UGC Dual Degree Rules: क्या एक साथ दो रेगुलर डिग्री करना संभव है, जानें इसके नियम
Kaushiki | Jul 03, 2026, 12:00 IST
UGC Dual Degree Rules
UGC के नए नियमों के तहत छात्र अब एक साथ दो रेगुलर डिग्री कर सकते हैं। इसके लिए कॉलेज की टाइमिंग अलग होना जरूरी है। इस खबर में जानिए इसके फायदे, नुकसान और आवेदन करने का पूरा सही तरीका।
UGC Dual Degree Rules: क्या आप एक साथ दो कॉलेज डिग्री करना चाहते हैं? बहुत से छात्र अक्सर ये सवाल पूछते रहते हैं। पहले के समय में ऐसा करना मुमकिन नहीं था। पुराने नियमों के मुताबिक ये पूरी तरह गैरकानूनी माना जाता था। लेकिन अब सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी UGC ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। अब कोई भी छात्र एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकता है। आप चाहें तो दोनों कोर्स रेगुलर मोड में कर सकते हैं। ये फैसला छात्रों के फ्यूचर को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इस नए नियम से देश के लाखों छात्रों को फायदा होने वाला है। अब आपको एक डिग्री के लिए साल बर्बाद नहीं करना होगा। आप अपनी पसंद के दो अलग-अलग विषय एक साथ पढ़ सकते हैं। इससे आपका समय और पैसा दोनों ही बचेंगे।
![UGC Dual Degree Rules]()
इस नियम (UGC Guidelines) का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। सबसे जरूरी शर्त दोनों कोर्स की टाइमिंग को लेकर बनाई गई है। दोनों कॉलेजों या कोर्स की क्लास का समय एक नहीं होना चाहिए। एक कोर्स की क्लास सुबह और दूसरे की शाम को होनी चाहिए।
अगर क्लास का समय टकराएगा, तो आपकी डिग्री मान्य नहीं होगी। आप एक ही यूनिवर्सिटी से दो कोर्स भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप दो अलग-अलग यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई कर सकते हैं। कॉलेज चुनते समय टाईम-टेबल का विशेष ध्यान रखना होगा।
छात्रों के पास मीडियम चुनने के कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। आप चाहें तो दोनों कोर्स को पूरी तरह रेगुलर रख सकते हैं। या फिर एक कोर्स रेगुलर और दूसरा ओपन मोड से कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन भी खुला हुआ है।
ये नियम हर उस छात्र के लिए है जो पढ़ना चाहता है। इसके लिए आपकी मिनिमम क्वालिफिकेशन 12वीं पास होना बेहद जरूरी है। 12वीं के बाद आप दो ग्रेजुएशन डिग्री साथ में कर सकते हैं। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र भी इसका फायदा ले सकते हैं।
इसमें विषयों के चयन की पूरी आजादी दी गई है। उदाहरण के लिए आप B.Com और B.A साथ में कर सकते हैं। आप चाहें तो इतिहास और कंप्यूटर की पढ़ाई साथ कर सकते हैं। आर्ट्स और साइंस के विषयों को भी साथ चुना जा सकता है।
बस आपको दोनों कॉलेजों के एडमिशन नियमों को पूरा करना होगा। अगर किसी कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम है, तो वह पास करना होगा। दोनों जगहों पर आपको अलग-अलग फीस भी जमा करनी होगी। कॉलेज अटेंडेंस का नियम भी पूरा करना पड़ेगा।
![UGC Dual Degree Rules]()
इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपका समय बचता है। तीन साल में आप दो अलग-अलग डिग्रियां (degreecourses) हासिल कर लेते हैं। इससे जॉब मार्केट में आपके चयन की संभावना काफी बढ़ जाती है। कंपनियों को ऐसे मल्टी-टैलेंटेड युवा बहुत पसंद आते हैं। आप एक साथ दो
अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी हासिल करते हैं। जैसे आप मैनेजमेंट के साथ कोडिंग भी सीख सकते हैं।
