किसानों का भारत बंद: हाईवे बंद, ट्रेनें रोकीं; सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की मौत

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किसानों का भारत बंद: हाईवे बंद, ट्रेनें रोकीं; सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की मौत

भोपाल. तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha ) ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। पंजाब और आंध्र प्रदेश सरकार और कांग्रेस-बसपा-सपा समेत कई दल बंद को समर्थन दे चुके हैं। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इस बंद का ज्यादा असर दिखाई दे सकता है। दक्षिण भारत (Southern India) के हैदराबाद, बेंगलुरु में भी बंद का असर है। सुबह ही किसानों ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली-अमृतसर हाईवे बंद कर दिया। कई जगह ट्रेनें रोकी गईं। इस बीच मप्र किसान संगठन के नेता शिव कुमार शर्मा ने कहा कि राजधानी भोपाल में तो पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की है। लेकिन छोटे इलाकों यानी 323 तहसीलों में बंद का असर है। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने भी ट्वीट कर बंद में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी समर्थन के मोदी जी (PM Modi) ने काले कानूनों को लोकसभा में पास करवा दिया। किसानों से चर्चा तक नहीं की, अगर अब भी इस समस्या का हल निकालना चाहते हैं मोदी जी तो अपनी जिद और अहंकार को छोड़कर तीनों कानून को वापस लीजिए।

किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं- दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'किसानों के साथ अन्याय कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। कल भारत बंद है, मैं देश के सभी नागरिकों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि जो अन्न पैदा करके देता है, जो आपको भोजन देता है उस अन्नदाता के साथ खड़े रहिए। किसानों द्वारा उनकी मांगों को लेकर किए जा रहे देश व्यापी बन्द का समर्थन कीजिए।'

क्‍या-क्‍या खुला रहेगा, क्‍या बंद?

40 किसान संगठनों के संगठन संयुक्‍त किसान मोर्चा ने देश के सभी लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है। मोर्चा ने कहा कि बंद का आयोजन सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक के लिए किया गया है। इस दौरान सभी सरकारी और निजी दफ्तर, शिक्षण और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। बंद से सभी आपात प्रतिष्ठानों, सेवाओं, अस्पतालों, दवा की दुकानों, राहत एवं बचाव कार्य और निजी इमरजेंसी वाले लोगों को बाहर रखा गया है। 

बंद से पहले कृषि मंत्री की अपील

बंद से एक दिन पहले 26 सितंबर को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं किसानों से गुजारिश करता हूं कि वे आंदोलन छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाएं। सरकार उनकी ओर से बताई गई आपत्तियों पर विचार करने के लिए तैयार है। इससे पहले भी कई बार बात हो चुकी है। इसके बाद भी उन्हें लगता है कि कोई बात बची है तो सरकार उस पर जरूर अमल करेगी।

कहां कैसा हुआ प्रदर्शन?

किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली, यूपी और आसपास के इलाकों में पुलिस अलर्ट पर है। हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की मौत हुई है। पुलिस का कहना है कि किसान की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। बाकी जानकारी पोस्टमॉर्टम के बाद ही दी जाएगी। झारखंड के देवघर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रोड जाम की। इस दौरान लेफ्ट, कांग्रेस और जेएमएम (JMM) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान चेन्नई में बवाल हुआ। यहां प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़े गए, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।

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