न करें। चूल्हे पर लोहे का तवा चढ़ाना भी इस दिन सही नहीं माना जाता। इसकी जगह मिट्टी या पीतल के बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं। - धारदार चीजों का प्रयोग न करें
इस दिन सिलाई या बुनाई का काम करने से बचना चाहिए। चाकू, कैंची और सुई जैसी धारदार चीजों का उपयोग भी न करें। माना जाता है कि ऐसा करने से काम में रुकावटें आती हैं। जीवन में अचानक कई नई परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। - किसी जीव को नुकसान न पहुंचाएं
नाग पंचमी का दिन सभी जीवों पर दया करने का संदेश देता है। इस दिन गलती से भी किसी सांप को परेशान न करें। अगर कहीं सांप दिख जाए तो उसे नुकसान बिल्कुल न पहुंचाएं। दूर से ही हाथ जोड़कर नाग देवता का ध्यान कर लें। - तामसिक भोजन से दूर रहें
सावन का पूरा महीना बहुत पवित्र और पावन माना जाता है। नाग पंचमी पर घर में पूरी तरह सादगी रखनी चाहिए। इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन न करें। केवल शुद्ध और सात्विक भोजन ही घर में बनाना चाहिए।
Nag Panchami
तवे पर रोटी क्यों नहीं बनती
नाग पंचमी पर लोहे के तवे को आग पर चढ़ाना सही नहीं है। तवे की बनावट को सर्प के फन जैसा माना गया है। इसी कारण इस दिन तवे और कढ़ाई का उपयोग वर्जित रहता है। लोग पहले से बना ठंडा भोजन या खीर खाना पसंद करते हैं।
राहु और तवे का खास कनेक्शन
परिवार के सदस्यों के बीच फालतू विवाद भी हो सकते हैं। इस दिन मिट्टी या तांबे के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा जल में प्रवाहित करना शुभ होता है।
नाग देवता की पूजा विधि
नाग देव को जल, कच्चा दूध, फूल और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर उनकी आरती उतारें। भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल जरूर चढ़ाएं। शिवलिंग पर स्थापित नाग देव की पूजा भी अपने आप हो जाएगी।
सांप को दूध पिलाना सही या गलत
Nag Panchami
नाग पंचमी पूजा के लाभ
नाग पंचमी पर पूजा करने से हर प्रकार का भय दूर होता है। जीवन में आने वाली हर छोटी-बड़ी रुकावट समाप्त होती है। ज्योतिष में इसे कालसर्प दोष शांति का उत्तम दिन मानते हैं। इस दिन पूजा करने से कुंडली के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। घर में सुख, शांति और समृद्धि का हमेशा वास बना रहता है। परिवार के सदस्यों की हर क्षेत्र में लगातार उन्नति होती है।
राजा जनमेजय और नाग यज्ञ कथा
तब आस्तिक मुनि ने आगे आकर इस यज्ञ को तुरंत रुकवाया। उन्होंने सभी नागों के जीवन की सफलता से रक्षा की थी। नाग पंचमी का त्योहार जीवों की रक्षा का संदेश देता है। हमें सभी बेकसूर जीवों के प्रति दया भाव रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें...
केदारनाथ से रामेश्वरम तक, क्यों एक ही सीधी रेखा में बने हैं शिव के ये सात मंदिर
विनाश नहीं, नवसर्जन और अज्ञान के अंत का संदेश देता है शिव जी का तीसरा नेत्र
जानें कलयुग के 5 सबसे रहस्यमयी शिव मंदिर, जिनके चमत्कारों के आगे विज्ञान भी हारा
भारत ही नहीं, दुनिया के इन देशों में भी हैं प्राचीन शिव मंदिर, जानें इनका इतिहास
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari