सिंहस्थ 2028: उज्जैन में 92.25 करोड़ रुपए से बनेंगे नौ भव्य प्रवेश द्वार, 18 महीने में निर्माण का लक्ष्य

Kaushiki | Oct 24, 2026, 14:17 IST
Share
उज्जैन में बनेंगे 9 भव्य प्रवेश द्वार, दिखेगी कुंभ नगरी
उज्जैन में बनेंगे 9 भव्य प्रवेश द्वार, दिखेगी कुंभ नगरी

सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत अब भव्य द्वार करेंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण शहर के नौ प्रमुख स्थानों पर उज्जैन प्रवेश द्वार बनवाएगा। इस पर 92.25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। फिलहाल दो द्वारों से शुरुआत हो रही है। कार्यादेश के बाद सभी द्वार 18 महीने में पूरे करने हैं। पत्थरों पर नक्काशी होगी और रखरखाव भी एजेंसियां करेंगी।

उज्जैन प्रवेश द्वार क्यों होंगे खास

उज्जैन सिंहस्थ की तैयारी में ये द्वार शहर की पहली झलक बनेंगे। सिंहस्थ कुंभ 2028 में भारी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। उन्हें सबसे पहले यही उज्जैन प्रवेश द्वार दिखेंगे।

तीन भागों में बंटी है योजना

यूडीए ने पूरी परियोजना को तीन भागों में बांटा है। हर भाग में तीन द्वार बनेंगे।

पहले भाग में कौन से द्वार बनेंगे?

पहले भाग में त्रिशूल द्वार, विक्रमादित्य द्वार और डमरू द्वार प्रस्तावित हैं। शुरुआती दो द्वार कौन से होंगे, यह अभी साफ नहीं है।

दूसरे और तीसरे भाग में क्या होगा?

दूसरे भाग में अमृत द्वार, पंचजन्य द्वार और गज द्वार बनाए जाएंगे। तीसरे भाग में कालगणना द्वार, उज्जैनी द्वार और सिंहस्थ द्वार शामिल हैं। यानी तीनों भागों में तीन-तीन द्वार हैं। नौ द्वार और 18 महीने की समय-सीमा।

उज्जैन के नए गेट कैसे दिखेंगे

उज्जैन के नए गेट पीले, गुलाबी और सफेद पत्थरों से बनेंगे। इन पर सनातन परंपरा, सिंहस्थ संस्कृति और राजकीय गौरव को दर्शाया जाएगा। खगोल कालगणना भी इन द्वारों पर उकेरी जाएगी।

खगोल कालगणना यानी तारों और ग्रहों की चाल से समय गिनने की परंपरा। बंसी पहाडपुर और जैसलमेर के पत्थरों पर कलात्मक नक्काशी होगी। इसी नक्काशी से द्वारों को भव्य स्वरूप दिया जाएगा।

लेकिन असली कहानी सिर्फ सजावट की नहीं है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उज्जैन की परंपरा की जानकारी भी मिलेगी। पर्यटकों और आगंतुकों को विरासत की जानकारी देना भी लक्ष्य है।

सिंहस्थ 2028: 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए 8 लाख टन सब्जी और फूलों की होगी जरूरत, मध्य प्रदेश का खास रोडमैप तैयार | Simhastha 2028: 8 Lakh Tonnes of Vegetables and Flowers Needed for 40 Crore Devotees, Madhya Pradesh's Special Roadmap Ready
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में कैसे भरेगी करोड़ों श्रद्धालुओं की थाली? कैसे होगा इंतजाम
23 Oct 2026 ,
By Aman Vaishnav
उज्जैन में साल 2028 में महाकुंभ यानी सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है। इतने बड़े आयोजन की व्यवस्थाएं अगर अभी से न बनाई जाएं तो बाद में भारी अव्यवस्था हो सकती है। बता दें कि सिंहस्थ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आने की उम्मीद है। इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए उद्यानिकी विभाग ने 2 साल का एक मजबूत रोडमैप तैयार किया है।
उज्जैन में साल 2028 में महाकुंभ यानी सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है। इतने बड़े आयोजन की व्यवस्थाएं अगर अभी से न बनाई जाएं तो बाद में भारी अव्यवस्था हो सकती है। बता दें कि सिंहस्थ में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आने की उम्मीद है। इतनी बड़ी मांग को पूरा करने के लिए उद्यानिकी विभाग ने 2 साल का एक मजबूत रोडमैप तैयार किया है।

सिंहस्थ कुंभ 2028 में श्रद्धालुओं को क्या मिलेगा

श्रद्धालु जब शहर में आएंगे, तो उन्हें पहले द्वार दिखेंगे। द्वारों पर सिंहस्थ संस्कृति और सनातन परंपरा की झलक होगी। खगोल कालगणना की जानकारी भी पत्थरों पर देखने को मिलेगी। योजना श्रद्धालुओं को उज्जैन की धार्मिक पहचान से परिचित कराएगी। सांस्कृतिक पहचान की झलक भी मिलेगी।

नौ प्रमुख स्थानों पर बनेंगे द्वार

यूडीए ने शहर के नौ प्रमुख स्थानों को चुना है। इन स्थानों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। खबर के साथ नौ द्वारों की डिजाइन की 6 तस्वीरें भी दी गई हैं।

92.25 करोड़ रुपए का औसत हिसाब

92.25 करोड़ रुपए में नौ द्वार बनेंगे। औसतन हर द्वार पर करीब 10.25 करोड रुपए खर्च आएगा। यह औसत सिर्फ हिसाब से निकला है।

क्या समय पर तैयार होंगे द्वार?

