Education Year ender 2025, साल की 5 बड़ी एजुकेशन कन्ट्रोवर्सीज

Education Controversies 2025: NEP से पेपर लीक और स्कूलों की मनमानी फीस तक, साल 2025 में शिक्षा जगत में मचे 5 बड़े बवाल। जानें साल की फ्लैशबैक रिपोर्ट

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Manya Jain
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साल 2025 विदा हो रहा है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र (Education Sector) में यह साल बड़े बदलावों, चुनौतियों और गंभीर विवादों के लिए याद किया जाएगा। जहा. एक ओर नई शिक्षा नीति 2025 (New Education Policy 2025) को धरातल पर उतारने की कोशिशें तेज हुईं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचों की कमी और स्कूलों की मनमानी फीस ने अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दीं।

चलिए, साल के आखिरी दिन नजर डालते हैं उन 5 बड़ी एजुकेशन कन्ट्रोवर्सीज ( Education Controversy) पर जिन्होंने देश भर में हलचल मचा दी।

1. CBSE का नया एग्जाम पैटर्न: रटने से आजादी या ग्रामीण बच्चों पर बोझ?

वर्ष 2025 में CBSE बोर्ड परीक्षा पैटर्न (MP Education Updates) में क्रांतिकारी बदलाव किए गए। बोर्ड ने अब रटने की पद्धति को छोड़कर 'केस स्टडी' (Case Study) और 'प्रोजेक्ट वर्क' (Project Work) पर 50% से ज्यादा फोकस कर दिया है।

cbse exam pattern

  • विवाद का कारण: राज्य सरकारों और विशेषज्ञों का तर्क है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर (Digital Infrastructure) की भारी कमी है। बिना इंटरनेट और आधुनिक रिसोर्सेज के बच्चे जटिल डेटा-आधारित सवालों को हल करने में पिछड़ सकते हैं।

  • बोर्ड का तर्क: CBSE का मानना है कि इससे छात्रों में 'क्रिटिकल थिंकिंग' (happy new year 2026) विकसित होगी।

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2. नई शिक्षा नीति (NEP 2025) का क्रियान्वयन और चुनौतियां

शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी हलचल नई शिक्षा नीति (National Education Policy - NEP) को लेकर रही। 10+2 के पुराने सिस्टम को बदलकर अब 5+3+3+4 स्ट्रक्चर को पूरी तरह लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

National Education Policy 2025: What's New, Structure, Curriculum

क्या है 5+3+3+4 स्ट्रक्चर? (Understanding 5+3+3+4 Structure)

  • फाउंडेशनल स्टेज (5 साल): प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक।

  • प्रिपरेटरी स्टेज (3 साल): कक्षा 3 से 5 तक।

  • मिडल स्टेज (3 साल): कक्षा 6 से 8 तक।

  • सेकेंडरी स्टेज (4 साल): कक्षा 9 से 12 तक।

विवाद: कई स्कूलों में नया सिलेबस (New Syllabus) और किताबें समय पर नहीं पहुंच (MP News) पाईं। शिक्षकों को पर्याप्त ट्रेनिंग न मिलने के कारण छात्रों के परीक्षा परिणामों पर भी इसका असर देखा गया।

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3. सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी (Shortage of Teachers)

शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की 2024–25 की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। भारत के 1.04 लाख से अधिक सरकारी स्कूल आज भी महज 'एक शिक्षक' के भरोसे चल रहे हैं।

shortage of teachers in government schools

  • प्रभाव: आंध्र प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में स्थिति अधिक गंभीर है। एक ही टीचर पर कई क्लास और कई विषयों को पढ़ाने का बोझ है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता (Education Quality) गिर रही है। विशेषज्ञों ने इसे "शिक्षा के अधिकार" का उल्लंघन करार दिया।

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4. प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि (Private School Fee Hike)

वर्ष 2025 में प्राइवेट स्कूलों द्वारा 20% से 80% तक फीस बढ़ाना एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया। दिल्ली और तेलंगाना में अभिभावकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

Private School Fee Hike

  • समाधान: दिल्ली सरकार ने 'Delhi School Education Act, 2025' लागू किया, जिसके तहत अब फीस तय करने में अभिभावकों की भागीदारी अनिवार्य होगी। उत्तराखंड में भी इसके लिए विशेष कमेटियां बनाई गई हैं।

5. पेपर लीक की अफवाहें और सोशल मीडिया का डर

Paper leak rumors and the fear of social media

CBSE 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान इंटरनेट पर कई फर्जी वीडियो वायरल हुए, जिनमें पेपर लीक (Paper Leak Rumors) का दावा किया गया। हालांकि, CBSE ने तुरंत स्पष्ट किया कि ये खबरें सरासर गलत थीं। बोर्ड ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी, जिससे बड़ी अफरा-तफरी टल गई।

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