बुच ने शुक्ल से कहा,आप गंभीर नहीं: यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने बुच से वापस ले लिए 14 विभाग और बना दिया प्रशासक

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बुच ने शुक्ल से कहा,आप गंभीर नहीं: यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने बुच से वापस ले लिए 14 विभाग और बना दिया प्रशासक

किस्सा यूं है कि मध्यप्रदेश (MP) के स्मार्ट औऱ चार्मिंग मुख्यमंत्री के रूप में शुमार श्यामाचरण शुक्ल की पत्नी पद्मिनी शुक्ल पीलिया की वजह से बीमार पड़ गईं। उनके फिजीशियन ने इसकी वजह गंदा पानी पीना बताई। इससे चिंतित शुक्ल ने आईएएस (IAS) अफसर महेश नीलकंठ बुच को मुख्यमंत्री निवास (CM House) बुलाकर शहर में गंदे पानी की समस्या का समाधान करने को कहा। इस पर बुच ने उन्हें जो जवाब दिया उसे सुनकर वे अचंभित हो गए। साफगोई के लिए मशहूर बुच ने सीएम से कहा, लगता है आप समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। आप जरूर जानना चाहेंगे कि आखिर एक अफसर ने प्रदेश सरकार के मुखिया को ऐसा जवाब क्यों दिया ?

बुच के पास थी 14 विभागों की जिम्मेदारी

दरअसल शुक्ल की सरकार के समय एमएन बुच के पास मंत्रालय में एक साथ 14 विभागों की जिम्मेदारी थी। बुच के सवाल पर मुख्मंत्री शुक्ल ने जानना चाहा कि आखिर वे ऐसा क्यों कह रहे हैं। बुच ने सीएम से कहा कि आप ही बताइए एक साल 14 विभागों का कामकाज देखते हुए मैं किसी समस्या किसी समस्या के समाधान पर कैसे फोकस कर सकता हूं। यह सुनते ही शुक्ल ने बुच को सभी विभागों की जिम्मेदारी से मुक्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने बुच को राजधानी भोपाल का प्रशासक नियुक्त करते हुए शहर में गंदे पानी की सप्लाई का कारगर समाधान करने का जिम्मा सौंपा। इसके साथ ही बुच ने भोपाल में पानी सप्लाई की व्यवस्था में सुधार करने के अलावा शहर की प्लानिंग के नजरिए से कई बड़े और कड़े फैसले लिए। इस जिम्मेदारी के साथ वे भोपाल के बेहतर टाउन प्लानर के रूप में भी विख्यात हुए।

जनहित के मुद्दों पर त्वरित फैसले लेते थे शुक्ल

श्यामाचरण शुक्ल मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल के पुत्र थे। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। पहली बार मार्च 1969 से जनवरी 1972 तक,दूसरी बार दिसम्बर 1975 से अप्रैल 1977 तक।  तीसरी और अखिरी बार उन्होंने कुछ महीनों(दिसम्बर 1989 से मार्च 1990) के लिए ही मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।मध्यप्रदेश के पुराने मुख्यमंत्रियों में श्यामचरण शुक्ल ही सबसे अलग, स्मार्ट औऱ करिश्माई माने जाते थे।उनकी पहचान प्रदेश में इंफ्रास्ट्रचर के विकास और जनहित की योजनाओं के लिए कड़े और त्वरित फैसले लेने वाले मुख्यमंत्री के रूप में की जाती है।

भोपाल में बड़े और छोटे तालाब के बीच वॉटरवे बनाना चाहते थे शुक्ल

श्यामाचरण शुक्ल को राजधानी भोपाल के प्राकृतिक सौंदर्य से खास लगाव था। वेभोपाल के बड़े और छोटे तालाब को कुदरतका खास तोहफा मानते थे। वे इटली के वेनिस की तरहभोपाल में बड़े तालाब के भदभदा से लेकर बाणगंगा से होते हुए छोटे तालाब तक एक वॉटरवे (जलमार्ग) बनाना चाहते थे। उनका मानना था कि इस योजना से भोपाल की पूरी तस्वीर बदली जा सकती है। इसके लिए उन्होंने सर्वे भी कराया। शुक्ल की योजना के मुताबिक भोपाल में नई बसाहट को इसी वॉटरवे के दोनों किनारों पर बसाया जाना था। लेकिन वे ज्यादा दिनों तक प्रदेश की सत्ता मेंरह नहीं पाए और वॉटर-वे की योजना भी मूर्त रूप नहीं ले पाई।

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