सिंहस्थ में अब समय कम बचा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि द्वार समय पर तैयार हो पाएंगे या नहीं। 18 महीने की गिनती कार्यादेश जारी होने के बाद शुरू होगी। ऐसे में शुरुआती दो द्वारों का काम अहम हो जाता है। क्या ये दोनों द्वार वक्त पर तैयार होंगे?

पांच साल तक कौन संभालेगा रखरखाव?

निर्माण एजेंसियों को द्वार बनाने के साथ रखरखाव भी करना होगा। यह जिम्मेदारी पांच साल तक रहेगी। यानी निर्माण के बाद भी एजेंसियों का काम खत्म नहीं होगा। रखरखाव यानी द्वारों की देखरेख और मरम्मत। पत्थर की नक्काशी को लंबे समय तक देखभाल चाहिए। निर्माण का काम एजेंसियों को दिया जाएगा। यूडीए ही इस परियोजना को पूरा करवाएगा।

उज्जैन सिंहस्थ 2028: ओंकारेश्वर में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की तैयारी, 938 करोड़ का मेगा प्लान | Ujjain Simhastha 2028: Record Crowd Expected in Omkareshwar, 938 Crore Mega Plan
2016 से कितना अलग होगा उज्जैन सिंहस्थ 2028 का मेला, बनेंगे आठ नए घाट और सस्पेंशन ब्रिज, ऐसे नियंत्रित होगी भीड़
17 Oct 2026 ,
By Kaushiki
Singhastha 2028: सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में खास तैयारियां चल रही हैं। इस महाकुंभ में करीब छह करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे। भीड़ को संभालने के लिए 938 करोड़ रुपए से नए घाट, सस्पेंशन ब्रिज और पार्किंग बनाई जा रही है। आइए जानें सिंहस्थ 2028 के प्लान की पूरी जानकारी।
Singhastha 2028: सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में खास तैयारियां चल रही हैं। इस महाकुंभ में करीब छह करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे। भीड़ को संभालने के लिए 938 करोड़ रुपए से नए घाट, सस्पेंशन ब्रिज और पार्किंग बनाई जा रही है। आइए जानें सिंहस्थ 2028 के प्लान की पूरी जानकारी।
FAQs:

  1. उज्जैन में नए प्रवेश द्वार क्यों बनाए जा रहे हैं?
    उज्जैन में नए प्रवेश द्वार इसलिए बनाए जा रहे हैं क्योंकि वे सिंहस्थ कुंभ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शहर की पहली झलक होंगे। इन द्वारों पर सिंहस्थ संस्कृति और सनातन परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।
  2. उज्जैन के नए प्रवेश द्वार किस प्रकार के होंगे?
    उज्जैन के नए प्रवेश द्वार पीले, गुलाबी और सफेद पत्थरों से बनेंगे, जिन पर सनातन परंपरा, सिंहस्थ संस्कृति और खगोल कालगणना की जानकारी उकेरी जाएगी।
  3. उज्जैन के नए प्रवेश द्वारों का निर्माण कब तक पूरा होगा?
    उज्जैन के नए प्रवेश द्वारों का निर्माण 18 महीने के भीतर पूरा होना है, जिसके बाद रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसियों पर होगी।
Tags:
  • उज्जैन प्रवेश द्वार
  • उज्जैन विकास प्राधिकरण
  • सिंहस्थ कुंभ 2028
  • उज्जैन सिंहस्थ की तैयारी
  • त्रिशूल द्वार
  • रवि सोलंकी
  • उज्जैन में 9 प्रवेश द्वार
  • Simhastha 2028
  • Ujjain entry gates
  • Simhastha Kumbh 2028
जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी, 11 बजे तक 19.28% मतदान; दूदू सबसे आगे

By Ashish Bhardwaj

जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी, 11 बजे तक 19.28% मतदान; दूदू सबसे आगे
एमपी में ओबीसी आरक्षण विवाद फिर गरमाया: 27% आरक्षण की मांग तेज, सामान्य वर्ग ने 13% होल्ड पद मांगे

By Sanjay Gupta

एमपी में ओबीसी आरक्षण विवाद फिर गरमाया: 27% आरक्षण की मांग तेज, सामान्य वर्ग ने 13% होल्ड पद मांगे
जबलपुर पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिन तक कार्यकर्ताओं और युवा स्वयंसेवकों से करेंगे संवाद

By Neel Tiwari

जबलपुर पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिन तक कार्यकर्ताओं और युवा स्वयंसेवकों से करेंगे संवाद
12 करोड़ की गोल्ड ट्रेडिंग ठगी में छठा आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते किराए पर देकर करता था मदद

By Ashish Bhardwaj

12 करोड़ की गोल्ड ट्रेडिंग ठगी में छठा आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते किराए पर देकर करता था मदद
उज्जैन के अधिकारी ने थाईलैंड में खाया मगरमच्छ का मांस, पत्नी के साथ वीडियो वायरल, आयुक्त बोले- विदेश जाने की अनुमति नहीं ली

By Manya Jain

उज्जैन के अधिकारी ने थाईलैंड में खाया मगरमच्छ का मांस, पत्नी के साथ वीडियो वायरल, आयुक्त बोले- विदेश जाने की अनुमति नहीं ली
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में कार्रवाई से लेकर शिक्षकों की टीईटी तक, सियासत और सिस्टम पर उठे सवाल

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में कार्रवाई से लेकर शिक्षकों की टीईटी तक, सियासत और सिस्टम पर उठे सवाल
नगरीय निकाय खरीदी में भ्रष्टाचार पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- जिम्मेदारों को किया है सस्पेंड, ब्लैकलिस्ट

By Sanjay Gupta

नगरीय निकाय खरीदी में भ्रष्टाचार पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- जिम्मेदारों को किया है सस्पेंड, ब्लैकलिस्ट