अधिकमास से बदलेगा त्योहारों का गणित, जानें साल 2026 की 10 बड़ी बातें

पंचांग 2026: इस साल अधिकमास के कारण 13 पूर्णिमा होंगी। होली पर चंद्र ग्रहण, शनि का मीन में गोचर और गुरु का राशि परिवर्तन मुख्य घटनाएं रहेंगी।

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Kaushiki
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Latest Religious News:आज 1 जनवरी से नए साल 2026 का शुभारंभ हो चुका है। ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के मुताबिक, यो साल बेहद खास रहने वाला है। इस साल ग्रहों की स्थिति में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

देवगुरु बृहस्पति और न्याय के देवता शनि अपनी चाल से सबको प्रभावित करेंगे। इस साल ज्येष्ठ मास में अधिकमास लगने के कारण संवत 2083 कुल 13 महीनों का होगा। इसी वजह से साल में आमतौर पर होने वाली 12 पूर्णिमा और 12 अमावस्या के बजाय इस बार 13-13 पूर्णिमा और अमावस्या रहेंगी।

साथ ही, एकादशी और चतुर्थी के व्रत भी 24 के बजाय 26-26 होंगे। आइए जानते हैं इस साल की वह 10 बड़ी बातें जो आपके जीवन पर असर डालेंगी।

होली पर लगेगा साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण, ये राशियां हो जाएं सतर्क

होली पर लगेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण: 

3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा यानी होली के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में साफ दिखाई देगा, जिसका सूतक काल सुबह 06:20 बजे से ही शुरू हो जाएगा। ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 27 मिनट की होगी, जिससे होली के पर्व पर ज्योतिषीय प्रभाव रहेगा।

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शनि देव रहेंगे मीन राशि में: 

पूरे साल 2026 में शनि देव मीन राशि में ही विराजमान रहेंगे, जिससे मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चलेगा। कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम और मेष राशि पर पहला चरण प्रभावी रहेगा। वहीं, सिंह और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढय्या का असर बना रहेगा।

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दो बार राशि बदलेंगे देवगुरु बृहस्पति: 

ग्रहों के राजा गुरु इस साल दो बार अपनी चाल बदलेंगे। साल की शुरुआत में मिथुन राशि में रहने के बाद, 2 जून को वे अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 1 नवंबर को गुरु कर्क से निकलकर सिंह राशि में चले जाएंगे, जिससे कई राशियों की किस्मत बदलेगी।

6 दिनों का होगा दीपोत्सव: 

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा की तिथि को लेकर पंचांग भेद होने के कारण इस बार दीपावली का त्यौहार 5 नहीं बल्कि 6 दिनों का होगा। दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस से होगी और 11 नवंबर को भाई दूज के साथ इसका समापन होगा। 8 नवंबर को देशभर में लक्ष्मी पूजन और दीपावली मनाई जाएगी।

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ज्येष्ठ महीने में लगेगा अधिकमास: 

पंचांग अपडेट 2026 में इस साल 17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिकमास रहेगा, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। अधिकमास के दौरान भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस महीने में शुभ कार्यों पर रोक रहती है, लेकिन दान-पुण्य का फल कई गुना ज्यादा मिलता है।

इस बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया

रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया: 

28 अगस्त 2026 को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन चंद्र ग्रहण भी है, लेकिन भारत में न दिखने के कारण इसका सूतक मान्य नहीं होगा।

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2026 में होंगे कुल 4 ग्रहण: 

इस वर्ष कुल चार ग्रहण देखने को मिलेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। 17 फरवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण और 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। वहीं, 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण (भारत में दृश्य) और 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा।

शनि की वक्री चाल: 

शनि देव 27 जुलाई से 11 दिसंबर 2026 तक मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) अवस्था में रहेंगे। हालांकि, पंचांगों के अनुसार इसकी तारीखों में थोड़ा अंतर हो सकता है। शनि की वक्री अवस्था के दौरान मीन, कुंभ और मेष राशि के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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गणेश उत्सव और नवरात्रि की तिथियां: 

पंचांग अपडेट 2026 में गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर (New Year 2026) तक चलेगा। इसके तुरंत बाद 26 सितंबर से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी और 20 या 21 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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