मध्य प्रदेश के ऐसे 8 म्यूजियम, जहां आज भी हजारों साल पुराने इतिहास का अनुभव होता है
MP ke famous museum: भोपाल में बना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय बाकी म्यूजियम से एकदम अलग है। यहां पूरे भारत के आदिवासियों के असली घर और उनकी पूरी जीवनशैली को हूबहू दिखाया गया है।
मध्य प्रदेश के फेमस म्यूजियम: ग्वालियर का जय विलास महल सिंधिया राजाओं की बहुत बड़ी कोठी है। यहां की सारी चीजें यूरोपीय स्टाइल की हैं, खासकर वो जबरदस्त हॉल जहां चांदी की ट्रेन डाइनिंग टेबल पर खाना परोसती थी।
भोपाल का यह सरकारी म्यूजियम, यानी राज्य पुरातत्व संग्रहालय, पुराने जमाने के खजानों से भरा है। (Bhopal State Museum) यहां 3 हजार साल पुरानी मूर्तियां हथियार और ऐसे अनमोल सामान रखे हैं।
यह म्यूजियम सांची के बड़े स्तूप के पास ही है। यहां आपको खुदाई में मिली पुरानी और असली चीजें देखने को मिलेंगी। (मध्य प्रदेश में कितने म्यूजियम है) सबसे खास बात आप यहां अशोक स्तंभ के मशहूर चार शेर वाले हिस्से को भी देख सकते हैं।
भोपाल का यह म्यूजियम आदिवासियों की अपनी दुनिया जैसा है, (भोपाल स्टेट म्यूजियम ) जहां मध्य प्रदेश की अलग-अलग जातियों की शानदार और रंग-बिरंगी कला देखने को मिलती है।
इंदौर का यह म्यूजियम उन लोगों के लिए टाइम मशीन जैसा है जो बहुत पुराने समय में झांकना चाहते हैं। यहां हजारों साल पुराने औजार और पत्थर की मूर्तियां भरी पड़ी हैं।
धुबेला में मौजूद यह म्यूजियम बुंदेलखंड के महान राजा छत्रसाल की पूरी कहानी सुनाता है। यहां आपको छत्रसाल की वीरगाथाओं से जुड़ी पुरानी तलवारें, उनके जमाने के हथियार और कपड़े देखने को मिलेंगे।
ग्वालियर का यह म्यूजियम मानसिंह और उनकी रानी मृगनयनी की प्रेम कहानी से जुड़ा है। यह जगह खासकर अपनी बहुत पुरानी और सबसे खास 'शालभंजिका' की मूर्ति के लिए मशहूर है।