Meta में बड़ी छंटनी, 16 हजार कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, जानें क्या है वजह?
News In Short
- मेटा करीब 16 हजार कर्मचारियों को निकालने जा रही है, जिसकी शुरुआत 20 मई से हो सकती है।
- एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से नौकरियों में कटौती की जा सकती है।
- डिज्नी ने एक हजार लोगों को निकाला, मार्वल स्टूडियोज के 8% स्टाफ की हुई छुट्टी।
- भारत के 12 हजार कर्मचारियों सहित कुल 30 हजार लोग प्रभावित हैं।
- इस साल अब तक 73 हजार से ज्यादा आईटी कर्मचारी अपनी नौकरी खो चुके हैं।
News In Detail
आईटी सेक्टर के पेशेवरों के लिए साल 2026 किसी बुरे सपने की तरह बीत रहा है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा, जो फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी है, एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी में है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा आने वाले कुछ महीनों में करीब 16 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है। यह कदम पूरी टेक इंडस्ट्री में मची उथल-पुथल का एक बड़ा हिस्सा है।
मेटा में छंटनी का फेस-1
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा अब तक की सबसे बड़ी रिस्ट्रक्चरिंग यानी पुनर्गठन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसका पहला चरण 20 मई से शुरू होने की आशंका है, जिसमें शुरुआती तौर पर आठ हजार कर्मचारियों की नौकरी जाएगी। पिछले साल 31 दिसंबर की फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी में 79 हजार कर्मचारी कार्यरत थे।
इस छंटनी की सबसे बड़ी वजह मार्क जुकरबर्ग का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के प्रति बढ़ता झुकाव है। कंपनी अपने ऑपरेशंस को सॉफ्टवेयर के जरिए ऑटोमेटेड करना चाहती है, जिससे इंसानी वर्कफोर्स की जरूरत कम हो गई है।
क्या AI है वजह से जा रही कर्मचारियों नौकरी
मेटा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जोर दे रही है, जिसके चलते कंपनी 16 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है। इस छंटनी का असर दुनियाभर में मौजूद मेटा के कर्मचारियों पर पड़ेगा। इसके साथ ही अनुमान है कि कंपनी अपने वर्कफोर्स में करीब 10% की कटौती कर सकती है।
मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग पिछले एक साल से मेटा को AI इंडस्ट्री में सबसे आगे रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए 135 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना है।
मेटा पहले भी 2022 और 2023 में धीमी ग्रोथ और महामारी के कारण करीब 21 हजार नौकरियों में कटौती कर चुकी है। साल 2026 में मेटा अकेली नहीं है, क्योंकि ओरैकल जैसी कंपनियां भी AI को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे दुनियाभर में कर्मचारियों की छंटनी हो रही है।
डिज्नी और मार्वल स्टूडियोज पर भी संकट
नौकरियों पर मंडरा रहा यह खतरा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। मनोरंजन की दुनिया की बेताज बादशाह कंपनी डिज्नी ने भी अपने अलग-अलग विभागों से करीब हजार कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है।
डिज्नी के सीईओ जोश डी अमारो ने खुद इस बड़े आंतरिक बदलाव की घोषणा की है। इस छंटनी का सबसे गहरा असर मार्वल स्टूडियोज पर पड़ा है, जहां के आठ प्रतिशत कर्मचारियों को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी है।
ओरेकल की अजीब शर्त
इधर, अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल (Oracle) ने छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ओरेकल ने वैश्विक स्तर पर 30 हजार लोगों को निकाला है, जिसमें 12 हजार भारतीय कर्मचारी भी शामिल हैं।
कंपनी ने एक कड़ी शर्त रखी है कि जब तक कर्मचारी डॉक्यूसाइन के जरिए भेजे गए पेपर्स पर साइन नहीं करेंगे, उन्हें सेवरेंस पैकेज यानी मुआवजे की राशि नहीं दी जाएगी। कंपनी के इस अड़ियल रवैये ने प्रभावित कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।
73 हजार से ज्यादा लोग अब तक बेरोजगार
टेक जगत में छंटनी (कॉर्पोरेट छंटनी) पर नजर रखने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक कुल 73 हजार 212 टेक कर्मचारी अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। यह आंकड़ा इस बात की तस्दीक करता है कि कंपनियां अब वर्कफोर्स से ज्यादा एआई और जनरेटिव टूल्स पर निवेश करना पसंद कर रही हैं, जो भविष्य में नौकरी के बाजार को पूरी तरह बदल सकता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सुबह 6 बजे आया मेल और जॉब खत्म, ओरेकल इंडिया ने क्यों की 12 हजार इंजीनियर्स की छंटनी?
TCS ने 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी की, जानिए क्या है वजह
TCS, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट ने 1 लाख कर्मचारियों को हटाया, AI के कारण हुई छंटनी
TCS में नॉन-स्किल्ड कर्मचारियों की छंटनी, कंपनी वर्कर्स को दे रही है 2 साल की एडवांस सैलरी