AI Summit 2026 से बदलेगा भारत का भविष्य, 7 राष्ट्रपति और कई दिग्गज CEO होंगे शामिल

भारत पहली बार ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी कर रहा है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लैब से निकालकर आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस्तेमाल करना है।

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Manya Jain
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AI Summit 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल लैबोरेट्रीज तक सीमित नहीं है। आज यह नौकरी और सरकारी कामकाज का मुख्य हिस्सा है। भारत अब ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा। दुनिया के लिए AI का एजेंडा अब भारत तय करेगा। ग्लोबल साउथ के किसी देश के लिए यह पहला मौका है।

भारत AI की चर्चा को आम लोगों तक पहुंचाना चाहता है। इसका मकसद तकनीक का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। यह समिट असली दुनिया की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है। भारत इस क्षेत्र में अब एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

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क्या है AI Impact Summit 2026?

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एक बहुत बड़ा आयोजन है। यह 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में होगा। यह सिर्फ तकनीक की कोई साधारण बैठक नहीं है। यहां एआई को सही तरह से इस्तेमाल करना सिखाएंगे। दुनिया भर के दिग्गज इसके सुरक्षित भविष्य पर बात करेंगे।

एआई को कैसे कंट्रोल करें, इस पर चर्चा होगी। यह समिट ( Artificial Intelligence Open AI) पूरी दुनिया को नई दिशा दिखाएगी। भारत इस खास इवेंट की मेजबानी कर रहा है। तकनीक के जानकारों के लिए यह बड़ा मंच है। यहां एआई के जिम्मेदार विकास पर जोर दिया जाएगा।

  • ढेर सारे प्रोग्राम: इस दौरान 700 से ज्यादा अलग-अलग सेशन और चर्चाएं होंगी। इसमें एआई से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर गहराई से बात होगी।

  • दुनिया भर से मेहमान: इस समिट में 100 से ज्यादा देशों की टीमें शामिल हो रही हैं। भारत पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

  • दिग्गज एक्सपर्ट्स: एआई की दुनिया के करीब 500 बड़े वैज्ञानिक और विशेषज्ञ यहां आएंगे। ये लोग नई खोजों और बदलावों की जानकारी देंगे।

  • बड़े कंपनियों के बॉस: दुनिया की दिग्गज कंपनियों के 50 से ज्यादा सीईओ (Sundar Pichai no) भी हिस्सा लेंगे। वे बताएंगे कि भविष्य में तकनीक कैसे काम करेगी।

  • नेताओं का जमावड़ा: करीब 20 देशों के बड़े नेता और 50 से ज्यादा मंत्री यहां जुटेंगे। वे मिलकर एआई को सुरक्षित बनाने के लिए नियम बनाएंगे।

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एआई का फायदा हर भारतीय को मिले

'इंडिया AI मिशन' के CEO अभिषेक सिंह के मुताबिक अभी एआई पर कुछ ही लोगों का नियंत्रण है। भारत चाहता है कि एआई का फायदा हर किसी को मिले। हमारे पास आधार और यूपीआई जैसे सफल प्लेटफॉर्म्स का अनुभव है। 

डिजिलॉकर ने भी तकनीक को करोड़ों लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है। हम एआई तकनीक को भी इसी तरह सबके लिए आसान बनाएंगे। भारत तकनीक को आम जनता तक पहुंचाने में सबसे आगे है। हमारा मकसद एआई का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाना है।

सैम अल्टमैन का विजन: भारत क्यों है AI का पावरहाउस?

ओपनएआई के सीईओ सैम अल्टमैन (co-founder Sam Altman) ने भारत पर भरोसा जताया है। उनके अनुसार भारत की ताकत बहुत बड़ी है। सैम ने कहा कि भारत का भविष्य एआई से बनेगा।

उन्होंने यह भी माना कि भारत एआई को दिशा देगा। भारत की क्षमता दुनिया के लिए मिसाल है। एआई की दुनिया में भारत अहम भूमिका निभाएगा।

Credits: TOI 

भारत में AI के बढ़ते कदम

  • करोड़ों यूजर्स: भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा लोग ChatGPT इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका के बाद भारत पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर है।

  • छात्रों में क्रेज: दुनिया भर में भारतीय छात्र ChatGPT का सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। वे पढ़ाई और सीखने के लिए इस तकनीक की मदद ले रहे हैं।

  • वैज्ञानिक रिसर्च: विज्ञान से जुड़े 'Prism' टूल के इस्तेमाल में भारत बहुत आगे है। इस मामले में भारत का दुनिया में चौथा स्थान है।

AI को हर घर पहुंचाने के 3 तरीके

अल्टमैन ने AI के लाभों को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर जोर दिया:

  • सबकी पहुंच (Access): यह एक तरह का टिकट है। इसके बिना कोई भी एआई (AI) का फायदा नहीं उठा सकता। हर इंसान तक यह तकनीक पहुंचना बहुत जरूरी है।

  • इस्तेमाल करना (Adoption): हमें एआई को अपने स्कूल, दफ्तर और सरकारी कामों से जोड़ना होगा। जब हम इसे रोजमर्रा के कामों में लाएंगे, तभी असली बदलाव आएगा।

  • खुद की काबिलियत (Agency): लोगों में इतना भरोसा होना चाहिए कि वे एआई का सही इस्तेमाल कर सकें। इससे उन्हें सही फैसले लेने में काफी मदद मिलेगी।

ऐसे करें आवेदन

  • ऑफिशियल वेबसाइट impact.indiaai.gov.in पर जाएं।

  • “Register Now” पर क्लिक करें।

  • “Register as Delegate” चुनें।

  • अपनी पर्सनल डिटेल्स और कॉन्टैक्ट जानकारी भरें।

  • अपने प्रोफेशनल क्रेडेंशियल्स सबमिट करें।

  • रजिस्ट्रेशन को फाइनल करने के लिए दोनों सेक्शन पूरे करें।

  • अप्रूव होने के बाद, आप सभी पांच दिनों में सेशन, पैनल और एग्जीबिशन में शामिल हो सकेंगे।

चुनौतियां और समाधान: सुरक्षा और रीस्किलिंग (Reskilling)

एआई के साथ डीपफेक और गलत सूचनाओं का खतरा बढ़ा है। भारत इनसे निपटने के लिए कड़े कानून बना रहा है। इसमें कानूनी सुरक्षा और तकनीकी समाधान दोनों शामिल हैं। मशीनों के कारण पुरानी नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। यह समिट लोगों को नए हुनर सिखाने पर जोर दे रही है।

कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसका मकसद एआई का फायदा सबको पहुंचाना है। तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग को मिलना चाहिए। सरकार इस बदलाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। सुरक्षित तकनीक से ही सबका विकास मुमकिन हो पाएगा।

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