TCS में नॉन-स्किल्ड कर्मचारियों की छंटनी, कंपनी वर्कर्स को दे रही है 2 साल की एडवांस सैलरी
Anjali Dwivedi | Oct 03, 2025, 11:28 IST
TCS
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज अपने 2% वर्कफोर्स, लगभग 12,000 कर्मचारियों की रिडक्शन कर रही है। जानें कंपनी का पूरा कंपनसेशन स्ट्रक्चर, बेंच पर बैठे कर्मचारियों के लिए नियम और अर्ली रिटायरमेंट का विकल्प क्या है?
TCS Jobs:देश की सबसे बड़ी आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने वर्कफोर्स में एक बड़ा बदलाव शुरू किया है। यह IT company करीब 12 हजार कर्मचारियों को बाहर करने का सोच रही है, जो उसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत है।
यह कदम उन कर्मचारियों को निशाना बनाएगा जो कंपनी के अनुसार स्किल नहीं रखते हैं। हालांकि, इस बड़ी छंटनी के बावजूद, TCS ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए एक मानवीय और व्यापक कंपनसेशन और सहायता पैकेज पेश किया है, जो कंपनी के मूल्यों के अनुरूप है।
यह पहल सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि (Tata Consultancy Services) ने अफेक्टेड एम्प्लाइज के लिए करियर ट्रांजिशन और मेंटल हेल्थ हेल्प जैसे जरूरी उपाय भी शुरू किए हैं। कंपनी का कहना है कि इस पुनर्गठन पहल से प्रभावित कर्मचारियों को उनकी पर्सनल सिचुएशन के अनुसार पूरी मदद और केयर दी जाएगी।
TCS द्वारा यह फैसला मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को लेकर लिया गया है जिनके पास कंपनी की मौजूदा तकनीकी जरूरतों के हिसाब से जरूरी स्किल नहीं हैं। आईटी इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे बदलाव और नई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) की बढ़ती मांग के बीच, कंपनियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि उनका वर्कफोर्स इन नई तकनीकों में कुशल हो।
TCS जैसी दिग्गज कंपनी के लिए यह रिस्ट्रक्चरिंग उसकी लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी का हिस्सा है ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके और कॉम्पटीशन में आगे रह सके। कंपनी का मानना है कि इस कदम से वह अपने ऑपरेशन को और कुशल बना पाएगी।
TCS ने कर्मचारियों के सर्विस टेन्योर यानी नौकरी पीरियड के आधार पर मुआवजे का एक डिटेल्ड स्ट्रक्चर तैयार किया है। यह स्ट्रक्चर उन कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा देने पर केंद्रित है जिन्होंने कंपनी को लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं।
मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 से 15 साल तक की नौकरी पूरी करने वाले कर्मचारियों को 1.5 साल की सैलरी मुआवजे के रूप में दी जाएगी। वहीं, जिन कर्मचारियों का सर्विस टेन्योर 15 साल से अधिक है, उन्हें 2 साल के एडिशनल पेमेंट पे किया जाएगा।
इसके अलावा, इन सभी प्रभावित कर्मचारियों को तीन महीने नोटिस पीरिएड की सैलरी भी दी जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों के पास नए अवसर खोजने के लिए पर्याप्त समय और एनुअल सहारा हो।
वे कर्मचारी जो 8 महीने से अधिक समय से बेंच पर हैं (यानी, जिनके पास वर्तमान में कोई प्रोजेक्ट नहीं है), उनके लिए मुआवजा पैकेज अलग है। इन कर्मचारियों को केवल तीन महीने के नोटिस पीरिएड का वेतन ही दिया जाएगा।
बेंच पर होना आईटी कंपनियों में एक नार्मल सिचुएशन है, जब एक प्रोजेक्ट खत्म हो जाता है और कर्मचारी को नया प्रोजेक्ट मिलने का इंतजार होता है। हालांकि, लंबे समय तक बेंच पर रहने वाले कर्मचारियों को अक्सर 'कम कुशल' माना जाता है।
जो कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के करीब हैं, उनके लिए TCS एक अर्ली रिटायरमेंट की पेशकश भी कर रही है, जो एक फायदेमंद विकल्प हो सकता है।
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यह कदम उन कर्मचारियों को निशाना बनाएगा जो कंपनी के अनुसार स्किल नहीं रखते हैं। हालांकि, इस बड़ी छंटनी के बावजूद, TCS ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए एक मानवीय और व्यापक कंपनसेशन और सहायता पैकेज पेश किया है, जो कंपनी के मूल्यों के अनुरूप है।
यह पहल सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि (Tata Consultancy Services) ने अफेक्टेड एम्प्लाइज के लिए करियर ट्रांजिशन और मेंटल हेल्थ हेल्प जैसे जरूरी उपाय भी शुरू किए हैं। कंपनी का कहना है कि इस पुनर्गठन पहल से प्रभावित कर्मचारियों को उनकी पर्सनल सिचुएशन के अनुसार पूरी मदद और केयर दी जाएगी।
छंटनी की वजह और अफेक्टेड एम्प्लाइज
TCS जैसी दिग्गज कंपनी के लिए यह रिस्ट्रक्चरिंग उसकी लॉन्ग टर्म स्ट्रेटेजी का हिस्सा है ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके और कॉम्पटीशन में आगे रह सके। कंपनी का मानना है कि इस कदम से वह अपने ऑपरेशन को और कुशल बना पाएगी।
मुआवजे का स्ट्रक्चर: किसे क्या मिलेगा?
| सर्विस टेन्योर (Service Tenure) | मुआवजे का पैकेज (Compensation Package) |
| 10-15 साल तक | 1.5 साल की सैलरी |
| 15 साल से अधिक | 2 साल का अतिरिक्त वेतन (2 Years’ Additional Salary) |
| सभी प्रभावित कर्मचारी (ऊपर के अलावा) | तीन महीने नोटिस पीरिएड की सैलरी |
इसके अलावा, इन सभी प्रभावित कर्मचारियों को तीन महीने नोटिस पीरिएड की सैलरी भी दी जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों के पास नए अवसर खोजने के लिए पर्याप्त समय और एनुअल सहारा हो।
बेंच पर बैठे कर्मचारियों के लिए खास नियम
बेंच पर होना आईटी कंपनियों में एक नार्मल सिचुएशन है, जब एक प्रोजेक्ट खत्म हो जाता है और कर्मचारी को नया प्रोजेक्ट मिलने का इंतजार होता है। हालांकि, लंबे समय तक बेंच पर रहने वाले कर्मचारियों को अक्सर 'कम कुशल' माना जाता है।
अर्ली रिटायरमेंट का अट्रैक्टिव ऑप्शन
- स्कीम के तहत फायदे: इस स्कीम को चुनने वाले एंप्लॉय को सभी रिटायरमेंट से जुड़े फायदे दिए जाएंगे।
- एडिशनल सैलरी: सर्विस टेन्योर के आधार पर 6 महीने से 2 साल तक का एडिशनल सैलरी भी दिया जाएगा।
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