अयोध्या में राम भक्तों के लिए बन रही आधुनिक टेंट सिटी, आंदोलन के महापुरुषों के नाम पर नगर, जानिए क्या रहेंगी सुविधाएं
Vikram Jain | Jan 05, 2024, 24:00 IST
अयोध्या में राम भक्तों के लिए बन रही आधुनिक टेंट सिटी, आंदोलन के महापुरुषों के नाम पर नगर, जानिए क्या रहेंगी सुविधाएं
अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के महापुरुषों के नाम पर टेंट सिटी बसाई गई।
AYODHYA. अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर चल रही हैं। हर कोई राम भक्त अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर देखना चाहता और दर्शन करना चाहता हैं। अयोध्या में आने वाले भक्तों के ठहरने के लिए व्यवस्था भी बड़े पैमाने पर की जा रही है। यहां टेंट सिटी तैयार की गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से बसाई जा रही टेंट सिटी को छह नगरों में बांटा गया है। 6 नगरों में बांटा गया है। इसके साथ ही टेंट सिटी में भोजन, बिजली, पानी और अस्पताल की व्यवस्था होगी।
संतों के लिए तैयार हो रहे 14 सौ कमरे
तीर्थक्षेत्रपुरम यानी पुराना बाग बिजेसी में तैयार की जा रही टेंट सिटी को छह नगरों में बांटा गया है। हर नगर में ओपीडी होंगे। तीन सौ वाहनों की पार्किंग स्थल बनाई गई। प्रत्येक नगर की देखरेख के लिए गली प्रमुख तैनात रहेंगे। संतों के लिए 14 सौ कमरे तैयार किए गए हैं। इन नगरों के नाम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन देने वाले महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं। सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की देख-रेख के लिए गली प्रमुख तैनात करने की तैयारी चल रही है।
इन महापुरुषों के नाम पर होंगे नगर
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय पदाधिकारी और तीर्थ क्षेत्र पुरम के प्रभारी कोटेश्वर ने बताया कि परमहंस रामचंद्र दास, गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ, बाबा राम अभिलाष दास, वामदेव जी महाराज सहित वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मोरोपंत पिंगले और ओंकार भावे के नाम पर नगरों के नाम हैं। प्रशासनिक भवन क्षेत्र को अशोक सिंघल परिसर नाम दिया गया है। ये टेंट सिटी 20 एकड़ की भूमि पर बसाई जा रही है। यहां पर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले भक्तों को रुकने का बंदोबस्त किया जाएगा. इस टेंट सिटी का काम उसे ही सौंपा गया है, जिसे कुंभ आदि में टेंट सिटी का काम करने का अनुभव है।
टेंट सिटी में भोजन, पानी और पार्किंग की व्यवस्था
प्रत्येक नगर में वॉटर सप्लाई के लिए 2 नलकूप होंगे। इसके अतिरिक्त 3- 3 हजार लीटर का वॉटर टैंक भी होगा। प्रत्येक नगर के लिए 12 हजार लीटर पानी का इंतजाम किया गया है। पूरे परिसर ध्वनि विस्तारक यंत्र की भी व्यवस्था रखी गई है। केंद्रीय प्रसारण के अलावा हर नगर का अपना सूचना प्रसारण केंद्र होगा ताकि भोजन जलपान के लिए बुलाया जा सके। पुस्तकों का स्टॉल भी लगाया जाएगा। पुरम के 5 भोजनालय एक संस्था चलाएगी। करीब तीन सौ वाहनों की पार्किंग के साथ ही चालकों को ठहराने का अलग इंतजाम है। यहां तीन बेड के कमरे के साथ ही शौचालय भी होगा।
दस बिस्तर वाला अस्पताल भी होगा
हर नगर में ओपीडी की व्यवस्था की गई है। यहां दस बिस्तर वाला अस्पताल भी बनाया गया। कोटेश्वर के अनुसार तीन कंपनियों को मोबाइल टॉवर के लिए जगह आवंटित कर दी गई है। दो गाड़ियों से लैस नलकूप समेत फायर स्टेशन भी होगा। परिसर के प्रभारी गजेन्द्र के मुताबिक बिजली आपूर्ति के लिए पुरम में तीन ट्रांसफॉर्मर होंगे।
संतों के लिए तैयार हो रहे 14 सौ कमरे
तीर्थक्षेत्रपुरम यानी पुराना बाग बिजेसी में तैयार की जा रही टेंट सिटी को छह नगरों में बांटा गया है। हर नगर में ओपीडी होंगे। तीन सौ वाहनों की पार्किंग स्थल बनाई गई। प्रत्येक नगर की देखरेख के लिए गली प्रमुख तैनात रहेंगे। संतों के लिए 14 सौ कमरे तैयार किए गए हैं। इन नगरों के नाम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन देने वाले महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं। सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की देख-रेख के लिए गली प्रमुख तैनात करने की तैयारी चल रही है।
इन महापुरुषों के नाम पर होंगे नगर
विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय पदाधिकारी और तीर्थ क्षेत्र पुरम के प्रभारी कोटेश्वर ने बताया कि परमहंस रामचंद्र दास, गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ, बाबा राम अभिलाष दास, वामदेव जी महाराज सहित वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मोरोपंत पिंगले और ओंकार भावे के नाम पर नगरों के नाम हैं। प्रशासनिक भवन क्षेत्र को अशोक सिंघल परिसर नाम दिया गया है। ये टेंट सिटी 20 एकड़ की भूमि पर बसाई जा रही है। यहां पर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले भक्तों को रुकने का बंदोबस्त किया जाएगा. इस टेंट सिटी का काम उसे ही सौंपा गया है, जिसे कुंभ आदि में टेंट सिटी का काम करने का अनुभव है।
टेंट सिटी में भोजन, पानी और पार्किंग की व्यवस्था
प्रत्येक नगर में वॉटर सप्लाई के लिए 2 नलकूप होंगे। इसके अतिरिक्त 3- 3 हजार लीटर का वॉटर टैंक भी होगा। प्रत्येक नगर के लिए 12 हजार लीटर पानी का इंतजाम किया गया है। पूरे परिसर ध्वनि विस्तारक यंत्र की भी व्यवस्था रखी गई है। केंद्रीय प्रसारण के अलावा हर नगर का अपना सूचना प्रसारण केंद्र होगा ताकि भोजन जलपान के लिए बुलाया जा सके। पुस्तकों का स्टॉल भी लगाया जाएगा। पुरम के 5 भोजनालय एक संस्था चलाएगी। करीब तीन सौ वाहनों की पार्किंग के साथ ही चालकों को ठहराने का अलग इंतजाम है। यहां तीन बेड के कमरे के साथ ही शौचालय भी होगा।
दस बिस्तर वाला अस्पताल भी होगा
हर नगर में ओपीडी की व्यवस्था की गई है। यहां दस बिस्तर वाला अस्पताल भी बनाया गया। कोटेश्वर के अनुसार तीन कंपनियों को मोबाइल टॉवर के लिए जगह आवंटित कर दी गई है। दो गाड़ियों से लैस नलकूप समेत फायर स्टेशन भी होगा। परिसर के प्रभारी गजेन्द्र के मुताबिक बिजली आपूर्ति के लिए पुरम में तीन ट्रांसफॉर्मर होंगे।
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