सुबह 6 बजे आया मेल और जॉब खत्म, ओरेकल इंडिया ने क्यों की 12 हजार इंजीनियर्स की छंटनी?
Kaushiki | Apr 01, 2026, 10:57 IST
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ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। इसमें भारत के 12 हजार लोग शामिल हैं। सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर तत्काल प्रभाव से लैपटॉप एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया।
टेक वर्ल्ड (Tech World) से एक बहुत ही हैरान करने वाली खबर सामने आई है। दिग्गज आईटी कंपनी ओरेकल (Oracle) ने अचानक अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
31 मार्च की सुबह कई प्रोफेशनल्स के लिए एक डरावने सपने जैसी रही। कंपनी ने बिना किसी प्रायर नोटिस के लगभग 30 हजार लोगों को पिंक स्लिप थमा दी है।
सबसे ज्यादा असर भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स पर पड़ा है। हैरान करने वाली बात ये है कि कंपनी का रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद ये बेरहम छंटनी की गई है। चलिए, इस पूरे मामले को डिटेल से समझते हैं।
इस छंटनी से पूरी दुनिया के इंजीनियर प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत से 12 हजार लोग निकाले गए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग क्लाउड सिस्टम डिपार्टमेंट में थे।
ओरेकल इंडिया के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। कई सीनियर मैनेजर्स ने भी अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर लिखी। कई टीमों में 50 फीसदी लोग कम कर दिए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओरेकल का पिछला रेवेन्यू 17.2 बिलियन डॉलर रहा है। ये पिछले 15 साल में कंपनी का बेस्ट डेमोंस्ट्रेशन है। इसके बावजूद कंपनी ने 18 फीसदी वर्कफोर्स को निकाल दिया।
जानकारों का कहना है कि कंपनी पैसा बचाना चाहती है। इस छंटनी से करीब 82 हजार करोड़ रुपए बचेंगे। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान AI पर लगाना चाहती है।
ओरेकल अब फ्यूचर टेक्नोलॉजी में पैसा लगा रहा है। कंपनी ने OpenAI के साथ बड़ी डील की है। ये डील लगभग 156 बिलियन डॉलर की बताई जा रही है।
कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स बना रही है। लैरी एलिसन इसी वजह से दुनिया के सबसे अमीर बने। लेकिन अब एआई बनाने वालों की ही नौकरी जा रही है। अब सोशल मीडिया पर लोग अपना दुख शेयर कर रहे हैं।
रेडिट पर एक यूजर ने बहुत भावुक पोस्ट लिखी। उसने कंपनी को अपनी जिंदगी के 20 साल दिए थे। उसे भी सुबह 5 बजे सिर्फ एक मेल मिला। दूसरे यूजर ने लिखा कि उसके चार साल होने वाले थे। बिना किसी कारण के उसे घर बैठा दिया गया।
ओरेकल (Oracle) दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंपनियों में से एक है। इसका हेडक्वार्टर अमेरिका (Texas) में है। इसके CEO सफरा कैट्ज (Safra Catz) हैं।
इसके फाउंडर मशहूर अरबपति लैरी एलिसन (ओरेकल के संस्थापक)हैं। ओरेकल मुख्य रूप से डेटाबेस मैनेजमेंट के लिए जानी जाती है। इसका मतलब है बड़े-बड़े डेटा को सुरक्षित स्टोर करना। भारत में ओरेकल के बड़े ऑफिस बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और मुंबई में हैं।
यहां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई (AI) पर काम होता है। आसान भाषा में कहें तो, बड़ी बैंक और कंपनियां अपना सारा जरूरी डेटा मैनेज करने के लिए ओरेकल की टेक्नोलॉजी का यूज करती हैं।
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31 मार्च की सुबह कई प्रोफेशनल्स के लिए एक डरावने सपने जैसी रही। कंपनी ने बिना किसी प्रायर नोटिस के लगभग 30 हजार लोगों को पिंक स्लिप थमा दी है।
सबसे ज्यादा असर भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स पर पड़ा है। हैरान करने वाली बात ये है कि कंपनी का रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद ये बेरहम छंटनी की गई है। चलिए, इस पूरे मामले को डिटेल से समझते हैं।
भारत पर हुआ है सबसे बड़ा असर
ओरेकल इंडिया के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। कई सीनियर मैनेजर्स ने भी अपनी आपबीती सोशल मीडिया पर लिखी। कई टीमों में 50 फीसदी लोग कम कर दिए गए।
रिकॉर्ड मुनाफा फिर भी इतनी बड़ी छंटनी
जानकारों का कहना है कि कंपनी पैसा बचाना चाहती है। इस छंटनी से करीब 82 हजार करोड़ रुपए बचेंगे। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान AI पर लगाना चाहती है।
AI और डेटा सेंटर में भारी निवेश
कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स बना रही है। लैरी एलिसन इसी वजह से दुनिया के सबसे अमीर बने। लेकिन अब एआई बनाने वालों की ही नौकरी जा रही है। अब सोशल मीडिया पर लोग अपना दुख शेयर कर रहे हैं।
रेडिट पर एक यूजर ने बहुत भावुक पोस्ट लिखी। उसने कंपनी को अपनी जिंदगी के 20 साल दिए थे। उसे भी सुबह 5 बजे सिर्फ एक मेल मिला। दूसरे यूजर ने लिखा कि उसके चार साल होने वाले थे। बिना किसी कारण के उसे घर बैठा दिया गया।
ओरेकल क्या है
इसके फाउंडर मशहूर अरबपति लैरी एलिसन (ओरेकल के संस्थापक)हैं। ओरेकल मुख्य रूप से डेटाबेस मैनेजमेंट के लिए जानी जाती है। इसका मतलब है बड़े-बड़े डेटा को सुरक्षित स्टोर करना। भारत में ओरेकल के बड़े ऑफिस बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और मुंबई में हैं।
यहां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई (AI) पर काम होता है। आसान भाषा में कहें तो, बड़ी बैंक और कंपनियां अपना सारा जरूरी डेटा मैनेज करने के लिए ओरेकल की टेक्नोलॉजी का यूज करती हैं।
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