इससे करियर में आगे बढ़ने के कई नए रास्ते खुलते हैं। आप एक समय में दो अलग करियर के लिए तैयार होते हैं। वे कम एज में ही
ज्यादा से ज्यादा नॉलेज पाना चाहते हैं। इससे आपकी सीखने की कैपेबिलिटी और मेन्टल डेवलपमेंट भी तेजी से होता है। यह आपके आत्मविश्वास को बहुत ज्यादा बढ़ाता है।
एक साथ दो डिग्री के कुछ नुकसान भी हैं। सबसे बड़ी चुनौती दोनों कोर्स की पढ़ाई का भारी दबाव है। दो कोर्स का मतलब है दोगुना सिलेबस और दोगुनी परीक्षाएं। परीक्षा के दिनों में छात्रों पर मानसिक तनाव बहुत बढ़ जाता है।
कई बार दोनों यूनिवर्सिटी की परीक्षा की तारीखें एक हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में आपको कोई एक परीक्षा छोड़नी पड़ सकती है। इससे आपका पूरा साल बेकार होने का खतरा बना रहता है। इसलिए समझदारी से ही विषयों का चुनाव करना चाहिए।
इसके अलावा कॉलेज में अटेंडेंस का दबाव भी एक बड़ी समस्या है। दोनों कॉलेजों में 75 परसेंटेज अटेंडेंस बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है। इस चक्कर में छात्र किसी भी विषय को गहराई से नहीं सीख पाते। उनका पूरा समय सिर्फ भागदौड़ में ही बीत जाता है।
अगर आप दो डिग्री (Big decision of UGC) करने की सोच रहे हैं, तो तैयारी कीजिए। सबसे पहले दोनों कॉलेजों से उनकी क्लास का समय पता करें। ये पक्का करें कि दोनों समय में कम से कम दो घंटे का अंतर हो। इसके बाद ही एडमिशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करें।
कॉलेज प्रिंसिपल्स (degree check) को अपने इस फैसले की जानकारी जरूर दें। रिटेन परमिशन लेना फ्यूचर के लिए हमेशा सुरक्षित रहता है। परीक्षा के टाइम टेबल पर लगातार अपनी नजर बनाए रखें। किसी भी तरह की लापरवाही आपका बड़ा नुकसान कर सकती है।
अंत में, अपनी कैपेसिटी का सही असेसमेंट जरूर कर लें। क्या आप सच में इतना ज्यादा दबाव झेलने के लिए तैयार हैं? अगर हां, तो यूजीसी का ये नियम आपके लिए बेहतरीन मौका है। सही प्लानिंग के साथ आप अपने करियर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
आधार कार्ड में नाम कैसे बदलें, जानिए गजट नोटिफिकेशन के नए नियम
Career tips: अपने इंटरेस्ट के मुताबिक चुनना है सही स्ट्रीम, तो इन पैरामीटर्स को जरूर करें ट्राई
career guidance: अगर फ्रीलांसिंग में बनाना चाहते हैं करियर, तो ऐसे करें इसकी शुरुआत
New Career Options: ये हैं नए जमाने के 10 नए कोर्स, जो कर सकते हैं आपकी जेब की कड़की दूर
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी UGC ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। अब कोई भी छात्र एक साथ दो डिग्री कोर्स कर सकता है। आप चाहें तो दोनों कोर्स रेगुलर मोड में कर सकते हैं। ये फैसला छात्रों के फ्यूचर को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इस नए नियम से देश के लाखों छात्रों को फायदा होने वाला है। अब आपको एक डिग्री के लिए साल बर्बाद नहीं करना होगा। आप अपनी पसंद के दो अलग-अलग विषय एक साथ पढ़ सकते हैं। इससे आपका समय और पैसा दोनों ही बचेंगे।
UGC Dual Degree Rules
ये पूरा प्रोसेस कैसे काम करता है
अगर क्लास का समय टकराएगा, तो आपकी डिग्री मान्य नहीं होगी। आप एक ही यूनिवर्सिटी से दो कोर्स भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप दो अलग-अलग यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई कर सकते हैं। कॉलेज चुनते समय टाईम-टेबल का विशेष ध्यान रखना होगा।
छात्रों के पास मीडियम चुनने के कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। आप चाहें तो दोनों कोर्स को पूरी तरह रेगुलर रख सकते हैं। या फिर एक कोर्स रेगुलर और दूसरा ओपन मोड से कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन भी खुला हुआ है।
