एमपी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, स्कोरकार्ड से सीधे मिलेगी नौकरी

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया बदल दी है। अब कर्मचारी चयन मंडल पात्रता परीक्षा लेगा। युवाओं को स्कोरकार्ड के आधार पर सीधे नौकरी मिलेगी।

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Manya Jain
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मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया अब बदलेगी। सरकार भर्ती को पारदर्शी और तेज बनाएगी। परीक्षा के पुराने पैटर्न में बड़ा बदलाव होगा। एमपी कर्मचारी चयन मंडल अब सिर्फ पात्रता परीक्षा लेगा। विभागों में चयन सीधे स्कोरकार्ड से होगा। इससे युवाओं को बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। सरकारी नौकरी भर्ती प्रक्रिया में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। नई व्यवस्था से धांधली की गुंजाइश कम होगी। जल्द ही इसका नया नोटिफिकेशन जारी होगा।

नई भर्ती सिस्टम: समय और पैसे की होगी बचत

वर्तमान व्यवस्था में एक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है। नई स्कोरकार्ड आधारित चयन प्रक्रिया (Scorecard Based Selection Process) के लागू होने से यह समय घटकर मात्र 2 से 2.5 महीने रह जाएगा।

नई व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं (Key Features of the New System)

  • स्कोरकार्ड की वैधता (Validity): परीक्षा के बाद मिला आपका स्कोरकार्ड 2 से 3 साल तक चलेगा। इस दौरान आप इसी से नौकरी पा सकेंगे।

  • ग्रुप-सी के पद (Group C Jobs): यह नियम मुख्य रूप से तृतीय श्रेणी के पदों पर लागू होगा। सरकारी नौकरियों में 90% पद इसी कैटेगरी के होते हैं।

  • सुधार का मौका (Limited Chance): अगर आप अपना स्कोर बढ़ाना चाहते हैं, तो दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको सीमित मौके ही मिलेंगे।

  • सीधी भर्ती (Direct Merit): अब सरकारी विभाग खाली पदों के लिए अलग परीक्षा नहीं लेंगे। वे सीधे आपके स्कोरकार्ड के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करेंगे।

तुक्केबाजी पर लगाम: निगेटिव मार्किंग का प्रावधान

भर्ती में अब पहली बार निगेटिव मार्किंग (Negative Marking) होगी। इससे परीक्षा में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी। चार गलत जवाब देने पर एक अंक कटेगा। अब केवल मेहनत करने वाले छात्र सफल होंगे। तुक्का लगाने वालों पर लगाम कसना जरूरी है। सरकार का यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है। पढ़ने वाले युवाओं को इसका बड़ा फायदा मिलेगा। गलत उत्तर देने से बचने की कोशिश करें। तैयारी करने वालों के लिए यह अच्छी खबर है।

परीक्षा केंद्रों की निगरानी 

परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), और सैन्य अधिकारियों की मदद ली जाएगी। संवेदनशील केंद्रों पर इन अधिकारियों को तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।

संविदा शिक्षक भर्ती की तर्ज पर बदलाव

मप्र सरकार ने पहले शिक्षक भर्ती में यह नियम अपनाया। यह प्रयोग वहाँ पूरी तरह सफल रहा था। अब पटवारी और क्लर्क के लिए भी यही नियम होगा। इन पदों के लिए सिर्फ एक कॉमन परीक्षा (MP News) होगी। इसे 'कॉमन पात्रता परीक्षा' कहा जाएगा। अभ्यर्थियों को बार-बार फॉर्म नहीं भरना होगा। इससे आपकी मेहनत और पैसे दोनों बचेंगे। बार-बार परीक्षा फीस देने से राहत मिलेगी। सभी तृतीय श्रेणी पदों पर यही सिस्टम लागू होगा। यह युवाओं के लिए बहुत सुविधाजनक फैसला है।

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