12 दिसंबर 2025 से थमी थीं शादियां, अब फरवरी से बजेगा बैंड-बाजा, जानें विवाह मुहूर्त

Kaushiki | Feb 03, 2026, 14:12 IST
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Shubh Vivah Muhurat 2026: शुक्र उदय के साथ 5 फरवरी से विवाह शुरू हो रहे हैं। इस साल कुल 59 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें फरवरी में सबसे अधिक 12 शादियां होंगी।

Shubh Vivah Muhurat 2026: हिंदू सनातन धर्म में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होता। ये एक पवित्र धार्मिक संस्कार है जो ग्रहों की शुभ दृष्टि और देवताओं के आशीर्वाद से पूर्ण होता है।



ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, किसी भी मांगलिक कार्य की सफलता के लिए शुक्र और गुरु ग्रह का उदय अवस्था में होना अनिवार्य है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, शुक्र को दांपत्य सुख, ऐश्वर्य और प्रेम का प्रतिनिधि माना जाता है।



वहीं गुरु विवेक, संतान सुख और स्थिरता के कारक हैं। 12 दिसंबर 2025 से शुक्र के अस्त होने के कारण ही जनवरी 2026 का पूरा महीना सूना रहा।



अब 5 फरवरी को शुक्र के युवाकाल में प्रवेश करते ही दोष समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही शुभ विवाह की रस्में पूरे विधि-विधान से शुरू हो सकेंगी। जानें विवाह मुहूर्त...



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शुक्र और गुरु का उदय होना क्यों है जरूरी

हिंदू धर्म में शुक्र को सुख और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। गुरु ग्रह को जीवन की स्थिरता और बुद्धि का कारक मानते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इन दोनों ग्रहों का उदय अवस्था में होना बहुत अनिवार्य होता है।



जब प्रेम के कारक शुक्र और ज्ञान के दाता गुरु आकाश मंडल में अपनी पूर्ण आभा के साथ उदित होते हैं, तभी वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और स्थायित्व आता है।



ऐसे में 12 दिसंबर 2025 से शुक्र तारा पूरी तरह से अस्त चल रहे थे। इसीलिए पंडितों ने 5 फरवरी को विवाह के लिए सबसे उत्तम दिन चुना है। विवाह की तिथि का चयन कुंडली और नक्षत्रों के आधार पर किया जाता है।



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फरवरी में सबसे ज्यादा मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस साल कुल 59 दिनों तक विवाह की रस्में निभाई जा सकेंगी। सबसे ज्यादा 12 शुभ मुहूर्त फरवरी के इसी महीने में पड़ रहे हैं। मार्च के महीने में भी 8 दिन शुभ कार्य किए जा सकेंगे।



अप्रैल और मई में भी शादियों (शुक्र का गोचर, शुक्र ग्रह)की अच्छी खासी धूम रहेगी। जून में 9 और जुलाई के शुरुआती दिनों में 4 मुहूर्त हैं। साल का अंतिम विवाह मुहूर्त 12 दिसंबर को शुभ माना जाएगा। पंडितों ने वर-वधू की कुंडली मिलाकर ही तिथि चुनने की सलाह दी है।



बता दें कि, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लगभग 70 फीसदी गार्डन पहले ही बुक हो चुके हैं। इस सीजन में करीब 3 हजार जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।



साल 2026 के प्रमुख विवाह मुहूर्त

कब-कब नहीं होंगे विवाह

ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, साल 2026 में कुछ ऐसे समय भी आएंगे जब शादियां पूरी तरह वर्जित रहेंगी। 24 फरवरी से 3 मार्च तक होलाष्टक के कारण कोई मंगल कार्य नहीं होगा।



इसके बाद 14 मार्च से 13 अप्रैल तक मीन का खरमास रहने वाला है। खरमास में सूर्य के प्रभाव के कारण गुरु का बल काफी क्षीण हो जाता है।



17 मई से 15 जून तक अधिक मास में भी विवाह वर्जित रहेंगे। इन वर्जित तिथियों को छोड़कर ही परिवारों को शादी की योजना बनानी चाहिए।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. साल 2026 में पहला विवाह मुहूर्त कब से शुरू हो रहा है?
    साल 2026 का पहला शुभ विवाह मुहूर्त 5 फरवरी को है। शुक्र तारे के उदय होने के बाद शादियां शुरू हो रही हैं।
  2. खरमास और होलाष्टक में शादियां क्यों नहीं की जाती हैं?
    खरमास में सूर्य के कारण गुरु का प्रभाव बहुत कम हो जाता है। होलाष्टक में ग्रहों की स्थिति उग्र रहने से शुभ कार्य टालते हैं।
  3. क्या केवल तारीख देखकर शादी करना सही माना जाता है?
    जी नहीं, केवल तारीख ही नहीं बल्कि नक्षत्र भी जरूरी हैं। वर-वधू की कुंडली और गुणों का मिलान करना अनिवार्य होता है।

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