कौन कर सकता है इसके लिए अप्लाई
इसमें विषयों के चयन की पूरी आजादी दी गई है। उदाहरण के लिए आप B.Com और B.A साथ में कर सकते हैं। आप चाहें तो इतिहास और कंप्यूटर की पढ़ाई साथ कर सकते हैं। आर्ट्स और साइंस के विषयों को भी साथ चुना जा सकता है।
बस आपको दोनों कॉलेजों के एडमिशन नियमों को पूरा करना होगा। अगर किसी कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम है, तो वह पास करना होगा। दोनों जगहों पर आपको अलग-अलग फीस भी जमा करनी होगी। कॉलेज अटेंडेंस का नियम भी पूरा करना पड़ेगा।
UGC Dual Degree Rules
एक साथ दो डिग्री के फायदे
अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी हासिल करते हैं। जैसे आप मैनेजमेंट के साथ कोडिंग भी सीख सकते हैं।
इससे करियर में आगे बढ़ने के कई नए रास्ते खुलते हैं। आप एक समय में दो अलग करियर के लिए तैयार होते हैं। वे कम एज में ही
ज्यादा से ज्यादा नॉलेज पाना चाहते हैं। इससे आपकी सीखने की कैपेबिलिटी और मेन्टल डेवलपमेंट भी तेजी से होता है। यह आपके आत्मविश्वास को बहुत ज्यादा बढ़ाता है।
इसके कुछ नुकसान और चुनौतियां भी हैं
कई बार दोनों यूनिवर्सिटी की परीक्षा की तारीखें एक हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में आपको कोई एक परीक्षा छोड़नी पड़ सकती है। इससे आपका पूरा साल बेकार होने का खतरा बना रहता है। इसलिए समझदारी से ही विषयों का चुनाव करना चाहिए।
इसके अलावा कॉलेज में अटेंडेंस का दबाव भी एक बड़ी समस्या है। दोनों कॉलेजों में 75 परसेंटेज अटेंडेंस बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है। इस चक्कर में छात्र किसी भी विषय को गहराई से नहीं सीख पाते। उनका पूरा समय सिर्फ भागदौड़ में ही बीत जाता है।
एडमिशन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कॉलेज प्रिंसिपल्स (degree check) को अपने इस फैसले की जानकारी जरूर दें। रिटेन परमिशन लेना फ्यूचर के लिए हमेशा सुरक्षित रहता है। परीक्षा के टाइम टेबल पर लगातार अपनी नजर बनाए रखें। किसी भी तरह की लापरवाही आपका बड़ा नुकसान कर सकती है।
अंत में, अपनी कैपेसिटी का सही असेसमेंट जरूर कर लें। क्या आप सच में इतना ज्यादा दबाव झेलने के लिए तैयार हैं? अगर हां, तो यूजीसी का ये नियम आपके लिए बेहतरीन मौका है। सही प्लानिंग के साथ आप अपने करियर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
FAQ
- क्या भारत में एक साथ दो रेगुलर डिग्री करना कानूनी रूप से मान्य है?
हां, UGC की नई गाइडलाइंस के अनुसार अब भारत में एक साथ दो रेगुलर डिग्री करना पूरी तरह से मान्य है। बस दोनों कोर्स की क्लास का समय अलग होना चाहिए। - क्या मैं दो अलग-अलग कॉलेजों से एक साथ डिग्री ले सकता हूं?
हां, आप एक ही यूनिवर्सिटी या दो अलग-अलग मान्यता प्राप्त कॉलेजों से एक साथ दो डिग्रियां ले सकते हैं। इसके लिए आपको दोनों जगह अलग से एडमिशन लेना होगा। - यदि दोनों परीक्षाओं की तारीख एक ही दिन आ जाए तो क्या करें?
यह इस फैसले की सबसे बड़ी चुनौती है। यदि परीक्षा की तारीखें आपस में टकराती हैं, तो आपको अपनी सुविधा के अनुसार कोई एक परीक्षा छोड़नी पड़ेगी।
आधार कार्ड में नाम कैसे बदलें, जानिए गजट नोटिफिकेशन के नए नियम
Career tips: अपने इंटरेस्ट के मुताबिक चुनना है सही स्ट्रीम, तो इन पैरामीटर्स को जरूर करें ट्राई
career guidance: अगर फ्रीलांसिंग में बनाना चाहते हैं करियर, तो ऐसे करें इसकी शुरुआत
New Career Options: ये हैं नए जमाने के 10 नए कोर्स, जो कर सकते हैं आपकी जेब की कड़की दूर
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari